खतौली/रतनपुरी। फुलत स्थित मदरसा दारुल उलूम रहीमिया से जुड़े चर्चित प्रकरण में रतनपुरी थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मदरसा संचालक के पुत्र जुनेद अंसारी को अवैध तमंचे और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

पुलिस के अनुसार, ग्राम फुलत निवासी एक व्यक्ति की तहरीर पर मदरसा संचालक मौलाना हिफजुर्रहमान अंसारी और उनके पुत्र जुनेद अंसारी के खिलाफ कथित अवैध धर्मांतरण के आरोप में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद से पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश में जुटी थी।

बुधवार को सटेड़ी-फुलत मार्ग पर वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने जुनेद अंसारी को संदिग्ध अवस्था में रोका। तलाशी लेने पर उसके पास से एक अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस बरामद हुआ, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस बरामदगी के आधार पर उसके खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई।
यह मामला उस समय चर्चा में आया था जब योग आश्रम बघरा के संचालक स्वामी यशवीर महाराज ने प्रेस वार्ता कर आरोप लगाया था कि फुलत स्थित मदरसे में कथित रूप से लोगों को प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराया जा रहा है। उन्होंने मदरसा संचालक और उनके पुत्र पर इस नेटवर्क के संचालन का आरोप लगाया था। साथ ही मदरसे के एक हिस्से के ग्राम समाज की भूमि पर बने होने और उसकी संपत्तियों एवं फंडिंग की जांच की भी मांग की थी।
थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। फरार नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

