पिता को हथौड़ी और मां को कुकर से मार डाला, जानें नाबालिग लड़की ने कैसे रची प्रेमी संग हत्या की साजिश

टेल्को की मंडल बस्ती में बेटी ने प्रेमी के साथ मिलकर पहले पिता भूपेन्द्र की हथौड़ी से मारकर हत्या की। इसके बाद जब दरवाजे पर मां ने रोकने की कोशिश की तो उसे कुकर से वार कर मार डाला।

गिरफ्तारी के बाद जो स्वीकारोक्ति बयान हत्यारोपियों ने दिया है, उसके अनुसार रविवार की रात लगभग 9 बजे अपनी स्कूटी को डीवीसी जंगल के पास खड़ा कर आरोपी सलित भूपेंद्र के घर पहुंच गया था। मां सविता को इस प्रेम प्रसंग के बारे में पता था, इसलिए उसने ऐतराज नहीं किया। अक्सर सलित आने के बाद उससे मिलकर चला जाता था। घर में आने के बाद वह आंगन में जाकर छिप गया, क्योंकि पहले से ही उसने तय किया था कि रात को वह नाबालिग को लेकर भाग जाएगा और फिर शादी कर लेगा। भागने वाली बात न तो लड़की ने अपनी मां को बताई थी और न ही सलित ने ही कुछ कहा था। लिहाजा उसके आने पर मां ने कुछ नहीं कहा। दोनों ने रात 2.30 से 3 बजे के बीच भूपेंद्र और सविता की हत्या की थी। मंगलवार को बेटे अजय और मंटू ने शवों को मुखाग्नि दी।

दंपती की मौत पर बर्मामांइस हरिजन बस्ती में कैंडल मार्च निकाला गया। आयोजन मुखी समाज के नेता व बस्ती के पूर्व मुखिया महेश मुखी ने किया। बर्मामाइंस गोलचक्कर पर लोग एकत्रित हुए, उसके बाद बारिश के बावजूद कैंडल लेकर मंडल बस्ती तक मार्च किया।

सविता ने दरवाजे पर आकर दोनों को बाहर निकलने से रोक दिया। सलित ने सविता से कहा कि वह नाबालिग को लेकर जा रहा है और शादी कर कहीं और बस जाएगा। उसने भूपेन्द्र को मारा है यह किसी से बताएगी तो बेटी को भी जिंदा नहीं देखेगी। इसपर सविता ने दरवाजे पर खड़े होकर दोनों को जाने से रोक दिया। खुद को फंसते देख सलित ने कमरे में ही रखे कुकर से वार कर दिया।

दंपती के शव का मंगलवार को स्वर्णरेखा बर्निंग घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। पटना से परिजन सोमवार देर रात शहर पहुंचे। उसमें दोनों बच्चों के साथ नानी व अन्य रिश्तेदार आए थे। सभी मंगलवार सुबह टेल्को थाना पहुंचे, जहां भूपेंद्र के भाई जितेन्द्र प्रसाद के बयान पर पहले हत्या का केस किया गया।

गिरफ्तारी के बाद नाबालिग ने कहा कि उससे सलित ने ही सुसाइड नोट लिखवाया था। कई बार उससे गलती हो रही थी, जिसे सलित ने ही ठीक कराया था। इस कारण नोट में कई जगहों पर काट-छांट की गयी है। हत्या के बाद उसने शवों के सामने ही बेटी से नोट लिखने को कहा था।

बर्मामाइंस हरिजन बस्ती के मुखिया कालिया मुखीया की तरफ से अंतिम संस्कार के तमाम इंतजाम किए गए। शव को एमजीएम कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस से दोपहर में बर्मामाइंस के हरिजन बस्ती में लाया गया। यहां परिजनों के अलावा बस्ती के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था।

हत्या के बाद दोनों वहां से पैदल ही डीवीसी जंगल की तरफ गए, जहां स्कूटी थी। उससे दोनों बिरसानगर स्थित घर तड़के चार बजे पहुंचे। तड़के तीन बजे वे मंडल बस्ती से निकले थे। इस कारण खोजी कुत्ता घर से महज 300 मीटर ही गया था।

बस्ती के लोग उनदोनों के बीच के संबंध को जानते थे, लेकिन घटना के बाद किसी ने यह बात पुलिस को नहीं बताई। सलित से नाबालिग का संबंध है, उसकी दो सहेलियां भी जानती थीं। सोमवार को जब उनसे पूछताछ की गई तो पुलिस को इसके बारे में कुछ सुराग हाथ लगा था और उनसे ही नाबालिग के पास एक और मोबाइल है, इसके बारे में पता चल गया था।

खुद को पकड़े देखकर सलित ने उसके साथ पहले हाथापाई की, लेकिन जब छूट नहीं पा रहा था तो उसकी नाबालिग बेटी ने पास पड़े हथौड़ी से अपने पिता के सिर पर हमला कर दिया। सिर पर हथौड़े से वार होते ही उसने सलित को छोड़ दिया। इसके बाद सलित हथौड़ी लेकर भूपेन्द्र के सिर पर तब तक प्रहार करता रहा, जबतक कि उसकी जान नहीं चली गई। यह सब दो से तीन मिनट के अंदर हो गया। तब तक दूसरे कमरे में सो रही भूपेन्द्र की पत्नी सविता आ गई। जब नाबालिग को बरामद किया गया तो उसने पुलिस से कहा कि सलित ने ही उसके माता-पिता की हत्या की है। जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो सच उगल दिया।

जब पुलिस ने आरोपी को बिरसानगर में उसके घर से पकड़ा तो बस्ती के लोग वहां एकत्रित हो गए और उसकी पिटाई कर दी। यहां इसे लेकर काफी देर तक हंगामा होता रहा। जब लोगों ने उसे पीटा तो उसने कहा कि हत्या बेटी ने की है, वह तो उसे बचाकर अपने घर में लाया है।

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