पानी की तरह बहाए पैसे, 40 लाख से बनाया ट्रेक, हालत ऐसी कि चार कदम चलना भी मुश्किल

खेल प्रतिभाओं को निखारने व उन्हें दौड़ की विधा में अव्वल बनाने के लिए पीजी कॉलेज मैदान पर 40 लाख रुपए पानी की तरह बहाकर जिले का पहला 400 मीटर लंबा ट्रेक बनाया। लेकिन रखरखाव के अभाव में इस ट्रेक की मट्टी पलिती हो गई है। यहां मैदान पर चुनावी सीजन के दौरान हुई अवैध वाहन पार्किंग ने ट्रेक को इस कदर रौंदा है कि यहां अब दौडऩा तो दूर चार कदम संभलकर चलना भी मुश्किल हो गया है। पहियों की छूटी छाप में बारिश का पानी भर गया। यहां मैदान में जमा पानी को बाहर निकालने के लिए नाली बनाई है, लेकिन इस बार उसे भी नहीं खोला। लिहाजा पानी बाहर नहीं हो पाया।
कॉलेज मैदान में यह ट्रेक करीब वर्ष 2014 में यूजीसी ने तैयार किया। निर्माण के दौरान ही गुणवत्ता पर सवाल उठे। जैसे-तैसे बनकर तैयार हुआ तो रखरखाव को लेकर लापरवाही उजागर हुई। पहले भी यह ट्रेक झाडिय़ों में घिरा रहा। ट्रेक के पीछे मुुख्य मकसद यह था कि इसका उपयोग कर कॉलेज के खिलाड़ी संभाग और राज्यस्तरीय स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन करेंगे। क्षेत्र का नाम रोशन होगा। लेकिन कॉलेज प्रबंधन और जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण 40 लाख से बने ट्रैक पर लापरवाही का दलदल बन गया है। लाखों का ट्रैक गाजरघास से पटा है। रही सही कसर चुनाव ड्यूटी में लगे वाहनों ने पूरी कर दी है। ट्रेक से ही वाहन निकाले गए, इसके चलते यह उखड़ गया है।

जानकारी के अनुसार पीजी कॉलेज को रनिंग ट्रैक निर्माण के साथ फुटबाल ग्राउंड और क्रिकेट पिच के लिए स्वीकृति मिली थी। निर्माण के बाद ही गुणवत्ता पर सवाल उठे। तत्कालीन कलेक्टर नीरज दुबे ने शिकायतों के बाद मैदान का निरीक्षण कर कॉलेज प्रबंधन और निर्माणाधीन एजेंसी के जिम्मेदारों को फटकार लगाकर इसे सुधारने के निर्देश दिए थे।
ट्रेक के साथ मैदान खराब हुआ है। उसे दुरुस्त करेंगे। चुनावी ड्यूटी में वाहन पार्क हुए। दुर्भाग्य से बारिश हो गई। अब मैदान तक वाहनों की आवाजाही रोकेंगे। यहां मैदान के रास्ते पर ही बैरिकेटिंग लगाएंगे।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *