मुजफ्फरनगर। आगामी नवरात्र पर्व को देखते हुए खाद्य पदार्थों में मिलावट पर अंकुश लगाने और आमजन को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिले में अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में आठ अक्टूबर को तहसील सदर क्षेत्र में विभागीय टीम ने विभिन्न डेयरी प्रतिष्ठानों पर जांच अभियान चलाया। इस दौरान घी, मक्खन, मिश्रित दूध, खोया, पनीर और दही समेत खाद्य पदार्थों के सात विधिक नमूने संग्रहित किए गए। कार्रवाई के दौरान एक डेयरी प्रतिष्ठान से 20 किलोग्राम घी भी सीज किया गया।

यह कार्रवाई आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, लखनऊ के निर्देश और जिलाधिकारी के आदेश के क्रम में की गई। सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय श्रीमती अर्चना धीरान तथा मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय प्रधान के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने दो डेयरी प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। विभाग ने सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उसके निष्कर्षों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बहेड़ी की डेयरी से घी और मक्खन के नमूने लिए
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने अभियान के तहत गांव बहेड़ी स्थित मुर्सलीन के डेयरी प्रतिष्ठान पर जांच की। यहां खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के उद्देश्य से घी और मक्खन के एक-एक विधिक नमूने संग्रहित किए गए।
निरीक्षण के दौरान मौके पर उपलब्ध 20 किलोग्राम घी को सीज भी किया गया। विभाग की इस कार्रवाई के बाद संबंधित खाद्य पदार्थों के नमूनों को नियमानुसार जांच के लिए भेजा गया है। हालांकि, घी की गुणवत्ता को लेकर अंतिम स्थिति प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
रोहाना कलां की डेयरी से पांच खाद्य पदार्थों के नमूने
अभियान के अंतर्गत टीम ने ग्राम रोहाना कलां स्थित शेरखान की डेयरी का भी निरीक्षण किया। यहां से मिश्रित दूध, खोया, पनीर, घी और दही के एक-एक विधिक नमूने लिए गए। इस प्रकार इस प्रतिष्ठान से कुल पांच नमूने संग्रहित किए गए।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जांच के लिए प्रयोगशाला भेजने की कार्रवाई की। रिपोर्ट के आधार पर यह पता चल सकेगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ निर्धारित गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।
जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अनुसार, दोनों प्रतिष्ठानों से संग्रहित सभी सात नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उसके निष्कर्षों के अनुरूप नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नमूनों की प्रयोगशाला जांच महत्वपूर्ण है। रिपोर्ट में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर संबंधित खाद्य कारोबारियों के विरुद्ध नियमानुसार कदम उठाए जा सकते हैं। फिलहाल नमूनों की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है।
नवरात्र में मिलावट रोकने के लिए अभियान जारी रहेगा
नवरात्र पर्व के दौरान बड़ी संख्या में लोग व्रत रखते हैं और घी, दूध, दही, पनीर तथा अन्य खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में खाद्य पदार्थों की शुद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना विभाग के लिए महत्वपूर्ण है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आमजन को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापरक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए मिलावट के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग की टीम विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित करेगी और निर्धारित मानकों के अनुसार उनकी जांच कराएगी।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम रही मौजूद
आठ अक्टूबर को चलाए गए अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप सिंह, डॉ. विशाल चौधरी, डॉ. अश्विनी कुमार, सुनील कुमार, श्रीमती पूनम कुमारी और श्रीमती नेहा चौधरी मौजूद रहे।
विभाग की इस कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों में गुणवत्ता मानकों के पालन को लेकर सतर्कता बढ़ाने का संदेश दिया गया है। अब दोनों डेयरी प्रतिष्ठानों से लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

