मुजफ्फरनगर। छपार थाना क्षेत्र के ग्राम कासमपुर पठैड़ी में जमीन को लेकर चल रहा विवाद गुरुवार को मारपीट में बदल गया। भूमि संबंधी विवाद को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और उनके बीच पहले कहासुनी हुई, जिसके बाद मामला बढ़ गया। आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने नोमान के साथ लाठी-डंडों से मारपीट कर दी, जिससे वह घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही छपार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए। पुलिस ने एहतियात के तौर पर दूसरे पक्ष के पिता-पुत्र को हिरासत में लेकर निरोधात्मक कार्रवाई की है।

छपार थाना प्रभारी मोहित सहरावत ने बताया कि ग्राम कासमपुर पठैड़ी में भूमि विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच झगड़ा होने की सूचना मिली थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। इसी दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। आरोप है कि इस दौरान नोमान के साथ लाठी-डंडों से हमला किया गया, जिससे उसे चोटें आईं।

जमीन को लेकर कहासुनी के बाद बढ़ा विवाद
ग्राम कासमपुर पठैड़ी में भूमि संबंधी विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी। गुरुवार को किसी बात को लेकर विवाद फिर बढ़ गया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते कहासुनी ने झगड़े का रूप ले लिया।
आरोप है कि विवाद के दौरान दूसरे पक्ष के लोगों ने नोमान के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। घटना में नोमान घायल हो गया। मारपीट की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और दोनों पक्षों के बीच विवाद को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया।
पुलिस फिलहाल घटना के सभी पहलुओं की जानकारी जुटा रही है। भूमि विवाद की वास्तविक वजह और मारपीट के दौरान दोनों पक्षों की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
घायल नोमान का कराया जा रहा मेडिकल परीक्षण
मारपीट की घटना के बाद घायल नोमान का चिकित्सकीय परीक्षण कराया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, मेडिकल रिपोर्ट से चोटों की प्रकृति और उनकी गंभीरता स्पष्ट हो सकेगी। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मामले में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
थाना प्रभारी मोहित सहरावत ने बताया कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से थाने में लिखित तहरीर नहीं दी गई है। ऐसे में पुलिस फिलहाल घटना की प्रारंभिक जानकारी जुटाने के साथ गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने पर ध्यान दे रही है।
पुलिस का कहना है कि मेडिकल परीक्षण और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों को ध्यान में रखकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी पक्ष की ओर से शिकायत प्राप्त होती है तो उसके आधार पर भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
शांति व्यवस्था के लिए पिता-पुत्र हिरासत में
विवाद के बाद गांव में तनाव बढ़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने दूसरे पक्ष के पिता-पुत्र को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान अज़हर पुत्र कुदरत अली और कुदरत अली पुत्र अब्दुल गनी के रूप में हुई है।
पुलिस ने दोनों के खिलाफ शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से निरोधात्मक कार्रवाई की है। इस कदम का उद्देश्य भूमि विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच दोबारा झगड़ा होने की आशंका को रोकना और गांव में शांति बनाए रखना है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी पक्ष की ओर से ऐसी गतिविधि न हो जिससे विवाद फिर बढ़ जाए। हालांकि, मारपीट के आरोपों के संबंध में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
तहरीर नहीं मिलने पर प्रारंभिक जांच में जुटी पुलिस
पुलिस के सामने फिलहाल घटना की परिस्थितियों का पता लगाने और दोनों पक्षों के बीच विवाद को शांत रखने की चुनौती है। अभी तक लिखित शिकायत नहीं मिलने के कारण पुलिस घटना से संबंधित प्रारंभिक जानकारी एकत्र कर रही है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि भूमि विवाद किस बात को लेकर था और मारपीट किन परिस्थितियों में हुई। घायल के मेडिकल परीक्षण की रिपोर्ट भी जांच में महत्वपूर्ण रहेगी। यदि जांच के दौरान आपराधिक तथ्य सामने आते हैं या किसी पक्ष की ओर से तहरीर दी जाती है, तो उसके आधार पर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
गांव में पुलिस की निगरानी, विवाद दोबारा भड़कने से रोकने पर जोर
घटना के बाद पुलिस गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क है। पुलिस की प्राथमिकता दोनों पक्षों के बीच विवाद को दोबारा बढ़ने से रोकना और किसी भी अप्रिय स्थिति को टालना है।
ग्रामीणों से भी अपील की जा रही है कि भूमि संबंधी विवादों का समाधान कानून के दायरे में रहकर करें और किसी भी स्थिति में मारपीट या हिंसा का सहारा न लें।
फिलहाल पुलिस के अनुसार, स्थिति नियंत्रण में है। घायल नोमान की मेडिकल रिपोर्ट, दोनों पक्षों से मिलने वाली जानकारी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

