नई दिल्ली। गाड़ी चोरी-रोधी दस्ता (एएटीएस) साउथ डिस्ट्रिक्ट की टीम ने कुख्यात ‘ठक-ठक’ गैंग के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से चोरी के रुपए, गहने, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और अपराध में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान बरामद किया है। इस ऑपरेशन से दिल्ली और हरियाणा में हुई चोरी की कई घटनाओं का पता चला है।

पुलिस ने बताया कि 30 जून को ‘ठक-ठक’ गैंग के दो एक्टिव सदस्यों की गतिविधियों के बारे में खास गुप्त सूचना मिली। तुरंत कार्रवाई करते हुए एएटीएस साउथ डिस्ट्रिक्ट की टीम ने जाल बिछाया और सफलतापूर्वक गंगेश नायडू और विक्रम को पकड़ लिया। लगातार पूछताछ और तलाशी के बाद चोरी का 6 लाख कैश, 1 लैपटॉप, 2 मोबाइल फोन, 1 मैकबुक, सोने की 5 चूड़ियां, सोने के 3 चेन, 1.1 किलो चांदी की वस्तुएं, 1 घड़ी, ईयरबड्स, चोरी के औजार और अपराध में इस्तेमाल की गई स्कूटी बरामद की गई। जांच से पता चला कि दोनों आरोपी एक अंतर-राज्यीय ‘ठक-ठक’ गैंग के एक्टिव सदस्य थे। वे पीड़ितों का ध्यान भटकाकर और गाड़ियों से कैश व कीमती सामान चुराकर वारदातों को अंजाम देते थे।

तकनीकी विश्लेषण और पूछताछ से उन्हें दिल्ली-एनसीआआर के कई मामलों से जोड़ा गया। उनके अन्य साथियों की पहचान करने और बरामद सामान को अन्य लंबित मामलों से जोड़ने के प्रयास जारी हैं। आरोपी नकद और कीमती सामान ले जा रहे लोगों को निशाना बनाते थे, किसी न किसी बहाने उनका ध्यान भटकाते थे (‘ठक-ठक’ तकनीक), और स्कूटी पर भागने से पहले गाड़ियों से बैग या कीमती सामान जल्दी से चुरा लेते थे। गंगेश नायडू (40) निवासी दक्षिणपुरी, अम्बेडकर नगर, नई दिल्ली, के खिलाफ 34 एफआईआर विभिन्न राज्यों के थानों में दर्ज हैं। विक्रम (33), निवासी दक्षिणपुरी, अंबेडकर नगर, नई दिल्ली, के खिलाफ भी दिल्ली एनसीआर में 42 केस दर्ज हैं। इनमें अधिकतर मामले गुरुग्राम के थानों में दर्ज हैं।

