जौनपुर। रामदयालगंज बाजार में महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज के सामने शुक्रवार को 25 वर्षीय विशाल यादव की हत्या के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। लाइन बाजार थाने में 28 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान हाईवे पर यातायात बाधित करने के साथ यात्रियों, एंबुलेंस और आवश्यक सेवाओं के वाहनों को भी रोका गया। पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की और कुछ लोगों के साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

शव हाईवे पर रखकर लगाया जाम
अपर पुलिस अधीक्षक नगर आयुष श्रीवास्तव ने रविवार को पुलिस मीडिया सेल के माध्यम से मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उपनिरीक्षक रामभरोस राम की तहरीर के आधार पर लाइन बाजार थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार, विशाल यादव की हत्या के बाद आक्रोशित लोगों ने उसका शव राष्ट्रीय राजमार्ग-135ए पर रख दिया और दोनों ओर का यातायात रोक दिया। इससे जौनपुर-मड़ियाहूं मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। आरोप है कि जाम के दौरान यात्रियों के साथ-साथ एंबुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को भी आगे नहीं जाने दिया गया। वाहन चालकों के साथ मारपीट किए जाने का भी तहरीर में उल्लेख है।
जाम खुलवाने पहुंची पुलिस से धक्का-मुक्की का आरोप
पुलिस का कहना है कि जाम खुलवाने के लिए लाइन बाजार पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस ने घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई। आरोप है कि इसके बावजूद भीड़ पुलिसकर्मियों से उलझ गई और जाम हटाने के प्रयास के दौरान धक्का-मुक्की की गई।
तहरीर के मुताबिक, बेलवारामसागर निवासी दीवाकर पांडेय और उनकी पत्नी पुष्पा पांडेय ने भी मौके पर मौजूद भीड़ को समझाने का प्रयास किया। आरोप है कि इस दौरान उनके साथ भी मारपीट की गई, जिसके चलते दोनों बेहोश हो गए। घटना के बाद रामदयालगंज बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति बिगड़ती देखकर कई दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर वहां से चले गए।
कई थानों से बुलाया गया पुलिस बल
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मड़ियाहूं, सिकरारा, कोतवाली, जफराबाद, मछलीशहर और रामपुर समेत कई थानों से अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर बुलाया गया। पुलिस अधिकारियों और जवानों ने लोगों को समझाकर किसी तरह हाईवे से जाम हटवाया। इसके बाद विशाल यादव के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने नामजद आरोपियों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है।
28 लोग नामजद
पुलिस के अनुसार मुकदमे में संदीप यादव, राज कुमार यादव, हरेराम यादव, नितेश कन्नौजिया, सुनील यादव, प्रवीण कुमार सिंह, राहुल यादव, विक्की यादव, रोहित सोनकर, गब्बू सोनकर, धीरज गुप्ता, मयंक सिंह, बडूल यादव, आकाश निषाद, नाटे मौर्या, सोनू यादव, प्रियान्शु यादव, लल्लन सोनकर, गुड्डू दुबे, सौरभ यादव, पांडेय सोनकर, राजेश हरिजन, अंबर यादव, अतुल यादव और पातिराम यादव समेत कुल 28 लोगों को नामजद किया गया है।
इसके अलावा 50 अज्ञात लोगों को भी मुकदमे में आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर किए जाने की बात पुलिस अधिकारियों ने कही है।

