सवाईमाधोपुर जिले में बौंली कस्बे के समीप निर्माणाधीन एक्सप्रेस हाईवे पर डम्पर की टक्कर से एक महिला तथा दो बच्चों की मौत हो गई। तीनों मृतक पैदल जा रहे थे, इस दौरान बौंली की ओर से पीछे से तेज गति से आ रहे डम्पर ने उनको टक्कर मारी। हादसे में महिला सहित दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद नाराज ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को मुआवजे तथा फरार चालक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हाइवे पर 8 घंटे तक जाम लगा दिया। जिस डम्पर ने महिला बच्चों को कुचला वो एक्सप्रेस हाइवे निर्माण करा रही कम्पनी का बताया। इस कंपनी की ओर से मृतकों के परिजनों को 15-15 लाख रुपए की राशि देने की सहमति पर ग्रामीण तथा परिजन पोस्टमार्टम कराने को राजी हुए।
पुलिस ने बताया कि शुक्रवार करीब साढ़े ग्यारह बजे झनूण निवासी रामनिवास अपने परिवार के साथ राजपुरिया में देवता के स्थान से लौट रहा था। इस दौरान पीछे से तेज गति से आए डम्पर ने उसकी पुत्री तथा पोती व दोहिते को कुचल डाला। रामनिवास ने तो तत्काल डिवाइडर से कूदकर जान बचा ली। जबकि डंपर की चपेट में आने से रामनिवास की पुत्री सवाईमाधोपुर निवासी 43 साल की अनीता पत्नी तीर्थराज, 14 साल की पोती प्रिया व 8 वर्षीय दोहिते शुभम की मौत हो गई। घटना के बाद डंपर चालक मौके से फरार हुआ। पुलिस व ग्रामीणों के सहयोग से डंपर को कुछ दूरी पर जब्त कर लिया। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हुई और सरपंच सीमा देवी व सरपंच प्रतिनिधि हनुमान मीणा के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने निर्माणाधीन एक्सप्रेस वे पर 5 सूत्री मांगों को लेकर धरना शुरू कर दिया। दोपहर 3 बजे मामला गर्माते देखकर पुलिस का अतिरिक्त जाप्ता बुला लिया गया।इसके बाद बौंली प्रधान कृष्ण पोसवाल, मंडल अध्यक्ष रामअवतार मीणा, भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने तीनों मृतकों के लिए एक-एक करोड रुपए मुआवजा देने, डंपर चालक को गिरफ्तार करने, डंपर चालक के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज करने, चिरंजीवी योजना का लाभ देने आदि मांगें रखीं। एसडीएम बद्रीनारायण मीणा, तहसीलदार राजेश मीणा, सीओ तेजकुमार पाठक व थानाधिकारी कुसुम लता मीणा भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से समझाइश के प्रयास शुरू किए। लेकिन वे शाम तक जाम हटाने पर सहमत नहीं हुए। ग्रामीणों की मांग पर निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे पर कार्यरत एचजी इंफ्रा इंजीनियङ्क्षरग कंपनी के प्रबंधक तारकेश्वर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को सांत्वना देते हुए समझाइश का प्रयास किया। बामनवास विधायक इंदिरा मीणा भी सूचना के बाद मौके पर पहुंची और कंपनी के अधिकारियों से पीडि़त परिवार को मुआवजा देने को कहा। आखिर में प्रत्येक मृतक को 15-15 लाख का मुआवजा देने पर सहमति बनने पर ग्रामीण जाम हटाकर पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए। रात 8 बजे विशेष अनुमति से मौके पर पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिए गए।

इकलौते भाई का हुआ निधन, अभी मनाया था बर्थ डे

हाईवे पर 6-7 घंटे से पड़े हुए तीनों शवों को देख-देखकर बुजुर्ग रामनिवास का रो रो कर बुरा हाल हुआ। जानकारी के अनुसार रामनिवास की पोती प्रिया के जन्म के साथ ही उसके पिता मेघराज का एक सडक़ दुर्घटना में निधन हो गया था। वहीं रामनिवास की पुत्री मृतका अनिता का पति तीर्थराज जयपुर की एक निजी कंपनी में कार्यरत है। हादसे में अपनी पत्नी अनीता व इकलौते पुत्र शुभम को खो देने के बाद तीर्थराज का रुदन रुकने का नाम नहीं ले रहा था। तीर्थराज ने कुछ दिनों पूर्व ही धूमधाम से अपने पुत्र शुभम का जन्मदिन मनाया था। मृतक 8 वर्षीय शुभम की तीनों बहनें भी अपने इकलौते भाई को खोने के बाद बेसुध थी।