मुजफ्फरनगर। चरथावल कस्बे में सड़कों और सार्वजनिक रास्तों के किनारे बढ़ते अतिक्रमण को लेकर नगर पंचायत प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। नगर पंचायत की ओर से 18 अगस्त 2026 को सार्वजनिक सूचना जारी कर सड़क किनारे अवैध कब्जा करने वालों को चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने संबंधित लोगों से अपने कब्जे स्वयं हटाने को कहा है। साथ ही साफ कर दिया गया है कि निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो नगर पंचायत की टीम कार्रवाई करते हुए कब्जे हटाएगी और अभियान में आने वाला खर्च भी संबंधित अतिक्रमणकारी से वसूल किया जाएगा।

थाना भवन रोड और रोहाना तिराहे तक कार्रवाई की तैयारी
नगर पंचायत की सार्वजनिक सूचना में थाना भवन रोड तथा रोहाना तिराहे से स्वागत द्वार तक सड़क के दोनों ओर किए गए अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इन मार्गों पर जिन लोगों ने सड़क की जमीन या सार्वजनिक रास्ते पर किसी भी तरह का कब्जा कर रखा है, उन्हें तत्काल उसे हटाने की चेतावनी दी गई है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक रास्तों और सड़कों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित लोगों को स्वयं अतिक्रमण हटाकर रास्ता खाली करने का मौका दिया गया है, ताकि प्रशासनिक कार्रवाई की स्थिति पैदा न हो।
खुद नहीं हटाया कब्जा तो नगर पंचायत करेगी कार्रवाई
नगर पंचायत ने अपनी सूचना में साफ कहा है कि यदि संबंधित लोगों ने स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाया तो नगर पंचायत की टीम अभियान चलाकर कब्जे हटाएगी। कार्रवाई के दौरान होने वाले खर्च की जिम्मेदारी भी संबंधित अतिक्रमणकारी की होगी।
यानी प्रशासन की कार्रवाई में इस्तेमाल होने वाले संसाधनों और अतिक्रमण हटाने पर आने वाले खर्च की वसूली कब्जा करने वाले व्यक्ति से ही की जाएगी। नगर पंचायत ने लोगों से अपील की है कि वे कार्रवाई और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए स्वयं ही अपने अवैध कब्जे हटा लें।
लंबे समय से जाम की समस्या से जूझ रहे लोग
स्थानीय लोगों के अनुसार, थाना भवन रोड और रोहाना तिराहे की ओर जाने वाले मार्गों पर लंबे समय से सड़क किनारे अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है। कई दुकानदार दुकानों के बाहर सामान फैलाकर रखते हैं, जबकि कई स्थानों पर अस्थायी दुकानें और अन्य गतिविधियां सड़क तक पहुंच जाती हैं। इससे सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है।
सड़क संकरी होने के कारण वाहन चालकों के साथ पैदल राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। व्यस्त समय में वाहनों की आवाजाही बढ़ने पर जाम की स्थिति बन जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे अतिक्रमण के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
सार्वजनिक रास्तों को अतिक्रमण मुक्त करने की तैयारी
नगर पंचायत प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का उद्देश्य सार्वजनिक रास्तों को साफ कर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाना है। प्रशासन चाहता है कि सड़क और सार्वजनिक जमीन पर किए गए कब्जे हटने के बाद लोगों को आवागमन में आसानी हो और जाम की समस्या से राहत मिले।
नगर पंचायत अध्यक्ष ने भी स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक रास्तों और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। अतिक्रमण हटाने का अभियान जनहित में चलाया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर इसे आगे भी जारी रखा जाएगा।
नगर पंचायत की चेतावनी के बाद संबंधित मार्गों पर अतिक्रमण करने वालों में हलचल बढ़ गई है। अब देखना होगा कि सार्वजनिक सूचना के बाद कितने लोग स्वयं अपने कब्जे हटाते हैं और कितने लोगों के खिलाफ नगर पंचायत को कार्रवाई के लिए आगे बढ़ना पड़ता है।

