कैराना कोर्ट का बड़ा फैसला: एक ही दिन में 9 पुराने केस निपटे, 17 दोषियों को सजा और जुर्माना

कैराना कोर्ट का बड़ा फैसला: एक ही दिन में 9 पुराने केस निपटे, 17 दोषियों को सजा और जुर्माना

कैराना (शामली)। पुराने मुकदमों के त्वरित निस्तारण की दिशा में कैराना की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने गुरुवार को महत्वपूर्ण कार्रवाई की। सीजेएम अदालत ने एक ही दिन में नौ अलग-अलग मामलों में 17 दोषियों को सजा सुनाई। अदालत ने सभी दोषियों के पूर्व में जेल में बिताए समय को कारावास की अवधि में समायोजित करते हुए अलग-अलग राशि का अर्थदंड भी लगाया।

इन मामलों में अवैध असलहा, चोरी, गोवध अधिनियम, लूट, कॉपीराइट और चलचित्र अधिनियम से जुड़े मुकदमे शामिल रहे। मुकदमे वर्ष 1998 से लेकर वर्ष 2022 के बीच कैराना, झिंझाना, बाबरी, शामली और आसपास के थानों में दर्ज किए गए थे। एक ही दिन में नौ मुकदमों का फैसला होने से पुराने मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया को गति मिली है।

अलग-अलग मामलों में सुनाई गई सजा

वर्ष 2009 में कैराना कोतवाली में दर्ज एक मामले में जगनपुर निवासी शम्भू को 18 दिन के कारावास और दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।

वर्ष 2019 में थाना झिंझाना में दर्ज दो अलग-अलग मामलों में अशरफपुर निवासी मुकेश को तीन दिन के कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी गई। इसी मामले में कुलदीप को भी तीन दिन के कारावास के साथ पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया।

गोवध अधिनियम के मामले में तीन दोषी

वर्ष 2003 में थाना झिंझाना में दर्ज गोवध अधिनियम के मामले में टपराना निवासी इरफान, सलीम और वसीम को दोषी ठहराया गया। अदालत ने तीनों को छह-छह दिन के कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर चार हजार पांच सौ रुपये का अर्थदंड लगाया गया।

पुराने चोरी के मामलों में भी फैसला

कैराना कोतवाली में दर्ज वर्ष 1998 के चोरी के एक मामले में बुच्चा खेड़ी निवासी कृष्ण पाल तथा तीतरवाड़ा निवासी उमरदीन और गयूर को दोषी ठहराया गया। अदालत ने तीनों को आठ-आठ दिन के कारावास और एक-एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

वर्ष 1998 में दर्ज एक अन्य चोरी के मामले में मोहल्ला आलखुर्द निवासी फरमान, मुस्तयाक और नत्थू को दस-दस दिन के कारावास की सजा सुनाई गई। तीनों पर एक-एक हजार पांच सौ रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।

वर्ष 2002 के एक मामले में मोहल्ला आलकला निवासी इरशाद उर्फ काला को चार माह 21 दिन के कारावास और एक हजार पांच सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।

लूट के मामले में करीब 11 महीने की सजा

वर्ष 2011 में थाना बाबरी में दर्ज लूट के मामले में मुजफ्फरनगर के मोहल्ला न्याजपुरा निवासी सावेज को दोषी ठहराया गया। अदालत ने उसे 11 माह 10 दिन के कारावास की सजा सुनाई और दो हजार रुपये अर्थदंड लगाया।

कॉपीराइट और चलचित्र अधिनियम के मामले में तीन दोषी

वर्ष 2022 में शामली कोतवाली में दर्ज कॉपीराइट एवं चलचित्र अधिनियम से संबंधित मामले में जशमेर उर्फ सुरेंद्र, राकेश और विजय को दोषी ठहराया गया। अदालत ने तीनों को दस-दस दिन के कारावास और एक-एक हजार पांच सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

पूर्व में जेल में बिताई अवधि हुई समायोजित

सीजेएम अदालत द्वारा सुनाए गए फैसलों में दोषियों के पूर्व में जेल में बिताए गए समय को कारावास की सजा में समायोजित किया गया है। इसके साथ ही अदालत ने सभी मामलों में निर्धारित अर्थदंड भी लगाया।

एक ही दिन में वर्ष 1998 से लेकर वर्ष 2022 तक के नौ पुराने मामलों में 17 दोषियों को सजा सुनाए जाने से लंबित मुकदमों के निस्तारण की प्रक्रिया को गति मिली है। अदालत के इन फैसलों से लंबे समय से चल रहे पुराने मामलों का निस्तारण हुआ है।

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