मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश शासन के जनसुनवाई पोर्टल ‘समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली’ (आईजीआरएस) पर मुजफ्फरनगर पुलिस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश के सभी 75 जिलों में प्रथम स्थान हासिल किया है। मई 2026 की आधिकारिक रैंकिंग में जिले की पुलिस ने शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के आधार पर यह उपलब्धि अपने नाम की है।

विशेष बात यह रही कि मई माह के दौरान प्राप्त सभी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करते हुए मुजफ्फरनगर पुलिस ने 100 प्रतिशत समाधान का रिकॉर्ड कायम किया। इस अवधि में एक भी प्रार्थना पत्र डिफाल्टर नहीं हुआ, जिसके चलते जिले को प्रदेश में शीर्ष स्थान प्राप्त हुआ।

शासन के निर्देशानुसार आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारण किया जाता है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक के पर्यवेक्षण में जनपद के सभी थानों में शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आईजीआरएस शाखा, थानों में तैनात कर्मचारियों और जांच अधिकारियों के समन्वित प्रयासों से प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष, पारदर्शी और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया गया। यही कारण रहा कि जिले ने प्रदेश स्तर पर सर्वोच्च स्थान हासिल किया।
जिले के थानों ने भी इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कोतवाली नगर, सिविल लाइन, नई मंडी, छपार, बुढ़ाना, खतौली समेत जनपद के सभी 16 थानों ने अपने क्षेत्र की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने इस उपलब्धि को मुजफ्फरनगर पुलिस की जनहित और सेवा भावना का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य प्रत्येक फरियादी को समय पर न्याय दिलाना और उसकी समस्या का निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करना है। भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य जारी रहेगा।
आईजीआरएस रैंकिंग में प्रदेश में प्रथम स्थान मिलने के बाद जिले के नागरिकों में पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायतों के प्रभावी निस्तारण से आमजन में भरोसा बढ़ा है और लोग बिना किसी संकोच के अपनी समस्याएं पुलिस तक पहुंचा रहे हैं।

