लखनऊ। सेना में भर्ती के लिये केन्द्र सरकार की नयी नीति के तहत घोषित ‘अग्निपथ योजना’ के खिलाफ उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने शनिवार तक 15 एफआईआर दर्ज की है। इन मामलों में 16 जून से अब तक 101 लोगों काे अशांति एवं उपद्रव फैलाने के आराेप में गिरफ्तार भी किया गया है।

इस बीच शनिवार को जौनपुर, बदांयू, मिर्जापुर चंदौली, बलिया और शामली में लगातार दूसरे दिन भी अग्निपथ योजना के विरोध में प्रदर्शन हुए। जौनपुर में प्रदर्शनकारियों ने जमकर उपद्रव करते हुए एक रोडवेज बस और जीप को फूंक दिया। साथ ही दो रोडवेज बसों में पथराव कर तोड़फोड़ की। पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हुये हैं।

कुछ इसी तरह का नजारा मिर्जापुर में भी देखने को मिला। यहां भी पुलिस की तत्परता से चलते विरोध के स्वर हिंसक रूप धारण नहीं कर पाये। जिले में पहले से मुस्तैद पुलिस ने शनिवार को विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप धारण करता, इसके पहले ही आठ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। अन्य प्रदर्शनकारियों को चिन्हित कर गिरफ्तारी के प्रयास तेज किए गए हैं।
इसके अलावा चंदौली में युवाओं ने शनिवार को जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस को प्रदर्शनकारियों की बेकाबू हाेती भीड़ को काबू में करने के लिये खासी मेहनत करनी पड़ी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार को सुबह काफी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने चंदौली के कुछमन रेलवे स्टेशन पहुंच कर स्टेशन के केबिन और रेलवे फाटक पर जमकर तोड़फोड़ की। युवाओं को काबू करने में पुलिस को खासी मेहनत करनी पड़ी। पुलिस जब सख्त हुई तो उपद्रवी युवकों ने पथराव शुरू कर दिया। जिससे तारा जीवनपुर चौकी प्रभारी घायल हो गए।