NIA का PFI पर फिर एक्शन : दिल्‍ली के शाहीन बाग समेत 8 राज्‍यों में छापे, 170 वर्कर्स हिरासत में

चरमपंथी इस्लामी संगठन ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (PFI) पर एक बार फिर से एक्शन हुआ है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए सहित दूसरी एजेंसियों ने दूसरी बार पीएफआई के देशभर के कई ठिकानों पर छापेमार की है। बताया जा रहा है कि यह दूसरे राउंड की रेड है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसियों ने अलग-अलग जगहों से कई पीएफआई मेंबर्स को गिरफ्तार किया है। सूत्रों की मानें तो दिल्ली के शाहीन बाग समेत 8 राज्यों में पीएफआई के ठिकानों पर छापेमारी हुई है। असम में आज सुबह करीब 5 बजे प्रदेश की पुलिस ने PFI के कई ठिकानों पर रेड की। कर्नाटक में पुलिस ने आज सुबह जिले के पीएफआई अध्यक्ष और एसडीपीआई सचिव को गिरफ्तार किया है।

8 राज्‍यों में PFI के ठिकानों पर रेड

सूत्रों की मानें तो केंद्रीय एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर देश की राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और असम सहित 8 राज्यों में एनआईए-ईडी के साथ स्टेट पुलिस छापेमारी कर रही है। बताया जा रहा है कि यह दूसरे राउंड की रेड बताई जा रही है।

170 लोगों को किया गिरफ्तार

एनआईए और ईडी ने इनपुट दिया था कि पीएफआई हिंसक प्रदर्शन का प्लान तैयार कर रहा है। इसके बाद इन सभी राज्यों में एक बार फिर से कार्रवाई हुई है। जांच एजेंसियों ने आठ राज्यों में 200 से अधिक जगहों पर छापेमारी के दौरान कुल 170 मेंबर्स को गिरफ्तार किया है। शाहीन बाग, जामिया समेत कई इलाकों में छापेमारी कर 12 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इसमें 7 सदस्य असम से और 10 लोगों को अरेस्ट किया है।

22 सितंबर को 15 राज्यों में रेड मारी थी

आपको बता दे कि बीते दिनों एनआईए और ईडी ने मिलकर पीएफआई पर देश के 15 राज्यों में रेड मारी थी। इसके साथ ही करीब 170 वर्कर्स को गिरफ्तार किया था। 22 सितंबर को केरल से गिरफ्तार PFI के मेंबर्स को कोच्चि की एक विशेष अदालत ने 30 सितंबर तक NIA की कस्टडी में दे दिया है। NIA ने पीएफआई और उसके गिरफ्तार नेताओं के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे। मोबाइल फोन तथा लैपटॉप समेत अलग अलग इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए थे।

पीएफआई के निशाने पर थे कई प्रमुख नेता

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पीएफआई के निशाने पर कई प्रमुख नेता थे। इसको लेकर बीते दिनों सुरक्षा एजेंसी ने भी कई बड़े खुलासे किए थे। पीएफआई अपने नेताओं के माध्यम से समुदायों के बीच तनाव पैदा करने का काम कर रहा था। इस संगठन का इरादा शांति और सद्भाव को भंग करना है। यह भारत के प्रति नफरत फैलाने और सत्ता के खिलाफ घृणा का भाव पैदा करना है।

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