गाजियाबाद। रातभर हुई मूसलाधार बारिश ने गाजियाबाद नगर निगम के दावों की हकीकत सामने ला दी। नालों की सफाई, जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने और जलभराव न होने के दावों के बावजूद शहर के कई इलाकों में सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। जगह-जगह जलभराव के कारण लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ, वाहन पानी में फंस गए और यातायात व्यवस्था भी चरमरा गई।


बारिश के बाद शहर के विभिन्न क्षेत्रों से जलभराव की तस्वीरें सामने आई हैं। विशेष रूप से साहिबाबाद क्षेत्र में नालों में तेज बहाव देखा गया, जबकि कई स्थानों पर नालियां जाम होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर फैल गया। हालात ऐसे बने कि दोपहिया और चारपहिया वाहन बीच रास्ते में ही पानी में फंस गए और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

इसी बीच पटेल नगर सेकंड की रहने वाली एक छोटी बच्ची का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। छबीलदास स्कूल में पढ़ने वाली बच्ची ने भावुक अंदाज में जिलाधिकारी से जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने की अपील की है। वीडियो में बच्ची कहती है कि वह पटेल नगर सेकंड में रहती है और हर बारिश में उसके क्षेत्र की सड़कें पानी से भर जाती हैं। उसने जिलाधिकारी से अनुरोध करते हुए कहा कि नालों का निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश का पानी सड़कों पर जमा न हो और लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
लगातार हो रही बारिश और जलभराव की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मंडल ने एहतियातन आदेश जारी कर जिले के नर्सरी से कक्षा 12 तक के सभी सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त विद्यालयों के साथ-साथ अन्य शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया। प्रशासन का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है।
बारिश के बाद सामने आई तस्वीरों ने नगर निगम की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष मानसून के दौरान शहर के कई हिस्सों में जलभराव की यही स्थिति देखने को मिलती है। नालों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही तेज बारिश में व्यवस्थाओं की पोल खुल जाती है।
अब शहरवासियों की निगाहें प्रशासन और नगर निगम पर टिकी हैं। लोगों का कहना है कि केवल अस्थायी उपायों से समस्या का समाधान संभव नहीं है। जलभराव से स्थायी राहत के लिए मजबूत ड्रेनेज सिस्टम, नियमित नालों की सफाई और प्रभावी जलनिकासी व्यवस्था विकसित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है।

