BHU में कल से जुटेंगे देशभर के रेडियोलॉजी विशेषज्ञ: RECON-2026 में ब्रेन ट्यूमर, कैंसर और हार्ट MRI की आधुनिक तकनीकों पर होगा मंथन

BHU में कल से जुटेंगे देशभर के रेडियोलॉजी विशेषज्ञ: RECON-2026 में ब्रेन ट्यूमर, कैंसर और हार्ट MRI की आधुनिक तकनीकों पर होगा मंथन

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आईएमएस) के रेडियोडायग्नोसिस एवं इमेजिंग विभाग के तत्वावधान में इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन (आईआरआईए), उत्तर प्रदेश चैप्टर का 38वां दो दिवसीय वार्षिक सम्मेलन ‘रिकॉन-2026’ शनिवार से शुरू होगा। सम्मेलन का आयोजन इंटर यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर टीचर एजुकेशन (आईयूसीटीई) में किया जाएगा। उद्घाटन समारोह शाम चार बजे होगा, जिसमें बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी मुख्य अतिथि होंगे। वहीं, आईएमएस के निदेशक प्रो. एसएन संखवार सम्मेलन के संरक्षक हैं।

शुक्रवार को यह जानकारी आयोजन अध्यक्ष प्रो. प्रमोद कुमार सिंह और आयोजन सचिव प्रो. ईशान कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में देशभर से रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग विशेषज्ञ, चिकित्सक और शोधार्थी हिस्सा लेंगे। दो दिनों तक तीन अलग-अलग सभागारों में विशेषज्ञों के व्याख्यान, पैनल चर्चाएं और व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।

सम्मेलन में ब्रेन ट्यूमर और स्ट्रोक की आधुनिक इमेजिंग तकनीक, लिवर कैंसर का बिना ऑपरेशन उपचार, स्तन कैंसर की जांच, हृदय की एमआरआई, पेट, हड्डियों एवं जोड़ों की इमेजिंग तथा बच्चों में विभिन्न रोगों की पहचान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। इसके अलावा चिकित्सा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग, स्पेक्ट्रल सीटी, विकिरण सुरक्षा और पीसीपीएनडीटी अधिनियम से जुड़े पहलुओं पर भी विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे।

सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू), लखनऊ के डॉ. अनित परिहार का प्रतिष्ठित पन्नालाल ओरेशन होगा। इसके साथ ही रेजिडेंट डॉक्टरों के शोध पत्रों और पोस्टरों की प्रस्तुतियां, रेडियोलॉजी क्विज तथा विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार वितरण भी किया जाएगा।

आयोजकों ने बताया कि ‘रिकॉन-2026’ का उद्देश्य रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम तकनीकी विकास, आधुनिक जांच पद्धतियों और उपचार की उन्नत तकनीकों से चिकित्सकों को परिचित कराना है। सम्मेलन से विशेषज्ञों के बीच ज्ञान और अनुभव के आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलेगा।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *