सहारनपुर। गत शुक्रवार के रोज महानगर सहारनपुर में अचानक माहौल को बदलने के आरोप में लगभग 84 लोगों को जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। जिनमें से कई आरोपियों के परिजनों ने मीडिया के सामने सबूत दिखाते हुए बताया कि उनके पुलिस चुंगल में फंसे लोग बेगुनाह है। क्योंकि उन्होंने उस रोज जामा मस्जिद में न जाकर मौहल्ले की ही मस्जिद में नमाज़ अदा की। ऐसे में आरोपी 17 वर्षीय समद पुत्र फुरकान व लगभग बीस वर्षीय कैफ पुत्र गुलफाम निवासी खाताखेड़ी जो चचेरे भाई हैं कि माता मुन्नी बेगम ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज दिखाते हुए बताया कि उनका बेटा समद जामा मस्जिद में नमाज़ के लिए नहीं गया, जिससे साफ जाहिर है वह प्रोटेस्ट में शामिल नहीं हो सकता और साढ़े तीन बजे तक समद व कैफ की लोकेशन मौहल्ले की ही थी,परन्तु साढ़े चार बजे जब समद के मोबाइल पर कॉल की तो रिसीव नहीं हुई,जिसे देखने के लिए उसके पिता फुरकान अपने मुबारक शाह मौहल्ला ठठेरो वाली गली निवासी महराज उर्फ शमसुल अहमद दोस्त को लेकर नगर कोतवाली की ओर गये तो पुलिस ने उन्हें भी अंदर बैठा लिया। जबकि वह केवल मोबाइल कॉल रिसीव न होने पर डाउटफुल होते हुए समद को देखने गये थे। मुन्नी बेगम ने बताया कि उनका बेटा समद दस हजार रूपये कमेटी देने को लेकर गया था उन पैसों का भी कोई अता-पता नहीं चल सका है। साथ ही उनकी मोटरसाईकिल भी थाने में ही खड़ी है जिस पर उनके पति व महराज सवार होकर नगर कोतवाली गये थे। फुरकान की पत्नी ने रोते हुए बताया कि अब उसके घर में कोई कमाने वाला व पैरवी करने वाला भी नहीं रहा। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि उनके पति व बेटे का कोई दोष साबित हो जाये तो वह जो सजा बनती है उसे भुगतने को तैयार है लेकिन उनकी जानकारी व गली में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग के अनुसार उनका बेटा समद व पति फुरकान इस प्रोटेस्ट प्रकरण से पूरी तरह अंजान व दूर थे। लेकिन पुलिस ने न जाने किस दुर्भावना के चलते अथवा अपनी वाहवाही लूटने के चक्कर में उनके पति व बेटे सहित पति के दोस्त महराज चार लोगों को थाने में बंद कर पहले बर्बरतापूर्वक पिटाई की जिसकी जानकारी उन्हें प्राप्त वीडियो से लगी है। वह सरकार से मांग करती हैं कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करें और निर्दोषों पर रहम कर उनके मुकदमंे खारिज कर क्लीन चिट दें। अरबी मदरसा स्थित ठठेरो वाली गली निवासी महराज के माता-पिता ने भी गतरोज यही बात बताई कि उनका बेटा मौहल्ले की मस्जिद में नमाज़ अदा कर सो गया था जिसके बाद लगभग साढ़े चार बजे खाताखेड़ी निवासी उनके दोस्त फुरकान का फोन आया और वह उनके साथ नगर कोतवाली चले गये जहां उन्हंे पुलिस द्वारा आरोपी बनाकर बैठा लिया गया और बर्बरतापूर्वक पिटाई कर जेल भेज दिया गया। महराज के परिजनों ने भी मीडिया के समझ सभी सीसीटीवी फुटेज दिखाते हुए महराज को पूरी तरह निर्दोष बताया। अब देखना है पुलिस इस मामले मंे क्या संज्ञान लेती है या फिर इन सभी को एनएसए की धाराओं में निरूद्ध करती है।
