भगवान परशुराम ने की सदभाव धर्म की स्थापना

भगवान परशुराम ने की सदभाव धर्म की स्थापना

खेकड़ा। अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा खेकड़ा द्वारा परशुराम जन्मोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर समाज एवं धर्म क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अनुज कौशिक को फरसा, शाल, प्रशस्ति पत्र मुख्य अतिथि व प्रभारी दीक्षित कुमार त्यागी एवं ब्राहमण समाज खेकड़ा के नगर अध्यक्ष उमेश शर्मा चंद्रधर द्वारा भेंट कर सम्मानित किया गया।
खेकड़ा पट्टी अहिरान शिव मंदिर में समारोह का शुभारंभ भगवान परशुराम जी की प्रतिमा का मंत्रोच्चार के साथ नगराध्यक्ष उमेश शर्मा चन्द्रधर और दीक्षित कुमार त्यागी कोतवाली प्रभारी खेकड़ा ने पंचामृत से स्नान करा, वस्त्र,फूल माला, यज्ञोपवीत धारण कराया।
इस अवसर पर समाज एवं धर्म क्षेत्र में विशिष्ट कार्यो के लिए अनुज कौशिक को परशुराम पुरस्कार 2022 मुख्य अतिथि कोतवाल प्रभारी खेकड़ा दीक्षित कुमार त्यागी और ब्राह्मण समाज खेकड़ा के नगराध्यक्ष उमेश शर्मा चंद्रधर ने प्रतीक चिन्ह फरसा, शाल,पटका, प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। कोतवाली प्रभारी दीक्षित कुमार त्यागी ने कहा कि भगवान परशुराम ने पृथ्वी से दुष्ट एवं आताताईयों का वध कर धर्म की स्थापना की थी। जब जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है तब तब भगवान अवतार लेते हैं।
ब्राह्मण समाज के नगर अध्यक्ष उमेश शर्मा ने कहां की भगवान परशुराम ने केवल दुष्ट और अत्याचार यों का वध किया था लेकिन इतिहासकारों ने इसका कुछ और ही रुप बना दिया जो घोर निंदा का विषय है। जबकि परशुराम जी ने अत्याचारियों को समाप्त कर पृथ्वी पर धर्म मर्यादा की स्थापना की थी।
इस अवसर पर समाज के पुनीत शर्मा, अनुज शर्मा, को ब्राह्मण गौरव सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट जगत सिंह कौशिक व अध्यक्षता पंडित बृजपाल कौशिक ने की। मुख्य अतिथि कोतवाली खेकड़ा प्रभारी दीक्षित कुमार त्यागी जी को समाज की ओर से प्रतीक चिन्ह फरसा, शाल, प्रशस्ति पत्र, पटका पहनाकर अभिनंदन, आभार व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम में देवेंद्र शर्मा डब्बू, अंकित कुमार, सुमित शर्मा, एडवोकेट जगत सिंह शर्मा, पुनीत शर्मा, अनुज शर्मा, बृजपाल कौशिक, अनुज कौशिक, अनिरुद्ध गौड़, सुरेंद्र शर्मा, चौधरी हरेन्द्र धामा, अनिल शर्मा, हितेश शर्मा, अमित शर्मा, पंकज कौशिक, मोनू शर्मा, कार्तिक शर्मा, गौरव कौशिक, विजय शर्मा, सुमित शर्मा ने उपस्थित होकर भगवान परशुराम के दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

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