देवास। युवती के भागकर प्रेम विवाह करने से जुड़े एक मामले में समझौता कराने और चालान पेशी कर न्यायालय के माध्यम से प्रक्रिया पूरी कराने की बात करके एक पक्ष से 5000 रुपये की रिश्वत लेते हुए सिविल लाइन थाने से निलंबित एएसआई को लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने बुधवार रात को माता टेकरी के पिछले हिस्से से दबोच लिया। इसके बाद एएसआई को सिविल लाइन थाने ले जाकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज करने की व अन्य कागजी कार्रवाई पूरी की गई।

कार्रवाई में शामिल लोकायुक्त उज्जैन टीम के डीएसपी सुनील तालेन ने बताया कि फरियादी अनिल फुलेरिया ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत की थी कि सिविल लाइन थाना क्षेत्र में करीब 28 दिन पहले दर्ज हुए एक मामले में समझौता कराने के नाम पर तत्कालीन जांच अधिकारी एएसआई प्रकाशचंद राजोरिया द्वारा 5000 रुपये रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत के बाद प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए टीम ने फरियादी को रुपए देने के लिए भेजा।
आरोपी एएसआई ने अनिल को बुधवार रात को पहले उज्जैन रोड तिराहा के समीप पेट्रोल पंप पर बुलाया उसके बाद यहां से माता टेकरी के पिछले हिस्से में पुलिस लाइन की ओर ले गया। वहां पर रात करीब 9.40 बजे जैसे ही एएसआई ने 5000 रुपये लिए वैसे ही पीछा करते-करते मौके पर पहुंची लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। बाद में कागजी कार्रवाई पूरी करने के लिए सिविल लाइन थाने ले जाया गया। रात 11.30 बजे तक मामले में कार्रवाई चल रही थी। गौरतलब है कि एएसआई राजोरिया को पिछले दिनों सिविल लाइन थाने से निलंबित कर दिया गया था और मामले में जांच चल रही थी। पुलिस अधीक्षक डॉ शिवदयाल सिंह ने बताया संबंधित एएसआई पहले से निलंबित है उसके खिलाफ विभागीय जांच चल रही है, जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।