सेंट्रल विस्टा को आपस में जोड़ेंगे चार मेट्रो स्टेशन, पीक आवर्स में हर घंटे 20 हजार लोग करेंगे सफर, पढ़ें पूरा प्लान

केंद्र सरकार की सेंट्रल विस्टा योजना में केंद्रीय सचिवालय समेत बन रही अन्य सरकारी इमारतों को सीधा मेट्रो से जोड़ने की तैयारी है। योजना के अनुसार, तीन किलोमीटर की लूप लाइन के जरिए सेंट्रल विस्टा की इमारतों को जोड़ने के लिए चार मेट्रो स्टेशन बनेंगे। इसके निर्माण की जिम्मेदारी दिल्ली मेट्रो को दी गई है। मेट्रो ने इसके डिजाइन सलाहकार नियुक्त करने के लिए निविदा जारी कर दी है, जिसमें चार कंपनियों ने रुचि दिखाई है।

सबकुछ ठीक रहा तो इस महीने के अंत तक सलाहकार की नियुक्ति कर ली जाएगी। सेंट्रल विस्टा को मौजूदा मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने के लिए तीन किलोमीटर की लाइन को केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन से जोड़ा जाएगा। इस लाइन पर चार मेट्रो स्टेशन बनेंगे, जिनमें केंद्रीय सचिवालय, आईजीएनसीए (इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर आर्ट्स), विज्ञान भवन एनेक्स और विदेश मंत्रालय जवाहर लाल नेहरू भवन के पास है। ये स्टेशनों की संभावित जगहें हैं। डिटेल डिजाइन बनने के बाद ही स्टेशनों के सही स्थान का पता चलेगा। इसके लिए कंपनियों की निविदाओं का मूल्यांकन किया जा रहा है।

दिल्ली मेट्रो की रिपोर्ट तैयार

बताते चलें कि सेंट्रल विस्टा के लिए मेट्रो की लूप लाइन बनाने का काम दिल्ली मेट्रो के पास है। मई 2022 में इसे लेकर मेट्रो के साथ समझौता हुआ था। लूप लाइन बनने के बाद यह दिल्ली मेट्रो की वायलेट लाइन (कश्मीरी गेट से फरीदाबाद) और यलो लाइन (गुरुग्राम से समयपुर बादली) को केंद्रीय सचिवालय से सीधे तौर पर कनेक्ट करेगा। दिल्ली मेट्रो ने इस परियोजना के लिए इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर ली है।

तीन कोच वाली ट्रेन होगी

लूप लाइन मेट्रो से सेंट्रल विस्टा आने-जाने वाले लोगों को फायदा होगा। लूप लाइन में शार्प टर्न भी होंगे। लिहाजा, लागत कम करने, तकनीकी पहलुओं और जरूरतों को देखते हुए यहां छह या आठ कोच के बजाय तीन कोच वाली ट्रेन ही चलाई जाएगी। इनका आकार भी दूसरे मेट्रो कोच से कम होगा। अनुमान है कि यहां पीक आवर्स में प्रति घंटे 20 हजार लोग मेट्रो ट्रेन में सफर करेंगे।

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