सरधना। कई प्रदेशों के गोवंशों में फैली लंपी स्किन बीमारी ने सरधना क्षेत्र में भी दस्तक दे दी है। क्षेत्र के कई गांवों के पशुओं में यह लक्षण देखने को मिले हैं। जनाकारी लगते ही पशु चिकित्सा विभाग में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। चिकित्सक संक्रमण से पीड़ित पशु का उपचार करने में जुटे हैं।

क्षेत्र के गांव कालंद, बपारसी, छुर, नवाबगढ़ी के ग्रामीणों ने पशु चिकित्सा विभाग को आवारा गौवंशीय पशु के शरीर पर चकत्ते पड़ने व बुखार आने की सूचना दी। जिसके बाद पशु चिकित्सकों की टीम ने गांव में पहुंचकर जायजा लिया। पशु चिकित्सक डॉ. रविन्द्र कुमार ने बताया कि गोवंश में लंपी स्किन डिजीज रोग के लक्षण पाए गए। चिकित्सकों ने ग्रामीणों को संक्रमित पशुओं से दूर रहने और अन्य पशुओं के पास साफ सफाई रखने की सलाह दी है। चिकित्सकों ने बताया कि यह संक्रमण एक दूसरे के संपर्क में आने से फैल रहा है। फिलहाल लंपी स्किन बीमारी की वैक्सीन नहीं बन पाई है। चिकित्सक अन्य दवाइयों के सहारे ही पशुओं का प्राथमिक उपचार करने में जुटे है। हालांकि इतने बड़े स्तर पर संक्रमण फैलने के बाद भी चिकित्सकों के बचाव को विभाग ने कोई किट भी तैयार नहीं की है। जिसके चलते उपचार कर रहे चिकित्सकों में भी संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। पशु चिकित्सक के अनुसार इस के बीमारी के लक्षण में पशु को तेज बुखार आता है। शरीर पर चकत्ते पड़ जाते हैं। पशु चारा खाना छोड़ देता है। दुधारू पशु में अचानक से दूध कम होने लगता है। चिकित्सा अधिकारी डॉ. रविन्द्र कुमार ने बताया कि लंपी रोग का लक्षण दिखाई देने पर संबंधित पशु को अन्य पशुओं से अलग कर लें।
