मुजफ्फरनगर। धनतेरस और दीपावली के पावन पर्व के बीच मुजफ्फरनगर नगर पालिका परिषद ने शहरवासियों को विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी है। टाउनहाल स्थित पालिका मुख्यालय के सभागार में आयोजित बोर्ड बैठक में शहर के बुनियादी ढांचे, पेयजल व्यवस्था, पथ प्रकाश, सफाई और सौंदर्यीकरण से जुड़े 112 प्रस्तावों को सदन में मंजूरी दी गई। इन प्रस्तावों के तहत शहर में 100 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि विकास कार्यों पर खर्च की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने की। बैठक में सबसे अधिक चर्चा दो प्रमुख चौराहों के नामकरण को लेकर रही। रेलवे रोड तिराहे का नाम महर्षि वाल्मीकि चौक रखने के प्रस्ताव पर सहमति बनी, जबकि वहलना चौक का नाम महाराणा प्रताप चौक करने के प्रस्ताव पर सभासद की आपत्ति के बाद पुनर्विचार के लिए सुरक्षित रख लिया गया।

बैठक की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के साथ हुई। इसके बाद अधिशासी अधिकारी पवन कुमार ने सदन के सामने 112 प्रस्तावों का एजेंडा रखा। विकास कार्यों से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा के बाद सदन ने उन्हें मंजूरी प्रदान की। पालिका प्रशासन के अनुसार, इन कार्यों के पूरा होने से शहर के विभिन्न वार्डों में सड़क, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं में सुधार होगा।

महापुरुषों के नाम पर चौराहों के नामकरण का प्रस्ताव
बोर्ड बैठक में शहर के दो प्रमुख स्थलों का नामकरण महापुरुषों के नाम पर करने का प्रस्ताव रखा गया। इसमें वहलना चौक का नाम महाराणा प्रताप चौक और रेलवे रोड तिराहे का नाम महर्षि वाल्मीकि चौक रखने की योजना शामिल थी। पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों का नाम महापुरुषों के नाम पर रखने का उद्देश्य उनके त्याग, संघर्ष और आदर्शों से नई पीढ़ी को परिचित कराना है।
रेलवे रोड तिराहे का नाम महर्षि वाल्मीकि चौक रखने के प्रस्ताव का वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों ने स्वागत किया। बैठक के दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने पालिका अध्यक्ष का अभिनंदन भी किया।
वहीं, वहलना चौक का नाम महाराणा प्रताप चौक रखने के प्रस्ताव पर वार्ड संख्या 33 की सभासद सीमा जैन पत्नी विकल्प जैन ने आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने पालिका अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर कहा कि महाराणा प्रताप पूरे देश के लिए पूजनीय हैं और उनके नाम पर शहर में कोई अन्य भव्य स्मारक या स्थल विकसित किया जाना चाहिए, लेकिन वहलना चौक की धार्मिक पहचान से छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए।
अधिशासी अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि सभासद की आपत्ति के बाद महाराणा प्रताप चौक से संबंधित नामकरण प्रस्ताव को पुनर्विचार के लिए सुरक्षित रखा गया है। इस तरह रेलवे रोड तिराहे के नामकरण को लेकर सहमति बनी, जबकि वहलना चौक के नामकरण पर अंतिम निर्णय फिलहाल टल गया।
64 करोड़ से शहर के वार्डों में होंगे 329 निर्माण कार्य
पालिका बोर्ड बैठक में शहर के विभिन्न वार्डों की सड़कों, गलियों और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 64 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस धनराशि से कुल 329 निर्माण और जीर्णोद्धार के कार्य कराए जाएंगे। लंबे समय से उपेक्षित फक्करशाह चौक के सौंदर्यीकरण और कायाकल्प का प्रस्ताव भी इस योजना में शामिल किया गया है।
इसके अलावा नए विस्तारित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बेहतर बनाने के लिए 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस धनराशि से पाइपलाइन बिछाने, ट्यूबवेलों की क्षमता बढ़ाने और पुरानी पेयजल लाइनों के उच्चीकरण का कार्य कराया जाएगा।
शहर की प्रकाश व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए तीन करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया। इसके तहत फैंसी लाइट, हाईमास्ट लाइट और 45 से 75 वाट तक की एलईडी लाइट खरीदी जाएंगी। इन लाइटों को जरूरत के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में लगाया जाएगा।
सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 50 कर्मचारियों की नियुक्ति
शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आउटसोर्सिंग के माध्यम से 50 नए सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके साथ ही पालिका कर्मचारियों को सर्दियों की वर्दी का भुगतान और चिकित्सा प्रतिपूर्ति से जुड़े प्रस्ताव भी पास किए गए।
मोतीझील में जलकुंभी और गंदगी की समस्या दूर करने के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाएगी। बोर्ड ने आउटसोर्सिंग के माध्यम से 50 कर्मचारियों को 15 दिनों के लिए अस्थायी रूप से तैनात करने की स्वीकृति दी है। इन कर्मचारियों के जरिए झील की सफाई और जलकुंभी हटाने का अभियान चलाया जाएगा।
पार्कों के सौंदर्यीकरण और ओपन जिम पर भी खर्च होंगे लाखों रुपये
शहर के पार्कों और सार्वजनिक स्थलों को बेहतर बनाने के लिए भी कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। वार्ड एक में महालक्ष्मी एनक्लेव स्थित ट्रांसफॉर्मर के पास के क्षेत्र का करीब 20 लाख रुपये की लागत से सौंदर्यीकरण कराया जाएगा।
वार्ड दो की हरिवृंदावन सिटी स्थित मुख्य पार्क के जीर्णोद्धार पर 28 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसी पार्क में नागरिकों को व्यायाम की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 5.98 लाख रुपये की लागत से ओपन जिम भी स्थापित किया जाएगा।
शामली रोड पर काली नदी के दोनों छोरों पर 12 लाख रुपये के बजट से हरित पार्क विकसित किए जाएंगे। वहीं, शामली रोड स्थित पुलिस चौकी चौक के सौंदर्यीकरण के लिए 10 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
रामलीला टिल्ला की गलियों पर खर्च होंगे 53 लाख रुपये
पालिका बोर्ड ने शहर के अन्य क्षेत्रों में भी विकास कार्यों को मंजूरी दी है। वार्ड छह के उत्तरी सिविल लाइन क्षेत्र में 10 लाख रुपये से सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। वार्ड सात में 12 लाख रुपये की लागत से थर्मोप्लास्टिक सफेद पट्टी और स्पीड ब्रेकर बनाए जाएंगे।
रामलीला टिल्ला क्षेत्र की विभिन्न गलियों के निर्माण पर 53 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। वार्ड नौ में वाल्मीकि धर्मशाला का 28 लाख रुपये से जीर्णोद्धार कराया जाएगा। खांजापुर स्थित कांशीराम कॉलोनी की बची हुई बाउंड्रीवॉल का निर्माण भी प्रस्तावों में शामिल है। खालापार स्थित फखरशाह चौक के सौंदर्यीकरण के लिए नौ लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
पिछली बैठक की कार्यवाही पर सभासदों ने उठाए सवाल
बोर्ड बैठक के दौरान पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि को लेकर सभासदों के बीच तीखी बहस भी हुई। कुछ सभासदों ने आरोप लगाया कि प्रस्तावों पर पर्याप्त और विस्तृत चर्चा किए बिना उन्हें पास करने की परिपाटी अपनाई जा रही है। इस मुद्दे पर शौकत अंसारी, शहजाद अहमद, राजीव शर्मा, रजत धीमान और नौशाद खान सहित अन्य सभासदों ने अपनी बात रखी।
बैठक में विभिन्न वार्डों के विकास कार्यों और अन्य प्रशासनिक प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। सदन में मौजूद सदस्यों ने शहर की जरूरतों के अनुरूप कार्य कराने पर जोर दिया।
हर वार्ड का समान विकास कराने का संकल्प
बैठक के समापन पर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने सभी सभासदों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दीपावली के शुभ अवसर पर पूरा सदन शहर के विकास के लिए एकजुट होकर खड़ा हुआ, यह प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ के मूलमंत्र के अनुरूप मुजफ्फरनगर के प्रत्येक वार्ड और क्षेत्र का समान रूप से विकास कराया जाएगा।
पालिका अध्यक्ष ने कहा कि स्वीकृत विकास कार्यों को जल्द धरातल पर उतारने का प्रयास किया जाएगा, ताकि शहरवासियों को बेहतर सड़कें, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता और सुंदर सार्वजनिक स्थल उपलब्ध हो सकें।

