मुजफ्फरनगर में जातिगत टिप्पणी पर सियासत गरमाई, सपा विधायक पंकज मलिक बोले- किसी समाज का अपमान बर्दाश्त नहीं, नेताओं को रखनी चाहिए शब्दों की मर्यादा

मुजफ्फरनगर में जातिगत टिप्पणी पर सियासत गरमाई, सपा विधायक पंकज मलिक बोले- किसी समाज का अपमान बर्दाश्त नहीं, नेताओं को रखनी चाहिए शब्दों की मर्यादा

मुजफ्फरनगर। भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिलाध्यक्ष विजय वर्मा की कथित जातिगत टिप्पणी को लेकर जिले में विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। एक कार्यक्रम के दौरान की गई टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद वाल्मीकि समाज के लोगों में नाराजगी है। समाज के लोग इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी के चरथावल विधानसभा क्षेत्र से विधायक पंकज मलिक ने भी पूरे प्रकरण पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

सपा विधायक पंकज मलिक ने किसी व्यक्ति विशेष या राजनीतिक दल का नाम लेकर सीधा आरोप लगाने के बजाय सार्वजनिक जीवन में नेताओं के आचरण, भाषा और सामाजिक जिम्मेदारी को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि राजनीति में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन किसी भी परिस्थिति में ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए, जिससे किसी जाति, धर्म या समुदाय की भावनाएं आहत हों।

सार्वजनिक मंचों पर शब्दों की मर्यादा जरूरी: पंकज मलिक

विधायक पंकज मलिक ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े नेताओं और जनप्रतिनिधियों को सार्वजनिक मंचों पर बोलते समय अपने शब्दों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। नेताओं की भाषा ऐसी होनी चाहिए, जिससे समाज के किसी भी वर्ग या समुदाय का अपमान न हो।

उन्होंने कहा कि सभी जातियों, धर्मों और समुदायों के लोगों को सम्मान देना हर जनप्रतिनिधि का दायित्व है। सार्वजनिक जीवन में सक्रिय लोगों के बयानों का समाज पर गहरा असर पड़ता है। इसलिए प्रत्येक जनप्रतिनिधि को सोच-समझकर ही अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखनी चाहिए।

सवाल उठाने पर गुस्से के बजाय सम्मान से सुनें बात

पूरे विवाद के संदर्भ में पंकज मलिक ने कहा कि जब वाल्मीकि समाज के लोगों ने वाल्मीकि भगवान की मूर्ति को लेकर अपनी बात रखी और सवाल पूछा, तो उस पर गुस्सा जाहिर किया गया। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज के लोग अपनी भावनाएं या सवाल सामने रखते हैं, तो उनकी बात को सम्मानपूर्वक और गंभीरता से सुना जाना चाहिए।

विधायक ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को अपने गुस्से पर नियंत्रण रखना चाहिए। किसी सवाल या असहमति का जवाब अपमानजनक भाषा में देना उचित नहीं है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर नागरिक और समाज को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है।

जनता के वोट से चुने जाते हैं जनप्रतिनिधि, सभी का सम्मान करना जिम्मेदारी

पंकज मलिक ने कहा कि आम जनता अपने बहुमूल्य वोट देकर जनप्रतिनिधियों को चुनती है और सदन तक पहुंचाती है। ऐसे में हर मतदाता और समाज का सम्मान करना जनप्रतिनिधियों की पहली जिम्मेदारी है। नेताओं को अपने बयानों और आचरण से समाज में आपसी सद्भाव और सम्मान का माहौल बनाने का प्रयास करना चाहिए।

वीडियो वायरल होने के बाद शुरू हुआ विवाद

दरअसल, यह मामला भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिलाध्यक्ष विजय वर्मा की एक कार्यक्रम के दौरान की गई कथित टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सामने आया। वीडियो को लेकर वाल्मीकि समाज के लोगों में आक्रोश फैल गया। समाज के लोग एकजुट होकर पुलिस कार्यालय पहुंचे और विरोध प्रदर्शन करते हुए विजय वर्मा के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की।

मामले के तूल पकड़ने के बाद विजय वर्मा ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए अपने शब्द वापस ले लिए थे। हालांकि, माफी के बावजूद वाल्मीकि समाज की नाराजगी कम नहीं हुई है। समाज के लोग लगातार पुलिस से मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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