मुजफ्फरनगर में खड़े ट्रक से टकराई बाइक, दो परिवारों के बुझ गए चिराग, दो युवकों की मौके पर मौत; तीसरा जिंदगी-मौत से जूझ रहा

मुजफ्फरनगर में खड़े ट्रक से टकराई बाइक, दो परिवारों के बुझ गए चिराग, दो युवकों की मौके पर मौत; तीसरा जिंदगी-मौत से जूझ रहा

मुजफ्फरनगर। सड़क किनारे खराब हालत में खड़े भारी वाहन किस तरह राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं, इसकी दर्दनाक तस्वीर बिजनौर-मोरना मार्ग पर सामने आई है। बीआईटी कॉलेज के पास सड़क किनारे डस्ट से लदे खराब खड़े ट्रक में पीछे से बाइक टकरा गई। हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका तीसरा साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया और गांव में शोक छा गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामराज क्षेत्र के गांव हाशमपुर निवासी 21 वर्षीय निक्की पुत्र जबरसिंह बुधवार को कासमपुर खोला गांव में अपने मामा रोहताश के घर आया हुआ था। शाम के समय निक्की अपने ममेरे भाई 21 वर्षीय सचिन और पड़ोसी प्रमेश पुत्र मांगेराम के साथ एक ही बाइक पर सवार होकर पास के गांव देवल गया था। वहां से काम निपटाने के बाद तीनों युवक रात करीब 11 बजे बाइक से अपने गांव लौट रहे थे।

बीआईटी कॉलेज के पास ट्रक से टकराई बाइक

पुलिस के अनुसार, तीनों युवक जब बीआईटी चौकी के पास बिजनौर-मोरना मार्ग पर बीआईटी कॉलेज से कुछ आगे पहुंचे, तभी उनकी बाइक सड़क किनारे डस्ट यानी रेत और बजरी से लदे खराब खड़े ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार तीनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में निक्की और सचिन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका साथी प्रमेश गंभीर रूप से घायल हो गया।

ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस, घायल अस्पताल में भर्ती

हादसे के बाद वहां से गुजर रहे ग्रामीणों ने सड़क पर घायल युवकों को पड़ा देखकर पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और एंबुलेंस की मदद से तीनों को अस्पताल भिजवाया। गंभीर रूप से घायल प्रमेश को जानसठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल उसका उपचार चल रहा है।

गन्ना छिलाई कर परिवार का सहारा बने थे निक्की और सचिन

हादसे में जान गंवाने वाले निक्की और सचिन की उम्र महज 21 वर्ष थी। ग्रामीणों के अनुसार, दोनों युवक किसानों के खेतों में गन्ना छिलाई का काम करते थे और मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवारों की आर्थिक मदद करते थे। परिवार का सहारा बने दोनों जवान बेटों की अचानक मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हादसे की सूचना मिलते ही दोनों के घरों में चीख-पुकार मच गई। पूरे गांव में शोक का माहौल है।

पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे

इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह ने बताया कि बाइक सड़क किनारे डस्ट से लदे खराब ट्रक से टकराई थी। हादसे में दो युवकों की मौत हुई है, जबकि तीसरा गंभीर रूप से घायल है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

हादसे ने एक बार फिर सड़क किनारे बिना पर्याप्त चेतावनी संकेतों और सुरक्षा इंतजामों के खड़े खराब वाहनों से होने वाले खतरे को उजागर किया है। रात के अंधेरे में ऐसे वाहन राहगीरों के लिए गंभीर हादसे का कारण बन सकते हैं। इस दुर्घटना में दो परिवारों ने अपने जवान बेटों को खो दिया।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *