मुजफ्फरनगर। भोपा थाना क्षेत्र के मोरना गांव में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक गरीब परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। जानसठ मार्ग पर बाल काटने की दुकान चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले 20 वर्षीय अभिषेक की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई। कम उम्र में ही परिवार की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाने वाले अभिषेक की असमय मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है। जवान बेटे को खोने वाली मां और छोटे भाई-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सामने अब जीवनयापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। हादसे से दुखी ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मोरना निवासी अभिषेक जानसठ मार्ग पर बाल काटने की दुकान चलाता था। इसी दुकान से होने वाली आमदनी के सहारे वह अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां निभा रहा था। परिवार की स्थिति ऐसी थी कि कम उम्र में ही अभिषेक ने घर की जिम्मेदारी संभाल ली थी। अपनी मेहनत और लगन से वह मां और छोटे भाई-बहनों की जरूरतों को पूरा करने का प्रयास करता था।

रुड़की से सामान लेकर बाइक से लौट रहा था अभिषेक
बताया गया कि मंगलवार को अभिषेक अपनी दुकान के लिए जरूरी सामान खरीदने उत्तराखंड के रुड़की गया था। वहां से सामान खरीदने के बाद वह बाइक पर सवार होकर अपने गांव मोरना लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में किसी अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि अभिषेक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद उसे गंभीर चोटें आईं और उसकी मौत हो गई।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। जिस बेटे को परिवार के भविष्य की उम्मीद माना जा रहा था, उसकी अचानक मौत की खबर ने सभी को झकझोर कर रख दिया। गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई। बुधवार शाम जब अभिषेक का शव घर पहुंचा तो परिजनों का विलाप देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। मां अपने जवान बेटे के शव से लिपटकर बिलखती रही। गमगीन माहौल में अभिषेक का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मां चांदी और तीन छोटे भाई-बहनों को छोड़ गया अभिषेक
अभिषेक अपने पीछे मां चांदी, छोटे भाई हर्ष और दो छोटी बहनों रिया व सोनाक्षी को छोड़ गया है। परिवार में अभिषेक ही ऐसा सदस्य था, जो मेहनत करके घर की आजीविका चलाने में सबसे बड़ी भूमिका निभा रहा था। उसकी कमाई से ही परिवार की जरूरतें पूरी होती थीं। अब उसके चले जाने से परिवार के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है।
एक तरफ मां ने अपने जवान बेटे को खो दिया है तो दूसरी तरफ छोटे भाई-बहनों के सिर से बड़े भाई का सहारा हमेशा के लिए उठ गया है। जिस उम्र में अभिषेक को अपने भविष्य और सपनों को संवारना था, उस उम्र में वह परिवार की जिम्मेदारियां निभा रहा था। उसकी असमय मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की
अभिषेक की मौत के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। अभिषेक की ताई हेमंत देवी, जिला पंचायत सदस्य संजय रवि, ग्राम प्रधान मिंटू राठी, शहजाद अंसारी और रियासत अंसारी ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि अभिषेक बेहद कम उम्र में अपने परिवार की जिम्मेदारी उठा रहा था। उसकी मौत से परिवार का आर्थिक आधार पूरी तरह कमजोर हो गया है। मां और छोटे भाई-बहनों के सामने अब रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में प्रशासन को मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए परिवार की मदद के लिए आगे आना चाहिए।
ग्रामीणों ने कहा कि दुख की इस घड़ी में परिवार को केवल सांत्वना नहीं, बल्कि ठोस आर्थिक मदद की भी जरूरत है, ताकि अभिषेक के छोटे भाई-बहनों की पढ़ाई और परिवार का जीवनयापन प्रभावित न हो। गांव में हर कोई इस घटना से दुखी है और पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता मिलने की उम्मीद लगाए बैठा है।

