मुजफ्फरनगर में मिठाई कारोबारियों पर सबसे बड़ा छापा! 8 टीमों ने 13 प्रतिष्ठानों को घेरा, भाजपा नेता की सिफारिश भी बेअसर

मुजफ्फरनगर में मिठाई कारोबारियों पर सबसे बड़ा छापा! 8 टीमों ने 13 प्रतिष्ठानों को घेरा, भाजपा नेता की सिफारिश भी बेअसर

मुजफ्फरनगर। दीपावली के त्योहारी सीजन में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रमुख सचिव और खाद्य आयुक्त के निर्देश पर बुधवार को सहारनपुर मंडल से पहुंचीं खाद्य सुरक्षा विभाग की आठ विशेष टीमों ने मुजफ्फरनगर शहर और आसपास के क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी की। टीमों ने शहर के प्रमुख मिठाई प्रतिष्ठानों सहित कुल 13 प्रतिष्ठानों को जांच के दायरे में लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से मिठाई कारोबारियों में दिनभर हड़कंप मचा रहा। अधिकारियों ने विभिन्न प्रतिष्ठानों से मिठाइयों, मावा और पनीर के नमूने लेकर जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया पूरी की।

दीपावली के अवसर पर मिठाइयों की मांग में भारी बढ़ोतरी हो जाती है। त्योहार पर अधिक बिक्री और मुनाफे के लालच में कुछ कारोबारी मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री करने से भी बाज नहीं आते। इसी आशंका को देखते हुए शासन स्तर से खाद्य सुरक्षा विभाग को विशेष अभियान चलाकर मिठाई की दुकानों, प्रतिष्ठानों और खाद्य निर्माण इकाइयों की जांच करने के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में सहारनपुर मंडल के तीनों जनपदों सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को शामिल करते हुए आठ विशेष टीमों का गठन किया गया।

सुबह 11 बजे एक साथ बाजारों में उतरीं आठ टीमें

बुधवार सुबह करीब 11 बजे सभी विशेष टीमें पूर्व निर्धारित रणनीति के तहत मुजफ्फरनगर के अलग-अलग बाजारों और प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में पहुंचीं। टीमों ने एक साथ कई प्रतिष्ठानों पर निरीक्षण शुरू किया, जिससे कारोबारियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। अधिकारियों ने दुकानों में रखी मिठाइयों की गुणवत्ता, निर्माण प्रक्रिया, खाद्य पदार्थों के रखरखाव और साफ-सफाई की स्थिति का निरीक्षण किया। इसके साथ ही मिलावट की आशंका वाले खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए गए।

कार्रवाई के दौरान शहर के चर्चित नंदी स्वीट्स और ऋषि स्वीट्स पर विशेष रूप से गहन जांच की गई। इन प्रतिष्ठानों से भी विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। बताया गया कि इन दोनों प्रतिष्ठानों की गुणवत्ता को लेकर पूर्व में भी मामले सामने आ चुके हैं, जिसके चलते इस बार अधिकारियों ने यहां विशेष निगरानी के साथ सैंपलिंग की।

शहर से लेकर हाईवे तक बड़े मिठाई प्रतिष्ठान जांच के दायरे में

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने शहर के प्रमुख मिठाई प्रतिष्ठानों के साथ हाईवे और आसपास के कस्बों में संचालित दुकानों पर भी पहुंचकर जांच की। कार्रवाई के दौरान नंदी स्वीट्स, शंकर स्वीट्स, स्वीट कार्नर, मदनलाल, गर्ग स्वीट्स, ऋषि स्वीट्स, मंसूरपुर स्थित भगत जी स्वीट्स, दौलतराम स्वीट्स, रामपुर तिराहा स्थित बीकानेर और हल्दीराम तथा नई मंडी स्थित रुचि स्वीट्स सहित कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।

अधिकारियों ने प्रतिष्ठानों में उपलब्ध मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को परखा। जहां मिलावट या गुणवत्ता में गड़बड़ी की आशंका हुई, वहां से नमूने लेकर उन्हें सील किया गया। इस कार्रवाई में शहर के प्रतिष्ठित और बड़े मिठाई कारोबारियों के प्रतिष्ठान भी शामिल रहे।

मावा, पनीर और रंगीन मिठाइयों के नमूने सील

छापेमारी के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मावा, पनीर और विभिन्न प्रकार की रंगीन मिठाइयों के नमूने एकत्र किए। त्योहार के दौरान सबसे अधिक मांग में रहने वाले इन खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती गई। टीमों ने नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सील किया और जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजने की तैयारी की।

अधिकारियों के अनुसार, प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उनमें किसी प्रकार की मिलावट की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। यदि किसी प्रतिष्ठान के नमूने मानकों के विपरीत पाए जाते हैं तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

राजनीतिक सिफारिशों और दबाव की चर्चाओं के बीच जारी रही कार्रवाई

इस बड़ी छापेमारी के दौरान राजनीतिक सिफारिशों और प्रभावशाली कारोबारियों को राहत दिलाने के प्रयासों की चर्चाएं भी सामने आईं। सूत्रों के हवाले से दावा किया गया कि छापेमारी की जानकारी मिलने के बाद सत्ताधारी दल के एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर कुछ कारोबारियों के नमूने प्रयोगशाला नहीं भेजने का दबाव बनाने का प्रयास किया।

हालांकि, बताया गया कि शासन स्तर से सीधे निगरानी किए जाने के कारण अधिकारियों ने किसी भी कथित दबाव को तवज्जो नहीं दी और निर्धारित नियमों के अनुसार सैंपलिंग की प्रक्रिया जारी रखी। इस संबंध में राजनीतिक हस्तक्षेप के दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

लैब रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई को दीपावली से पहले मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने की दिशा में बड़ी पहल माना जा रहा है। त्योहार के दौरान बाजार में बिकने वाली मिठाइयों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना विभाग के सामने बड़ी चुनौती है। अधिकारियों का कहना है कि केवल छापेमारी और नमूने लेने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे।

बुधवार को हुई एक साथ छापेमारी से मिठाई कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति बनी रही। अब सबकी निगाहें प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि जिन प्रतिष्ठानों से नमूने लिए गए हैं, वहां बिकने वाली मिठाइयां और अन्य खाद्य पदार्थ निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।

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