वाराणसी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) इकाई ने विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को प्रमुखता से उठाया है। एबीवीपी के बीएचयू इकाई अध्यक्ष पल्लव सुमन ने गुरुवार को कहा कि बीएचयू में लोकतांत्रिक छात्र प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है। विद्यार्थी परिषद लंबे समय से छात्र हितों की रक्षा, विद्यार्थियों की समस्याओं के प्रभावी समाधान और परिसर में लोकतांत्रिक व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए छात्रसंघ चुनाव की मांग करती रही है। अब इस मांग को और व्यापक स्तर पर उठाने के लिए परिषद सक्रिय पहल करेगी।

पल्लव सुमन ने कहा कि विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की लोकतांत्रिक भागीदारी सुनिश्चित करना एक महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में भी छात्रसंघ चुनाव की बहाली को लेकर ठोस पहल की जानी चाहिए। छात्रसंघ केवल एक संगठनात्मक व्यवस्था नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की आवाज को संस्थागत स्वर देने वाला लोकतांत्रिक मंच है। इसके माध्यम से छात्र अपनी समस्याओं, शैक्षणिक आवश्यकताओं, छात्रावास संबंधी कठिनाइयों और परिसर से जुड़े अन्य विषयों को प्रभावी ढंग से विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष रख सकते हैं। छात्रसंघ विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के साथ ही उत्तरदायित्व, संवाद और लोकतांत्रिक सहभागिता की भावना को भी मजबूत करता है।

परिषद विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग करते हुए उन्होंने कहा कि बीएचयू में छात्रसंघ चुनाव की बहाली के संबंध में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए तथा चुनाव प्रक्रिया, आवश्यक नियमों और संभावित समय सीमा को लेकर स्पष्ट रूपरेखा सार्वजनिक की जाए। विद्यार्थियों को अपने प्रतिनिधि चुनने का लोकतांत्रिक अधिकार और अवसर मिलना चाहिए, ताकि विश्वविद्यालय की नीतियों एवं छात्रहित से जुड़े निर्णयों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके। एबीवीपी इस मांग को लेकर विद्यार्थियों के बीच संवाद स्थापित करेगी और लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक माध्यमों से अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।

