मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण (MDA) ने अवैध निर्माणों और बिना स्वीकृत मानचित्र के संचालित हो रहे भवनों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने जोन-तीन में अभियान चलाकर पांच निजी अस्पतालों समेत छह भवनों को सील कर दिया। कार्रवाई की जद में रुड़की रोड और इंदिरा कॉलोनी क्षेत्र के अस्पतालों के साथ घास मंडी में स्थित एक अन्य निर्माण भी आया है। अचानक हुई इस कार्रवाई से संबंधित भवनों के संचालकों और निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मच गया।

मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की यह कार्रवाई सहारनपुर मंडल के मंडलायुक्त की प्रेरणा तथा प्राधिकरण की उपाध्यक्ष प्रणता ऐश्वर्या के निर्देशों के अनुपालन में की गई। प्राधिकरण के अनुसार, संबंधित भवनों के मालिकों और संचालकों को पहले ही नोटिस जारी किए गए थे। उन्हें अपना पक्ष रखने और निर्माण को नियमानुसार वैध कराने के लिए शमन मानचित्र प्रस्तुत करने के पर्याप्त अवसर भी दिए गए, लेकिन निर्धारित प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर सीलिंग की कार्रवाई की गई।

नोटिस और सुनवाई के बाद भी नहीं कराया निर्माण वैध
प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई की जद में आए सभी छह प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया पहले से चल रही थी। संबंधित भवन स्वामियों और संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। इसके बाद सुनवाई के लिए भी कई अवसर उपलब्ध कराए गए।
प्राधिकरण की ओर से बताया गया कि संबंधित पक्षों को अपने निर्माणों को नियमानुसार वैध कराने के लिए शमन यानी कंपाउंडिंग मानचित्र प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था। इसके बावजूद किसी भी संबंधित आवेदक की ओर से प्राधिकरण कार्यालय में वैध शमन मानचित्र जमा नहीं कराया गया।
अधिकारियों के अनुसार, निर्धारित प्रक्रिया के तहत पहले सील आदेश जारी किए गए थे। बुधवार को प्रवर्तन टीम ने इन्हीं आदेशों के अनुपालन में मौके पर पहुंचकर संबंधित भवनों को सील कर दिया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई को अवैध निर्माणों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
चरक हॉस्पिटल पर सीलिंग की कार्रवाई
प्राधिकरण की सूची के अनुसार, रुड़की चुंगी रोड पर शेरपुर रास्ते के सामने स्थित चरक हॉस्पिटल को भी सील किया गया है। उपलब्ध विवरण में अस्पताल के संचालक के रूप में आमिर का नाम दर्ज है।
प्राधिकरण के मुताबिक, इस प्रतिष्ठान को 27 नवंबर 2025 को नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने के लिए चार बार सुनवाई का अवसर दिया गया। इसके बावजूद निर्धारित प्रक्रिया के तहत शमन मानचित्र जमा नहीं कराया गया। इसके बाद 17 जनवरी 2026 को जारी सील आदेश के अनुपालन में कार्रवाई की गई।
रुड़की रोड स्थित जेयू हॉस्पिटल भी सील
सीलिंग अभियान के दौरान रुड़की रोड स्थित जेयू हॉस्पिटल पर भी कार्रवाई की गई। प्राधिकरण की सूची में अस्पताल के संचालक के रूप में डॉ. जुनेद पुत्र उमेद अली का नाम दर्ज है।
अधिकारियों के अनुसार, इस प्रतिष्ठान को 6 अगस्त 2026 को नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद तीन बार सुनवाई का अवसर दिया गया। शमन मानचित्र प्रस्तुत नहीं किए जाने के चलते 22 सितंबर 2026 को जारी सील आदेश का अनुपालन करते हुए अस्पताल को सील कर दिया गया।
अपोलो हॉस्पिटल पर भी कसा शिकंजा
प्राधिकरण की कार्रवाई में चुंगी रुड़की रोड पर डीबा टी स्टॉल के निकट स्थित अपोलो हॉस्पिटल भी शामिल रहा। उपलब्ध सूची में इसके संचालक के रूप में असजद आहट पुत्र गाद इल्लाही का नाम दर्ज है।
प्राधिकरण के अनुसार, अस्पताल को 18 अगस्त 2026 को नोटिस दिया गया था। इसके बाद संबंधित पक्ष को तीन बार सुनवाई का अवसर उपलब्ध कराया गया। इसके बावजूद शमन मानचित्र जमा नहीं कराए जाने पर 29 सितंबर 2026 को जारी सील आदेश के तहत कार्रवाई की गई।
इंदिरा कॉलोनी के अमृत और इंडियन हॉस्पिटल सील
सीलिंग अभियान के दौरान इंदिरा कॉलोनी में रुड़की रोड के निकट स्थित अमृत हॉस्पिटल पर भी कार्रवाई की गई। प्राधिकरण की सूची में इसके मालिक के रूप में जावेद पुत्र नसीम अहमद और संचालक के रूप में डॉ. साहिद का नाम दर्ज है।
प्राधिकरण के मुताबिक, अमृत हॉस्पिटल को 20 जुलाई 2026 को नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद तीन बार सुनवाई का अवसर दिया गया। शमन मानचित्र प्रस्तुत नहीं होने पर 27 अगस्त 2026 को जारी सील आदेश के अनुपालन में अस्पताल को सील कर दिया गया।
इसी क्षेत्र में स्थित इंडियन हॉस्पिटल पर भी प्राधिकरण ने कार्रवाई की। उपलब्ध विवरण में इसके संचालक के रूप में हकीकत अली पुत्र हफीज अहमद का नाम दर्ज है। अस्पताल को 14 जुलाई 2026 को नोटिस दिया गया था और संबंधित पक्ष को चार बार सुनवाई का अवसर मिला था। इसके बावजूद नियमानुसार शमन मानचित्र प्रस्तुत नहीं किए जाने पर 7 सितंबर 2026 के सील आदेश का अनुपालन करते हुए भवन को सील कर दिया गया।
घास मंडी में नवाब का निर्माण भी सील
अस्पतालों के अलावा प्राधिकरण की टीम ने घास मंडी में चंद्रा टॉकीज के निकट स्थित एक अन्य निर्माण के खिलाफ भी कार्रवाई की। प्राधिकरण की सूची में भवन के मालिक के रूप में नवाब पुत्र जानेआलम का नाम दर्ज है।
अधिकारियों के अनुसार, संबंधित निर्माण के मामले में 14 जुलाई 2026 को नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद दो बार सुनवाई का अवसर दिया गया। निर्धारित प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर 4 अगस्त 2026 को जारी सील आदेश के अनुपालन में भवन को सील कर दिया गया।
इस तरह बुधवार को चलाए गए अभियान में कुल छह भवनों को सील किया गया, जिनमें पांच निजी अस्पताल और एक अन्य निर्माण शामिल है।
पुलिस बल की मौजूदगी में चला अभियान
सीलिंग की कार्रवाई के दौरान मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के सहायक अभियंता, अवर अभियंता और प्रवर्तन दस्ते के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित विरोध की स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय पुलिस बल भी तैनात रहा।
प्राधिकरण की टीम ने संबंधित भवनों पर पहुंचकर जारी सील आदेशों के अनुसार कार्रवाई की। अभियान के दौरान अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि आदेशों का अनुपालन कराया जाए। पुलिस की मौजूदगी के चलते कार्रवाई के दौरान शांति-व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
सील खुलवाने के लिए मानचित्र स्वीकृत कराना जरूरी
मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के सचिव ने स्पष्ट किया है कि सील किए गए भवनों के मालिकों और संचालकों को निर्माण से संबंधित नियमों का पालन करना होगा। जब तक संबंधित पक्ष प्राधिकरण कार्यालय में नियमानुसार शमन मानचित्र प्रस्तुत कर उसे स्वीकृत नहीं करा लेते, तब तक सील नहीं खोली जाएगी।
प्राधिकरण के मुताबिक, केवल मानचित्र प्रस्तुत करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उसे नियमानुसार स्वीकृति मिलना भी आवश्यक है। स्वीकृत मानचित्र के बाद ही आगे की वैधानिक प्रक्रिया पर विचार किया जा सकेगा।
इस निर्देश के जरिए प्राधिकरण ने स्पष्ट संदेश दिया है कि निर्माण संबंधी नियमों की अनदेखी करने वाले भवन स्वामियों को नियमानुसार कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना सील खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्ती का संदेश
मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण और भवनों को नियमानुसार वैध कराने की प्रक्रिया में लापरवाही के मामलों में प्राधिकरण सख्ती बरत रहा है। पांच निजी अस्पतालों समेत छह भवनों को सील किए जाने से संबंधित क्षेत्रों में भी कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
प्राधिकरण की ओर से संबंधित भवनों के मामले में नोटिस, सुनवाई और सील आदेश की प्रक्रिया का हवाला दिया गया है। अब संबंधित भवन स्वामियों और संचालकों को नियमानुसार शमन मानचित्र की स्वीकृति प्राप्त करनी होगी। इसके बाद ही सील खोलने और आगे की वैधानिक प्रक्रिया का रास्ता साफ हो सकेगा।
प्राधिकरण की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य निर्माण संबंधी नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना है। आने वाले समय में ऐसे अन्य निर्माणों के खिलाफ भी कार्रवाई होती है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।

