मुजफ्फरनगर। जिले के तितावी थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मी पर जानलेवा हमला कर फरार हुए बदमाशों का 24 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं लग सका है। शनिवार शाम पीपलहेड़ा और छतैला गांव के बीच रजबहा मार्ग पर गन्ने के खेत में हुई फायरिंग की घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। स्मैक तस्करों की सूचना पर चेकिंग कर रही पुलिस टीम के हेड कांस्टेबल अजीत कुमार को बदमाशों ने गोली मार दी थी। घटना के बाद घायल पुलिसकर्मी को उपचार के लिए शहर के भोपा रोड स्थित आनंद अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका इलाज जारी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उनकी हालत खतरे से बाहर है।

वारदात की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी सूरज कुमार राय ने हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए आठ पुलिस टीमें गठित की हैं। ये टीमें घटनास्थल के आसपास के गांवों, गन्ने के खेतों और बदमाशों के भागने के संभावित रास्तों पर तलाश कर रही हैं। शनिवार शाम से शुरू हुए अभियान के बावजूद रविवार तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हो सकी थी। घटना की जानकारी मिलने पर एसएसपी ने मौके पर पहुंचकर जांच की और पुलिसकर्मियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। देर रात सहारनपुर रेंज के डीआईजी अभिषेक सिंह भी तितावी पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

स्मैक तस्करों की सूचना पर पुलिस ने शुरू की थी चेकिंग
जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम करीब सात बजे तितावी थाना पुलिस को क्षेत्र में स्मैक तस्करों की गतिविधियों के संबंध में सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने पीपलहेड़ा और छतैला गांव के बीच रजबहा मार्ग पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी।
चेकिंग अभियान में हेड कांस्टेबल अजीत कुमार समेत चार पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिसकर्मी सड़क से गुजरने वाले संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों पर नजर रख रहे थे। इसी दौरान सड़क किनारे गन्ने के खेत के पास एक नकाबपोश व्यक्ति दिखाई दिया। उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिसकर्मियों ने उसे रुकने के लिए कहा।
पुलिस के अनुसार, संदिग्ध व्यक्ति रुकने के बजाय तेजी से भागा और पास के गन्ने के खेत में घुस गया। उसे पकड़ने के लिए हेड कांस्टेबल अजीत कुमार उसके पीछे दौड़ पड़े। इसी दौरान खेत में मौजूद बदमाशों ने फायरिंग कर दी। गोली अजीत कुमार की कमर के बाईं ओर लगी और शरीर को पार करते हुए बाहर निकल गई। गोली लगते ही वह घायल होकर गिर पड़े।
गन्ने के खेत में पहले से मौजूद थे हमलावर, फायरिंग कर हुए फरार
पुलिसकर्मी पर फायरिंग की घटना ऐसे समय हुई, जब पुलिस टीम संदिग्ध गतिविधियों की जांच कर रही थी। बताया गया कि नकाबपोश व्यक्ति के खेत में भागने के बाद अजीत कुमार उसका पीछा करते हुए अंदर पहुंचे थे। इसी दौरान खेत में मौजूद बदमाशों ने उन पर गोली चला दी।
गोली की आवाज सुनकर आसपास मौजूद पुलिसकर्मी घटनास्थल की ओर दौड़े। उन्होंने घायल हेड कांस्टेबल को संभाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। इस बीच हमलावर गन्ने के खेतों का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद पुलिसकर्मियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। एक पुलिसकर्मी को ड्यूटी के दौरान गोली मारे जाने की खबर से पुलिस महकमे में अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और बदमाशों की तलाश शुरू कराई।
गन्ने के खेतों में ऊंची फसल होने के कारण हमलावरों के भागने की दिशा का पता लगाना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। पुलिस आसपास के क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाकर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
हेड कांस्टेबल की कमर में लगी गोली, आनंद अस्पताल में उपचार जारी
फायरिंग में घायल हेड कांस्टेबल अजीत कुमार मूल रूप से हापुड़ जिले के ढाणा गांव के निवासी हैं। ड्यूटी के दौरान बदमाशों की गोली से घायल होने के बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए मुजफ्फरनगर लाया गया। शहर के भोपा रोड स्थित आनंद अस्पताल में चिकित्सकों की देखरेख में उनका उपचार किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, गोली उनकी कमर के बाईं ओर लगी थी और शरीर को पार कर बाहर निकल गई। घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायल हेड कांस्टेबल के स्वास्थ्य की जानकारी ली। चिकित्सकों से उपचार की स्थिति के बारे में भी बातचीत की गई।
एसएसपी सूरज कुमार राय और एसपी सिटी अमृत जैन समेत अन्य अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर अजीत कुमार का हाल जाना। अधिकारियों को बताया गया कि उनकी हालत खतरे से बाहर है। हालांकि, घटना में घायल होने के कारण उनका उपचार जारी है।
एसएसपी सूरज कुमार राय ने घटनास्थल का किया निरीक्षण
हेड कांस्टेबल को गोली मारे जाने की सूचना मिलते ही एसएसपी सूरज कुमार राय पुलिस अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने उस स्थान का निरीक्षण किया, जहां पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी और जहां से नकाबपोश संदिग्ध गन्ने के खेत में घुसा था।
एसएसपी ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से घटना के संबंध में जानकारी जुटाई। उन्होंने फायरिंग की परिस्थितियों, संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधियों और बदमाशों के भागने की संभावित दिशा के बारे में जानकारी ली।
घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद एसएसपी ने हमलावरों की तलाश में लगी पुलिस टीमों को कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। पुलिस का प्रयास है कि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाए। घटना में शामिल लोगों तक पहुंचने के लिए पुलिस आसपास के क्षेत्र में उपलब्ध जानकारियों और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच कर रही है।
देर रात तितावी पहुंचे डीआईजी अभिषेक सिंह
पुलिस टीम पर फायरिंग की गंभीर घटना को देखते हुए सहारनपुर रेंज के डीआईजी अभिषेक सिंह भी देर रात तितावी पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
डीआईजी ने हमलावरों की तलाश के लिए चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से अब तक की कार्रवाई के बारे में जानकारी लेते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।
वरिष्ठ अधिकारियों के घटनास्थल पर पहुंचने के बाद पुलिस की कार्रवाई और तेज की गई। इसके बावजूद रविवार तक किसी भी हमलावर की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई थी। पुलिस टीमें अलग-अलग संभावित ठिकानों पर तलाश कर रही थीं।
आठ पुलिस टीमों को सौंपी गई बदमाशों की तलाश की जिम्मेदारी
वारदात के बाद एसएसपी ने हमलावरों को पकड़ने के लिए आठ पुलिस टीमें गठित की हैं। इन टीमों को घटनास्थल के आसपास के इलाकों में तलाश करने और बदमाशों के संभावित भागने के रास्तों का पता लगाने की जिम्मेदारी दी गई है।
पुलिस गन्ने के खेतों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी जांच कर रही है। घटना के दौरान दिखाई दिए नकाबपोश व्यक्ति की पहचान करना पुलिस के लिए अहम माना जा रहा है। उसके साथ खेत में मौजूद अन्य लोगों की पहचान और उनकी भूमिका का पता लगाने का प्रयास भी किया जा रहा है।
पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि संदिग्ध व्यक्ति चेकिंग से बचने के लिए भागा था या उसे पहले से इस बात की जानकारी थी कि पुलिस टीम मौके पर मौजूद है। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि फायरिंग में शामिल बदमाशों का स्मैक तस्करी से कोई संबंध है या नहीं।
हालांकि, जांच पूरी होने और आरोपियों की गिरफ्तारी से पहले इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता हमलावरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करना है।
अस्पताल पहुंचकर अधिकारियों ने जाना घायल पुलिसकर्मी का हाल
घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पुलिस अधिकारियों ने आनंद अस्पताल पहुंचकर घायल हेड कांस्टेबल अजीत कुमार के स्वास्थ्य की जानकारी ली। एसएसपी सूरज कुमार राय और एसपी सिटी अमृत जैन समेत अन्य अधिकारियों ने चिकित्सकों से बातचीत की और उपचार की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की।
पुलिस अधिकारियों ने घायल पुलिसकर्मी की स्थिति पर नजर बनाए रखी है। चिकित्सकों के अनुसार, अजीत कुमार की हालत खतरे से बाहर बताई गई है और उनका उपचार जारी है।
ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी पर गोली चलाए जाने की घटना ने क्षेत्र में पुलिस सुरक्षा और बदमाशों की गतिविधियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ घटना के पीछे की परिस्थितियों का भी पता लगाने में जुटी है।
24 घंटे बाद भी गिरफ्तारी नहीं, पुलिस के सामने चुनौती
शनिवार शाम करीब सात बजे हुई घटना के बाद रविवार शाम तक 24 घंटे से अधिक समय बीत चुका था, लेकिन हेड कांस्टेबल अजीत कुमार को गोली मारने वाले बदमाश पुलिस की पकड़ से बाहर थे। आठ टीमों के गठन और वरिष्ठ अधिकारियों के निरीक्षण के बावजूद किसी आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई थी।
पुलिस की जांच का केंद्र नकाबपोश संदिग्ध और गन्ने के खेत में मौजूद उसके साथियों की पहचान करना है। चेकिंग के दौरान संदिग्ध व्यक्ति के भागने और उसके पीछे पहुंचे पुलिसकर्मी पर फायरिंग किए जाने की घटना के हर पहलू की जांच की जा रही है।
फिलहाल घायल हेड कांस्टेबल आनंद अस्पताल में उपचाराधीन हैं और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। दूसरी ओर, पुलिस की आठ टीमें फरार हमलावरों की तलाश में जुटी हैं। अधिकारियों ने आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अब देखना होगा कि पुलिस हमलावरों तक कब पहुंच पाती है और इस घटना में शामिल लोगों की पहचान कब तक सामने आती है।

