मुजफ्फरनगर। स्नातक एवं शिक्षक विधान परिषद सदस्य यानी एमएलसी चुनाव के मतदान के दौरान मुजफ्फरनगर के डीएवी कॉलेज स्थित मतदान केंद्र के बाहर भाजपा और समाजवादी पार्टी से जुड़े नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया। दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद धक्का-मुक्की होने की सूचना सामने आई, जिससे मतदान केंद्र के गेट पर कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। घटना के दौरान पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान, प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल और सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी की मौजूदगी चर्चा में रही। विवाद की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। सपा की ओर से राज्यमंत्री पर मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, विवाद के सभी पहलुओं और लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

मतदान केंद्र के बाहर कहासुनी के बाद बढ़ा विवाद
एमएलसी चुनाव के लिए मतदान के दौरान डीएवी कॉलेज स्थित केंद्र पर राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी थी। इसी दौरान भाजपा और सपा पक्ष के लोगों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ने और धक्का-मुक्की होने की सूचना सामने आई। मतदान केंद्र के मुख्य गेट पर हुए घटनाक्रम के बाद वहां मौजूद लोगों के बीच हलचल बढ़ गई।

घटना के समय पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान और राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल मतदान केंद्र पर पहुंचे हुए थे। वहीं, समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जिया चौधरी भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ वहां मौजूद थे। दोनों दलों के नेताओं और समर्थकों की मौजूदगी के बीच विवाद सामने आने से मामला राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो गया।
राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल पर सपा ने लगाए आरोप
विवाद के दौरान समाजवादी पार्टी की ओर से राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल पर मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया गया। सपा पक्ष ने मतदान केंद्र के भीतर लोगों के प्रवेश को लेकर आपत्ति जताई। आरोप लगाया गया कि मंत्री के साथ कई लोग मतदान केंद्र के अंदर गए थे। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनातनी बढ़ने की बात सामने आई।
सपा की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मतदान केंद्र में प्रवेश को लेकर क्या नियम लागू थे, कौन-कौन लोग अधिकृत रूप से अंदर गए और किसी नियम का उल्लंघन हुआ या नहीं, इन सवालों पर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। ऐसे में पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित पक्षों के बयान और प्रशासन की जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
संजीव बालियान और जिया चौधरी की मौजूदगी रही चर्चा में
डीएवी कॉलेज के बाहर हुए विवाद में भाजपा और सपा के प्रमुख स्थानीय नेताओं की मौजूदगी के कारण मामला चर्चा में आ गया। पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान और राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल की मौजूदगी के बीच सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी भी कार्यकर्ताओं के साथ वहां मौजूद थे। विवाद बढ़ने के बाद दोनों दलों के समर्थकों के बीच तनाव की स्थिति बनने की सूचना सामने आई।
एमएलसी चुनाव के दौरान मतदान केंद्र के बाहर इस तरह का विवाद सामने आने से राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई। हालांकि, किसी भी पक्ष की भूमिका को लेकर निष्कर्ष निकालने से पहले घटना के पूरे क्रम, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयानों की पुष्टि आवश्यक है।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा पहुंचे मौके पर
डीएवी कॉलेज के बाहर विवाद की सूचना मिलने पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। मतदान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना प्रशासन की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में मतदान केंद्र के बाहर दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच विवाद सामने आने के बाद प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई।
मतदान केंद्र पर प्रवेश की व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध और चुनाव संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करना निष्पक्ष मतदान के लिए जरूरी है। मतदाताओं को बिना किसी दबाव या व्यवधान के अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर मिलना चाहिए। फिलहाल जिलाधिकारी के मौके पर पहुंचने के बाद की गई कार्रवाई और विवाद के संबंध में प्रशासन का विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
निष्पक्ष मतदान और प्रवेश व्यवस्था पर उठे सवाल
डीएवी कॉलेज के बाहर हुए विवाद ने मतदान केंद्रों पर प्रवेश व्यवस्था और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं की भूमिका को लेकर सवाल खड़े किए हैं। चुनाव के दौरान मतदान केंद्र के भीतर प्रवेश निर्धारित नियमों के अनुसार होना चाहिए, ताकि मतदान प्रक्रिया की गोपनीयता और निष्पक्षता बनी रहे। किसी भी तरह की राजनीतिक तनातनी से मतदाताओं को परेशानी नहीं होनी चाहिए।
मुजफ्फरनगर में एमएलसी चुनाव के दौरान भाजपा और सपा पक्ष के बीच सामने आए इस विवाद में अब प्रशासन का आधिकारिक पक्ष महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल पर लगाए गए आरोपों, मतदान केंद्र में प्रवेश की परिस्थितियों और धक्का-मुक्की के घटनाक्रम की पुष्टि संबंधित तथ्यों के आधार पर ही हो सकेगी। फिलहाल मामले में दोनों पक्षों की प्रतिक्रिया और प्रशासन की ओर से किसी जांच या कार्रवाई की जानकारी का इंतजार है।

