मुजफ्फरनगर। जनपद के नवनियुक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कमल पांडे ने मुजफ्फरनगर पहुंचकर अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है। प्रतापगढ़ से स्थानांतरित होकर आए राजीव कमल पांडे ने पदभार संभालने के बाद न्यायिक अधिकारियों के साथ बैठक की और न्यायालय से संबंधित कार्यों एवं व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने सत्र न्यायालय परिसर का भ्रमण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

उनके कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही जनपद न्यायपालिका में नए प्रशासनिक कार्यकाल की शुरुआत हो गई है। पदभार संभालने के बाद न्यायिक अधिकारियों के साथ बैठक और न्यायालय परिसर का निरीक्षण उनकी प्रमुख गतिविधियों में शामिल रहा।

न्यायिक अधिकारियों के साथ बैठक कर ली जानकारी
जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कमल पांडे ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद जिले के न्यायिक अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने न्यायालय से जुड़े कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। न्यायिक अधिकारियों के साथ हुई इस बैठक को नए जनपद न्यायाधीश के कार्यभार संभालने के बाद की महत्वपूर्ण गतिविधि माना जा रहा है।
बैठक के बाद उन्होंने सत्र न्यायालय परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने न्यायालय परिसर में उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित कार्यों की जानकारी हासिल की।
वाराणसी और रामपुर में भी दे चुके हैं सेवाएं
नवनियुक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कमल पांडे को न्यायिक सेवा का अनुभव है। वह पूर्व में वाराणसी में लंबे समय तक अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा रामपुर में भी उनकी तैनाती रही है। मुजफ्फरनगर आने से पहले वह प्रतापगढ़ में तैनात थे।
प्रतापगढ़ से उनका स्थानांतरण मुजफ्फरनगर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर किया गया है। नई तैनाती के बाद उन्होंने जिले की जिला न्यायपालिका का प्रशासनिक दायित्व संभाल लिया है।
जिला न्यायपालिका का संभाला प्रशासनिक दायित्व
जनपद न्यायाधीश के रूप में राजीव कमल पांडे के पास जिला न्यायपालिका के प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी होगी। कार्यभार ग्रहण करने के बाद न्यायिक अधिकारियों से संवाद और न्यायालय परिसर का भ्रमण उनकी शुरुआती गतिविधियों में शामिल रहा।
उनके पदभार संभालने के बाद अब जिले की न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कार्य उनके नेतृत्व में आगे बढ़ेंगे। फिलहाल कार्यभार ग्रहण करने, अधिकारियों के साथ बैठक करने और न्यायालय परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लेने की गतिविधियां प्रमुख रहीं।

