मुजफ्फरनगर में रामलीला का भव्य मंचन: ताड़का वध होते ही गूंजे जय श्रीराम के जयकारे, बारिश के बावजूद उमड़े हजारों श्रद्धालु

मुजफ्फरनगर में रामलीला का भव्य मंचन: ताड़का वध होते ही गूंजे जय श्रीराम के जयकारे, बारिश के बावजूद उमड़े हजारों श्रद्धालु

मुजफ्फरनगर। श्री रामलीला समिति, नई मंडी के ऐतिहासिक शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य श्रीरामलीला महोत्सव के तीसरे दिन ताड़का वध की लीला का रोमांचक और जीवंत मंचन किया गया। प्रभु श्रीराम द्वारा राक्षसी ताड़का का वध किए जाने का दृश्य देखकर रामलीला पंडाल में मौजूद श्रद्धालु भक्ति भाव से सराबोर हो उठे। पूरा पंडाल जय श्रीराम के जयघोषों से गूंज उठा। खराब मौसम और हल्की बारिश के बावजूद हजारों की संख्या में श्रद्धालु अपने बच्चों के साथ रामलीला देखने पहुंचे। मंचन के दौरान कलाकारों ने अपने अभिनय से दर्शकों को पौराणिक प्रसंगों का जीवंत अनुभव कराया।

महर्षि विश्वामित्र के साथ वन गए श्रीराम और लक्ष्मण

महोत्सव के तीसरे दिन मुख्य अतिथि प्रवीण कुमार गोयल एवं मोनिका गोयल (स्वास्तिक रबर), निपुण मित्तल सपरिवार तथा आशीष गर्ग सपरिवार ने प्रभु श्रीराम के स्वरूपों की आरती कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद रामलीला का मंचन शुरू हुआ, जिसमें महर्षि विश्वामित्र के राजा दशरथ के दरबार में पहुंचने और यज्ञ की रक्षा के लिए राजकुमार राम और लक्ष्मण को अपने साथ ले जाने का प्रसंग प्रस्तुत किया गया।

लीला में दिखाया गया कि महर्षि विश्वामित्र अपने यज्ञ में राक्षसों द्वारा उत्पन्न किए जा रहे विघ्नों से परेशान होकर राजा दशरथ से सहायता मांगते हैं। वह यज्ञ की सुरक्षा के लिए श्रीराम और लक्ष्मण को अपने साथ वन ले जाने का आग्रह करते हैं। राजा दशरथ अपने पुत्रों से अत्यधिक स्नेह के कारण पहले चिंतित होते हैं, लेकिन महर्षि के आग्रह और गुरु वशिष्ठ के परामर्श के बाद दोनों राजकुमारों को उनके साथ वन जाने की अनुमति दे देते हैं।

इसके बाद श्रीराम और लक्ष्मण महर्षि विश्वामित्र के साथ वन की ओर प्रस्थान करते हैं। वन में पहुंचने पर उनका सामना राक्षसी ताड़का से होता है, जो महर्षि के यज्ञ में बाधा उत्पन्न करती थी। इस प्रसंग का मंचन कलाकारों ने प्रभावशाली ढंग से किया।

ताड़का के भयानक रूप और युद्ध ने दर्शकों को किया रोमांचित

रामलीला के दौरान ताड़का और प्रभु श्रीराम के बीच युद्ध का दृश्य आकर्षण का केंद्र रहा। ताड़का का विशाल और भयावह रूप देखकर पंडाल में मौजूद बच्चे रोमांचित हो उठे। मंच पर एक साथ चार ताड़काओं का दृश्य प्रस्तुत किए जाने से दर्शकों में विशेष उत्सुकता दिखाई दी।

युद्ध के दौरान प्रभु श्रीराम ने अपने दिव्य बाण से ताड़का का वध कर दिया। ताड़का वध का दृश्य प्रस्तुत होते ही पंडाल जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। इसके बाद देवलोक से पुष्प वर्षा का दृश्य मंचित किया गया, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं ने प्रभु श्रीराम के जयकारे लगाकर अपनी आस्था व्यक्त की।

खराब मौसम के बावजूद श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने आयोजन के प्रति लोगों के उत्साह को दर्शाया। बड़ी संख्या में परिवार अपने बच्चों के साथ रामलीला देखने पहुंचे और कलाकारों के अभिनय की सराहना की।

पटेल नगर रामलीला के कलाकारों का किया गया सम्मान

ताड़का वध की विशेष लीला देखने के लिए पटेल नगर रामलीला से पूर्व सभासद विकल्प जैन और अनिल ऐरन 40 से अधिक कलाकारों की टीम के साथ पहुंचे। श्री रामलीला समिति, नई मंडी के अध्यक्ष संजय मित्तल और अन्य पदाधिकारियों ने उनका फूलमालाएं पहनाकर स्वागत किया तथा सम्मानित किया।

इस अवसर पर दोनों रामलीला आयोजनों से जुड़े लोगों की उपस्थिति ने धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से आपसी सहयोग की भावना को भी प्रदर्शित किया। पटेल नगर से आए कलाकारों की टीम का स्वागत आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा।

शताब्दी वर्ष समारोह में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़

श्री रामलीला समिति, नई मंडी की ओर से ऐतिहासिक शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है। रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों का मंचन किया जा रहा है। आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं की झलक भी देखने को मिल रही है।

समिति की ओर से महोत्सव के दौरान व्यवस्थाओं और कार्यक्रमों को सुचारु रूप से संचालित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। ताड़का वध की लीला देखने पहुंचे श्रद्धालुओं ने मंचन का आनंद लिया और जय श्रीराम के उद्घोष के साथ वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

समिति के पदाधिकारी और गणमान्य लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में श्री रामलीला समिति के अध्यक्ष संजय मित्तल, मंत्री अशोक गर्ग, कोषाध्यक्ष आदित्य भरतिया, बृज गोपाल छारिया, राजीव अग्रवाल, प्रवीण कुमार एडवोकेट, विदित गुप्ता, अभिषेक कुच्छल, उपेंद्र मित्तल, संजय जिंदल काका, विनोद संगल, राजेश गोयल, विवेक गर्ग, विवेक बंसल, मुकेश गुप्ता और शरद गोयल सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

इसके अलावा हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने रामलीला महोत्सव में भाग लेकर प्रभु श्रीराम की लीला का आनंद लिया। शताब्दी वर्ष के इस आयोजन में ताड़का वध का मंचन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बना रहा।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *