मुजफ्फरनगर। जिले में वारंटी और वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत खालापार थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर अदालत से जारी वारंटों के आधार पर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, चोरी, एनडीपीएस, आबकारी और अन्य मामलों में आरोपी शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार न्यायालय से वारंट जारी होने के बाद सभी आरोपी गिरफ्तारी से बच रहे थे। उनकी तलाश के लिए पुलिस टीमों को सक्रिय किया गया था। दो दिनों तक चले अभियान के दौरान पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

न्यायालय के वारंट के आधार पर हुई कार्रवाई
मुजफ्फरनगर जनपद में अपराधियों, वांछित आरोपियों और न्यायालय से वारंट जारी होने के बावजूद फरार चल रहे लोगों की गिरफ्तारी के लिए ऑपरेशन चक्रव्यूह चलाया जा रहा है। अभियान के तहत थाना खालापार पुलिस ने भी वारंटियों की सूची तैयार कर उनकी तलाश शुरू की।
पुलिस टीमों ने संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाने के साथ ही अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी। इसी कार्रवाई के दौरान पांच वारंटियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक सभी आरोपियों के खिलाफ न्यायालय से वारंट जारी थे।
हत्या से लेकर एनडीपीएस और आबकारी तक के मामले
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मिडुन उर्फ मन्साद निवासी खालापार शामिल है। वह हनीफ का पुत्र है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ सीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है।
दूसरा गिरफ्तार आरोपी चांद पुत्र अंधा यासीन निवासी फिरदौसनगर है। पुलिस के अनुसार चांद के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट, गोवध अधिनियम और सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित कई गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।
तीसरा आरोपी विकुल पुत्र सतवीर निवासी वहलना है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज है।
चौथा आरोपी सन्नी चौधरी पुत्र अमीर अहमद निवासी रामपुरम है। उसके खिलाफ मारपीट, धमकी और अन्य धाराओं में मामले दर्ज बताए गए हैं।
पांचवां आरोपी मौ. आबिद पुत्र रहमत निवासी कृष्णापुरी है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम, एनडीपीएस एक्ट, मारपीट और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज हैं।
तीन अक्टूबर को दो, चार अक्टूबर को तीन गिरफ्तार
खालापार पुलिस की कार्रवाई दो दिनों तक चली। पुलिस के अनुसार तीन अक्टूबर को मिडुन उर्फ मन्साद और चांद को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद चार अक्टूबर को अभियान को आगे बढ़ाते हुए विकुल, सन्नी चौधरी और मौ. आबिद को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ न्यायालय से वारंट जारी थे और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपियों को दबोचा
वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए की गई कार्रवाई में उपनिरीक्षक संजय सिंह, उपनिरीक्षक असगर अली, उपनिरीक्षक मयंक प्रताप सिंह और उपनिरीक्षक आशीष खोखर शामिल रहे। इनके साथ हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल भी पुलिस टीम का हिस्सा रहे।
पुलिस टीम ने आरोपियों की लोकेशन और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाने के बाद अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की। दो दिन के अभियान में पांच वारंटियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू की।
वारंटी और वांछित आरोपियों पर शिकंजा जारी
थाना खालापार पुलिस का कहना है कि न्यायालय से वारंट जारी होने के बावजूद गिरफ्तारी से बच रहे आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। पुलिस की ओर से ऐसे आरोपियों की तलाश की जा रही है, जो विभिन्न मामलों में न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हुए हैं।
ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत पुलिस का फोकस वारंटी और वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी पर है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान के दौरान चिन्हित किए गए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी।

