मुजफ्फरनगर में सरकारी जमीन पर हरे शीशम के पेड़ों की कटाई का मामला गरमाया- मौके पर मिले ठूंठ, विभागीय टीम ने फोटो-वीडियो से किया मिलान

मुजफ्फरनगर में सरकारी जमीन पर हरे शीशम के पेड़ों की कटाई का मामला गरमाया- मौके पर मिले ठूंठ, विभागीय टीम ने फोटो-वीडियो से किया मिलान

मुजफ्फरनगर। शहर के कोतवाली नगर थाना क्षेत्र में काशीराम कॉलोनी के पीछे सरकारी जमीन पर खड़े दो हरे शीशम के पेड़ बिना अनुमति कटवाए जाने के मामले में जांच तेज हो गई है। कोतवाली नगर पुलिस की प्रारंभिक जांच के बाद अब जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। जांच के दौरान जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान यानी डीआईईटी की सरकारी भूमि पर दो शीशम के पेड़ों के कटे हुए ठूंठ मिले हैं। टीम ने शिकायतकर्ता की ओर से उपलब्ध कराए गए फोटो और वीडियो का मौके पर मिले ठूंठों से मिलान किया। साथ ही संबंधित जमीन की खतौनी का भी परीक्षण किया गया।

मामला काशीराम कॉलोनी के पीछे स्थित खसरा संख्या 673 की सरकारी भूमि से जुड़ा है। राजस्व अभिलेखों में इस जमीन का कुल रकबा 0.0800 हेक्टेयर दर्ज है। पुलिस जांच के बाद अब शिक्षा विभाग की स्थलीय जांच भी पूरी हो चुकी है और प्रारंभिक आख्या जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को सौंपे जाने की बात सामने आई है।

सुबह सरकारी बाग में पेड़ कटते देखने का दावा

मामले की शुरुआत काशीराम कॉलोनी निवासी लाल्ला की शिकायत से हुई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सरकारी जमीन पर खड़े दो कीमती शीशम के पेड़ों को बिना किसी सरकारी अनुमति के कटवाकर बेच दिया गया। शिकायत मिलने के बाद कोतवाली नगर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और जांच की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक मिलन चौधरी को सौंपी गई।

शिकायतकर्ता लाल्ला के अनुसार चार सितंबर 2026 की सुबह करीब साढ़े पांच बजे वह काशीराम कॉलोनी के पीछे स्थित सरकारी बाग की ओर गया था। वहां उसने शीशम के दो बड़े पेड़ देखे थे। शिकायतकर्ता के मुताबिक पेड़ों की मोटाई करीब तीन से चार फीट और लंबाई लगभग 25 फीट थी।

लाल्ला का आरोप है कि मौके पर दिनेश पुत्र श्रीपाल वर्मा और नरेंद्र मौजूद थे तथा निजी मजदूरों की मदद से पेड़ कटवाए जा रहे थे। पेड़ों को काटने के दौरान वहां ट्रैक्टर भी खड़ा था। आरोप के अनुसार मजदूर पेड़ों में रस्सियां बांधकर ट्रैक्टर की मदद से उन्हें खींचकर गिरा रहे थे।

अनुमति के कागजात नहीं दिखाने का आरोप

शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसने मौके पर मौजूद लोगों से पेड़ काटने की अनुमति के संबंध में जानकारी मांगी थी। आरोप है कि दिनेश पुत्र श्रीपाल वर्मा और नरेंद्र के पास पेड़ काटने से संबंधित कोई सरकारी अनुमति अथवा दस्तावेज नहीं था।

इसके बाद शिकायतकर्ता ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने मौके का निरीक्षण करने के साथ आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की और राजस्व अभिलेखों की भी जांच की।

गवाह ने बताया, एक पेड़ सूखा और दूसरा हरा था

पुलिस ने जांच के दौरान आसपास रहने वाले लोगों के बयान भी दर्ज किए। इसी क्रम में देवराज वर्मा ने पुलिस को बताया कि सरकारी बाग में लंबे समय से शीशम के दो पेड़ खड़े थे। उसके अनुसार इनमें एक पेड़ पूरी तरह सूख चुका था, जबकि दूसरा पेड़ हरा-भरा था और उस पर हरी पत्तियां थीं।

देवराज वर्मा के अनुसार चार सितंबर की शाम जब वह वहां से गुजरा तो दोनों पेड़ कटे हुए थे और जमीन पर उनकी जड़ें दिखाई दे रही थीं। उसने आसपास के लोगों से जानकारी ली तो उसे कथित तौर पर पता चला कि पेड़ दिनेश पुत्र श्रीपाल वर्मा और नरेंद्र ने मजदूर लगाकर कटवाए थे।

आरोपी पक्ष ने पेड़ काटने से किया इनकार

पुलिस पूछताछ में दिनेश पुत्र श्रीपाल वर्मा और नरेंद्र ने अपना पक्ष भी रखा। उनके अनुसार चार सितंबर को उन्हें फोन के जरिए सूचना मिली थी कि सरकारी जमीन पर दो शीशम के पेड़ काटे जा रहे हैं। सूचना मिलने के बाद दोनों मौके पर पहुंचे थे।

उनका कहना था कि जब वे वहां पहुंचे तो कुछ निजी लोग पेड़ काट रहे थे। हालांकि पुलिस पूछताछ के दौरान जब उनसे पूछा गया कि पेड़ काटे जाने की जानकारी उन्होंने किसी सरकारी अधिकारी अथवा संबंधित विभाग को दी थी या नहीं, तो दोनों ने इससे इनकार किया। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने इस संबंध में किसी अधिकारी या विभाग को सूचना नहीं दी थी।

राजस्व रिकॉर्ड में सरकारी भूमि के रूप में दर्ज है जमीन

पुलिस की जांच में विवादित जमीन के राजस्व रिकॉर्ड को भी खंगाला गया। खसरा संख्या 673 का कुल क्षेत्रफल 0.0800 हेक्टेयर दर्ज पाया गया। राजस्व अभिलेखों के अनुसार जमीन गर्वमेंट नॉर्मल स्कूल, मुजफ्फरनगर के नाम दर्ज है।

सरकारी रिकॉर्ड में जमीन का दर्जा सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से संबंधित माना। पुलिस ने शिकायतकर्ता को संबंधित विभाग के समक्ष शिकायत रखने की सलाह दी, जिसके बाद मामला शिक्षा विभाग तक पहुंचा।

जिलाधिकारी के आदेश पर शिक्षा विभाग की टीम पहुंची मौके पर

मामले की जानकारी जिलाधिकारी के संज्ञान में आने के बाद स्थलीय जांच के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी के आदेश के अनुपालन में तीन अक्टूबर 2026 को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की टीम मौके पर पहुंची।

टीम ने मौके का निरीक्षण कर जमीन और पेड़ कटान से जुड़े तथ्यों की जांच की। निरीक्षण के दौरान सरकारी भूमि पर दो शीशम के पेड़ों के कटे हुए ठूंठ मिले। इससे पहले शिकायतकर्ता की ओर से उपलब्ध कराए गए फोटो और वीडियो भी टीम के सामने रखे गए।

फोटो और वीडियो का मौके से किया गया मिलान

जांच टीम ने शिकायतकर्ता की ओर से उपलब्ध कराए गए फोटो और वीडियो को मौके पर मिले पेड़ों के ठूंठों से मिलाया। टीम के अनुसार फोटो और वीडियो में दिखाई दे रहे स्थान तथा मौके पर मौजूद कटे हुए ठूंठों का मिलान किया गया।

इसके साथ ही टीम ने संबंधित सरकारी भूमि की खतौनी का भी परीक्षण किया। जमीन के अभिलेखों और मौके की स्थिति का मिलान किए जाने के बाद विभागीय टीम ने अपनी प्रारंभिक जांच पूरी की।

अब विभागीय कार्रवाई पर टिकी नजर

स्थलीय निरीक्षण पूरा करने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की टीम ने अपनी प्रारंभिक आख्या संबंधित कार्यालय को सौंप दी है। अब विभागीय स्तर पर उपलब्ध साक्ष्यों, राजस्व अभिलेखों, मौके पर मिले पेड़ों के ठूंठ और पुलिस की जांच रिपोर्ट का परीक्षण किया जाएगा।

मामले में यह भी देखा जाएगा कि सरकारी भूमि पर पेड़ काटे जाने की घटना में किसकी भूमिका रही और बिना अनुमति पेड़ काटे जाने के आरोपों पर आगे क्या कार्रवाई की जाए। पुलिस की प्रारंभिक जांच के बाद शिक्षा विभाग की टीम के स्थलीय सत्यापन से मामला अब विभागीय कार्रवाई के अगले चरण में पहुंच गया है।

सरकारी भूमि पर हरे पेड़ों के कटान का मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी इसको लेकर चर्चा तेज है। अब विभागीय जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।

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