मुजफ्फरनगर में WhatsApp मैसेज से साइबर ठगी, तीन दिन में खाते से उड़ाए 1.57 लाख रुपये; तितावी पुलिस ने दर्ज किया केस

मुजफ्फरनगर में WhatsApp मैसेज से साइबर ठगी, तीन दिन में खाते से उड़ाए 1.57 लाख रुपये; तितावी पुलिस ने दर्ज किया केस

मुजफ्फरनगर। तितावी थाना क्षेत्र के ग्राम धनसैनी में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है। अज्ञात साइबर ठगों ने व्हाट्सऐप पर मैसेज भेजकर एक युवक को अपनी बातों में फंसाया और महज तीन दिन के भीतर उसके बैंक खाते से 1 लाख 57 हजार 555 रुपये निकाल लिए। ठगी का अहसास होने के बाद पीड़ित ने तितावी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

व्हाट्सऐप पर अज्ञात नंबर से आया था मैसेज

ग्राम धनसैनी निवासी वसीम पुत्र हमीद ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 22 सितंबर 2026 को उसके व्हाट्सऐप पर एक अज्ञात मोबाइल नंबर से मैसेज आया था। इसके बाद मैसेज भेजने वाले व्यक्ति ने उससे लगातार बातचीत शुरू कर दी।

पीड़ित के अनुसार, बातचीत के दौरान अज्ञात व्यक्ति ने उसे अपनी बातों में उलझाया और धीरे-धीरे विश्वास में ले लिया। इसके बाद अलग-अलग तरीकों से उसे झांसे में लेकर उसके बैंक खाते से ऑनलाइन रकम ट्रांसफर कराई गई।

तीन दिन में 1.57 लाख रुपये की निकासी

वसीम के मुताबिक 22 सितंबर से 24 सितंबर 2026 के बीच उसके बैंक खाते से कई बार ऑनलाइन लेनदेन किए गए। ठगों ने रकम को एक ही खाते में भेजने के बजाय अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराया।

शिकायत के अनुसार इन अलग-अलग लेनदेन के दौरान उसके खाते से कुल 1,57,555 रुपये निकल गए। खाते से लगातार रकम कटने के बाद वसीम को जब पूरे मामले की जानकारी हुई तो उसे साइबर ठगी का अहसास हुआ।

शिकायत के बाद तितावी पुलिस ने दर्ज किया केस

ठगी का पता चलने के बाद पीड़ित तितावी थाने पहुंचा और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। वसीम की तहरीर के आधार पर पुलिस ने 26 सितंबर 2026 को मुकदमा दर्ज कर लिया।

मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर और रकम भेजे गए बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस लेनदेन की पूरी कड़ी खंगालने में जुटी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि रकम किन खातों में पहुंची और उसके बाद उसे कहां ट्रांसफर किया गया।

बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की जांच

पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच में बैंक खातों के लेनदेन और साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों को अहम साक्ष्य माना जा रहा है। संबंधित बैंकों से जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात में कितने लोग शामिल हैं और अलग-अलग खातों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया।

पीड़ित ने की रकम वापस कराने की मांग

वसीम ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर साइबर ठगी में शामिल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित ने ठगी गई 1.57 लाख रुपये से अधिक की रकम वापस दिलाने की भी गुहार लगाई है।

पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और बैंकिंग लेनदेन की जांच के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साइबर ठगी के इस मामले ने एक बार फिर अनजान नंबरों से आने वाले व्हाट्सऐप मैसेज और ऑनलाइन लेनदेन को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है।

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