मुजफ्फरनगर में 61 मुकदमों वाले हिस्ट्रीशीटर पर बड़ी कार्रवाई, गौरव उर्फ गौरा PIT NDPS एक्ट में गिरफ्तार; हरिद्वार से दबोचा

मुजफ्फरनगर में 61 मुकदमों वाले हिस्ट्रीशीटर पर बड़ी कार्रवाई, गौरव उर्फ गौरा PIT NDPS एक्ट में गिरफ्तार; हरिद्वार से दबोचा

मुजफ्फरनगर। अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन सवेरा के तहत खतौली पुलिस ने एक हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने आपराधिक गतिविधियों में लंबे समय से संलिप्त बताए जा रहे गौरव उर्फ गौरा को पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, आबकारी अधिनियम और अवैध हथियार रखने समेत गंभीर अपराधों के कुल 61 मुकदमे दर्ज हैं।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक खतौली के मोहल्ला देवीदास निवासी 40 वर्षीय गौरव उर्फ गौरा पुत्र ओमप्रकाश थाना खतौली का हिस्ट्रीशीटर है। उसकी हिस्ट्रीशीट संख्या 332ए बताई गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री समेत विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। इसी आपराधिक रिकॉर्ड और कथित गतिविधियों को देखते हुए उसके खिलाफ पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।

शासन के आदेश के बाद तेज हुई कार्रवाई

पुलिस के अनुसार गौरव उर्फ गौरा के खिलाफ पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए प्रभावी पैरवी की गई थी। इसके बाद उत्तर प्रदेश शासन ने 24 सितंबर 2026 को आदेश संख्या 664/125/2/70/2026-सीएक्स-5 (पिट एनडीपीएस) पारित किया।

शासन के आदेश के अनुपालन में खतौली पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने उसे जनपद हरिद्वार से 26 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे जेल भेज दिया गया।

1997 से दर्ज होते रहे हैं मुकदमे

पुलिस द्वारा जारी आपराधिक इतिहास के अनुसार गौरव उर्फ गौरा के खिलाफ पहला मुकदमा वर्ष 1997 में हत्या के प्रयास और धमकी से संबंधित धाराओं में दर्ज हुआ था। इसके बाद अलग-अलग वर्षों में उसके खिलाफ विभिन्न आपराधिक मामलों में मुकदमे दर्ज होते रहे।

पुलिस रिकॉर्ड में मारपीट, जानलेवा हमला, अवैध हथियार, शराब से जुड़े अपराध, गुण्डा अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट, हत्या और एनडीपीएस एक्ट समेत कई धाराओं के मामले शामिल बताए गए हैं। वर्ष 2012 में उसके खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज होने का उल्लेख पुलिस रिकॉर्ड में है। इसके अलावा वर्ष 2015 और 2017 में गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे दर्ज किए गए।

मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में भी नाम

पुलिस के अनुसार गौरव उर्फ गौरा के खिलाफ मादक पदार्थों से जुड़े कई मामले भी दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड में वर्ष 2020 में धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट, वर्ष 2025 में धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट और वर्ष 2026 में धारा 8/20/29/60 एनडीपीएस एक्ट तथा धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज होने की जानकारी दी गई है।

पुलिस का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों और उसके कथित आपराधिक नेटवर्क को देखते हुए उसके खिलाफ पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।

61 मुकदमों का आपराधिक रिकॉर्ड बताया

पुलिस द्वारा जारी सूची में गौरव उर्फ गौरा के खिलाफ कुल 61 अभियोग दर्ज बताए गए हैं। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश, धमकी, वसूली, घर में घुसकर हमला, सरकारी कार्य में बाधा समेत विभिन्न गंभीर धाराओं के मुकदमे शामिल बताए गए हैं।

इसके अलावा उसके आपराधिक रिकॉर्ड में आबकारी अधिनियम, आर्म्स एक्ट, गुण्डा अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और एससी/एसटी अधिनियम से जुड़े मामले भी दर्ज होने की बात पुलिस ने कही है।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक वर्ष 2026 में भी उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के दो मामले दर्ज हुए। इनमें मु0अ0सं0 147/2026 में धारा 8/20/29/60 एनडीपीएस एक्ट तथा मु0अ0सं0 186/2026 में धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होने का उल्लेख है।

हरिद्वार से गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम ने की कार्रवाई

गौरव उर्फ गौरा की गिरफ्तारी के लिए गठित टीम ने उसकी तलाश करते हुए जनपद हरिद्वार में दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक दिनेश चन्द्र, उपनिरीक्षक आरिफ अली, उपनिरीक्षक तेजवीर सिंह, उपनिरीक्षक रजत चौधरी, उपनिरीक्षक विनय शर्मा, हेड कांस्टेबल गजेन्द्र सिंह और कांस्टेबल मुकेश कुमार शामिल रहे।

पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई को ऑपरेशन सवेरा के तहत मादक पदार्थों के कारोबार से जुड़े आरोपियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा बताया गया है। पुलिस का कहना है कि अभियान के तहत नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है और मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

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