मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन अभियान में जनभागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में चक्रधर संस्था मंसूरपुर की ओर से बुधवार को सराहनीय पहल की गई। संस्था ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जड़ौदा, मुजफ्फरनगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 10 टीबी मरीजों को गोद लिया। इस दौरान मरीजों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पोषण पोटली भी वितरित की गई।


यह पहल जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एपी शाही के जनभागीदारी के लिए किए जा रहे प्रयासों के तहत की गई। संस्था के पदाधिकारियों और सदस्यों ने टीबी मरीजों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए उनके उपचार के साथ-साथ पोषण पर भी विशेष ध्यान देने का संदेश दिया।

10 टीबी मरीजों को लिया गोद
23 सितंबर को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जड़ौदा में आयोजित कार्यक्रम में चक्रधर संस्था की ओर से 10 टीबी मरीजों को गोद लिया गया। संस्था की ओर से मरीजों को आश्वस्त किया गया कि उनके स्वास्थ्य और पोषण को लेकर सहयोग किया जाएगा।
टीबी के उपचार में नियमित दवा के साथ पर्याप्त और पौष्टिक आहार की भूमिका को देखते हुए संस्था ने मरीजों को पोषण पोटली उपलब्ध कराई। इसका उद्देश्य मरीजों को उपचार के दौरान आवश्यक पोषण संबंधी सहयोग प्रदान करना रहा।
जनभागीदारी से टीबी उन्मूलन पर जोर
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एपी शाही की ओर से टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में जनभागीदारी बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के तहत सामाजिक संस्थाओं को मरीजों की मदद के लिए आगे आने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसी क्रम में चक्रधर संस्था ने भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने टीबी मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। संस्था की ओर से मरीजों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की गई।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की भी मौजूदगी रही। सीएमओ कार्यालय की ओर से एसीएमओ डॉ. विपिन, डॉ. अजय और एमओईसी डॉ. भानुप्रताप उपस्थित रहे।
इसके अलावा टीबी हॉस्पिटल से साहबान, संजीव, हेमंत और नितिन त्यागी ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। चक्रधर संस्था के सभी पदाधिकारी और सदस्य भी मौके पर मौजूद रहे।
पोषण पोटली देकर दिया सहयोग का संदेश
कार्यक्रम के दौरान मरीजों को पोषण पोटली वितरित करते हुए संस्था के सदस्यों ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इस पहल के माध्यम से टीबी मरीजों के उपचार के साथ उनके पोषण और देखभाल में सामाजिक संस्थाओं की भूमिका को भी रेखांकित किया गया।
स्वास्थ्य विभाग और संस्था के प्रतिनिधियों ने कहा कि टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकारी प्रयासों के साथ समाज की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है।

