खरड़ हत्याकांड: पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे मोहन प्रजापति को पुलिस ने रोका, बोले- ‘आखिर डर किस बात का?’

खरड़ हत्याकांड: पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे मोहन प्रजापति को पुलिस ने रोका, बोले- ‘आखिर डर किस बात का?’

मुजफ्फरनगर। फुगाना थाना क्षेत्र के गांव खरड़ में 80 वर्षीय जय सिंह कश्यप उर्फ लिल्ला की मारपीट के बाद हुई मौत का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। शुक्रवार को पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे भारतीय अति पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहन प्रजापति को पुलिस ने गांव जाने से रोक दिया। पुलिस ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें घर पर ही रहने का आग्रह किया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मोहन प्रजापति ने नाराजगी जताते हुए प्रशासन और सरकार के समक्ष कई सवाल उठाए।

पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे मोहन प्रजापति

मोहन प्रजापति के अनुसार, वह खरड़ गांव में जय सिंह कश्यप के परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी लेने और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने जा रहे थे। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का प्रदर्शन या विवाद खड़ा करना नहीं था। इसी दौरान पुलिस अधिकारियों ने उन्हें गांव जाने से रोक दिया और कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए वापस घर जाने के लिए कहा।

खरड़ गांव में 15 सितंबर को 80 वर्षीय जय सिंह कश्यप उर्फ लिल्ला की मारपीट के बाद मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया था। अंतिम संस्कार को लेकर भी गतिरोध की स्थिति बनी और परिवार तथा समाज के लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी, मुआवजा और सुरक्षा सहित विभिन्न मांगें रखी थीं। अधिकारियों के आश्वासन के बाद अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया था।

पुलिस की रोक पर जताई नाराजगी

गांव जाने से रोके जाने के बाद मोहन प्रजापति ने प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वह केवल पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे और किसी तरह की कानून व्यवस्था की समस्या पैदा करना उनका उद्देश्य नहीं था। उन्होंने समाज के प्रतिनिधियों को पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति दिए जाने की बात कही।

अपने बयान में मोहन प्रजापति ने अति पिछड़े वर्ग से जुड़े लोगों की सुरक्षा को लेकर सरकार के सामने सवाल उठाए। उन्होंने प्रजापति, कश्यप और पाल समेत अति पिछड़े वर्ग के लोगों को लेकर चिंता जताते हुए सरकार से सभी मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। ये बातें उनके द्वारा लगाए गए आरोप और राजनीतिक बयान हैं, जिन पर प्रशासन की स्वतंत्र पुष्टि का उल्लेख उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं है।

सभी आरोपियों पर कार्रवाई और परिवार को मदद की मांग

मोहन प्रजापति ने खरड़ प्रकरण में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिए जाने की मांग भी उठाई।

इस मामले में पुलिस ने अब तक दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी मनोज मलिक को पहले गिरफ्तार किया गया था, जबकि 17 सितंबर को दूसरे नामजद आरोपी तेजवीर सिंह उर्फ छोटू को भी गिरफ्तार कर लिया गया। अन्य आरोपियों की तलाश जारी बताई गई है।

खरड़ में पहले भी हुआ था विरोध

जय सिंह कश्यप की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और अन्य मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। शव रखकर भी लोगों ने मुआवजा और सुरक्षा की मांग उठाई थी। प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद अंतिम संस्कार कराया गया।

इसी बीच शुक्रवार को उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेंद्र कश्यप भी पीड़ित परिवार से मिलने खरड़ पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने परिवार को मदद का भरोसा दिया और पुलिस अधिकारियों से मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर जानकारी ली।

खरड़ प्रकरण में पुलिस की ओर से जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी है। ऐसे में मोहन प्रजापति को गांव जाने से रोके जाने का मामला भी अब स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

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