मुजफ्फरनगर। मुझेडा गांव में भारतीय किसान यूनियन तोमर की ओर से आयोजित किसान पंचायत में किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर आवाज उठाई गई। किसान जागरूकता अभियान के तहत आयोजित पंचायत में किसानों ने चुनाव के दौरान किए गए वादे पूरे नहीं होने का आरोप लगाते हुए सरकार से खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की। पंचायत में सबसे प्रमुख मुद्दा गन्ने के उचित भाव का रहा। किसानों ने बढ़ती लागत के बीच गन्ने के दाम में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं होने पर नाराजगी जताई।

मुझेडा गांव में आशु के आवास पर आयोजित पंचायत की अध्यक्षता दीपक तोमर ने की, जबकि संचालन शिराजूदीन ने किया। पंचायत में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान पहुंचे और खेती से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से रखा। किसानों ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में किसान गन्ने की खेती पर निर्भर हैं, लेकिन लगातार बढ़ती लागत ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। खाद, बीज, डीजल, बिजली और मजदूरी महंगी होने के बावजूद गन्ने के मूल्य में उस अनुपात में बढ़ोतरी नहीं हो रही है।

पंचायत के मुख्य अतिथि भारतीय किसान यूनियन तोमर के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर ने किसानों की समस्याएं सुनीं और सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने गन्ने के भाव को लेकर कहा कि बाजार में चीनी के दामों में करीब 25 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है, जबकि किसानों के गन्ने के भाव में पिछले लगभग 15 वर्षों के दौरान करीब 30 रुपये की ही बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब चीनी के दाम बढ़ रहे हैं तो गन्ना पैदा करने वाले किसान को उसकी फसल का उचित मूल्य क्यों नहीं मिलना चाहिए।
संजीव तोमर ने कहा कि किसान लगातार अपनी फसल की लागत और लाभकारी मूल्य को लेकर आवाज उठा रहे हैं। खेती में इस्तेमाल होने वाली खाद, बीज, डीजल और बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ मजदूरी का खर्च भी बढ़ गया है। ऐसे में किसानों के सामने खेती की लागत निकालना भी चुनौती बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसल का उचित और लाभकारी मूल्य मिलना बेहद जरूरी है, तभी किसान आर्थिक संकट और कर्ज के बोझ से बाहर निकल सकेंगे।
सरकार को किसानों से किए वादे पूरे करने की मांग
भाकियू तोमर के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि सरकार को किसानों के हित में बड़े और ठोस फैसले लेने होंगे। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा आगामी चुनावों में किसानों का समर्थन चाहती है तो उसे किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेना होगा। उन्होंने महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण लगाने और सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की मांग भी उठाई।
उन्होंने कहा कि किसान लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। सरकार को उनकी समस्याओं की अनदेखी करने के बजाय संवाद के जरिए समाधान की दिशा में कदम उठाने चाहिए। पंचायत में मौजूद किसानों ने भी कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में खेती करना लगातार महंगा और मुश्किल होता जा रहा है। किसानों ने सरकार से चुनाव के दौरान किए गए वादों को जल्द पूरा करने की मांग की।
आशु को सौंपी गई ग्राम अध्यक्ष की जिम्मेदारी
किसान पंचायत के दौरान संगठन को गांव स्तर पर मजबूत करने के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। सर्वसम्मति से आशु को भारतीय किसान यूनियन तोमर का ग्राम अध्यक्ष नियुक्त किया गया। संगठन के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि नई जिम्मेदारी मिलने के बाद आशु गांव के किसानों की समस्याओं को मजबूती से संगठन के सामने रखेंगे और किसान हितों के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
बड़ी संख्या में पदाधिकारी और किसान रहे मौजूद
पंचायत में राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रतिनिधि पवन त्यागी, युवा जिला अध्यक्ष सोनू चौधरी और मंडल उपाध्यक्ष आशु चौधरी सहित संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। इनके अलावा हीरा बालियान, शिराजू, अजय त्यागी, दीपक तोमर, शानू, अफजाल, जग्गम, आशु, साजीद और सोनू समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय किसान पंचायत में शामिल हुए।

