मोरना। क्षेत्र में पिछले कई दिनों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश अब ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों में रहने वाले गरीब परिवारों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। भोपा थाना क्षेत्र के गांव किशनपुर में शनिवार को बारिश के चलते एक गरीब मजदूर का कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि मकान की दीवारों में दरार आने की जानकारी समय रहते परिवार को मिल गई, जिसके चलते सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। परिजनों के बाहर निकलने के कुछ ही मिनट बाद पूरा मकान भरभराकर ढह गया। मकान के मलबे में दबकर परिवार का अनाज, कपड़े, बर्तन, बिस्तर और अन्य घरेलू सामान बर्बाद हो गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव किशनपुर निवासी मजदूर मोहम्मद आजाद अपने परिवार के साथ कच्चे मकान में रहकर गुजर बसर करते हैं। शनिवार दोपहर आजाद का पुत्र मोहम्मद आदिल घर के बाहर बैठा हुआ था, जबकि परिवार के अन्य सदस्य मकान के भीतर मौजूद थे। इसी दौरान परिवार के एक बच्चे की नजर मकान की दीवार पर पड़ी। दीवार में अचानक तेज दरारें दिखाई देने पर बच्चे ने तत्काल इसकी जानकारी आदिल को दी।

मकान की हालत देखकर आदिल को अनहोनी की आशंका हुई। उसने बिना समय गंवाए घर के अंदर मौजूद अपने पिता मोहम्मद आजाद, पत्नी शमा परवीन और तीन मासूम बेटों आतिफ, आकिफ तथा अरहम को बाहर निकालना शुरू कर दिया। आदिल की तत्परता से पूरा परिवार समय रहते मकान से बाहर निकल गया।
परिजनों के सुरक्षित बाहर निकलने के कुछ ही मिनट बाद अचानक पूरा कच्चा मकान तेज आवाज के साथ भरभराकर गिर पड़ा। देखते ही देखते मकान मिट्टी के मलबे में तब्दील हो गया। हादसे के समय परिवार का कोई सदस्य मकान के भीतर मौजूद नहीं था, जिसके कारण बड़ी जनहानि होने से टल गई। हालांकि मकान के अंदर रखा परिवार का अधिकांश घरेलू सामान मलबे में दब गया और बर्बाद हो गया।
मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। पड़ोसी कमरुद्दीन, साजिद, अल्तमश और बिलकिस समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने राहत कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर मलबा हटाया और उसके नीचे दबे सामान को बाहर निकालने का प्रयास किया। हादसे के बाद मजदूर परिवार के सामने रहने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।
पीड़ित परिवार के अनुसार, कच्चे मकान के गिरने से उनका काफी सामान नष्ट हो गया है। परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा है और मजदूरी के सहारे अपना जीवन यापन करता है। ऐसे में मकान गिरने के बाद परिवार के सामने सिर छिपाने के साथ ही रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने का संकट भी पैदा हो गया है।
स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार की स्थिति का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण गांवों में कई कच्चे मकान जर्जर स्थिति में पहुंच गए हैं। ऐसे में प्रशासन को ऐसे मकानों का सर्वे कराकर जरूरतमंद परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध करानी चाहिए।
पीड़ित मोहम्मद आजाद और ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से परिवार को तत्काल खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने, मकान गिरने से हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिलाने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत परिवार को पक्का मकान उपलब्ध कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि दीवार में आई दरार की जानकारी समय रहते नहीं मिलती और परिवार मकान के भीतर ही मौजूद रहता तो यह हादसा बेहद गंभीर रूप ले सकता था। बेटे आदिल की सतर्कता और समय पर उठाए गए कदम से परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित बच गए, लेकिन मकान गिरने के बाद परिवार की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

