मुजफ्फरनगर। जनपद की रोहाना चौकी क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार बड़े डंपरों को सीज कर दिया। बताया जा रहा है कि रोहाना चौकी प्रभारी मोहित कुमार के तीन दिन पूर्व छुट्टी पर जाने के बाद क्षेत्र में अवैध खनन का खेल फिर सक्रिय हो गया था। रात करीब तीन बजे से सुबह उजाला होने तक बालू और मिट्टी के अवैध खनन की गतिविधियां चलने की सूचना सामने आई।

जानकारी के मुताबिक, चौकी प्रभारी के छुट्टी पर जाने के बाद खनन में सक्रिय लोगों ने इसे कार्रवाई से बचने का मौका समझा। आरोप है कि रात के अंधेरे में भारी-भरकम डंपरों के जरिए खनन सामग्री का परिवहन किया जा रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, तेज रफ्तार डंपरों के चलते सड़क हादसों का खतरा भी बना हुआ था।

इसी बीच चौकी प्रभारी मोहित कुमार को कथित तौर पर अपने सूत्रों से अवैध खनन की जानकारी मिली। छुट्टी पर होने के बावजूद उन्होंने रोहाना चौकी पर तैनात उपनिरीक्षक बच्चू सिंह को फोन कर कार्रवाई के निर्देश दिए। निर्देश मिलते ही एसआई बच्चू सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और छापेमारी की।
पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही खनन में जुटे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर अवैध खनन सामग्री से भरे चार बड़े डंपरों को कब्जे में लेकर सीज कर दिया।
कार्रवाई के बाद उठे कई सवाल
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चल रहे अवैध खनन को लेकर कई सवाल भी खड़े हो गए हैं। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि खनन के इस खेल को विभाग के ही एक कर्मचारी का अप्रत्यक्ष संरक्षण हासिल था। आरोप है कि चौकी प्रभारी की गैरमौजूदगी की सूचना कथित तौर पर खनन से जुड़े लोगों तक पहुंचाई जा रही थी। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं, चार डंपरों के सीज होने के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक पैरवी की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। सूत्रों का दावा है कि कुछ स्थानीय सफेदपोश सीज किए गए डंपरों को छुड़ाने के लिए पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इन दावों की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल पुलिस ने अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने की बात कही है। चार डंपरों के सीज होने की कार्रवाई से खनन से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।

