मुजफ्फरनगर में 24% ब्याज का लालच देकर मजदूर से 4 लाख की ठगी का आरोप, SSP से कार्रवाई की गुहार

मुजफ्फरनगर में 24% ब्याज का लालच देकर मजदूर से 4 लाख की ठगी का आरोप, SSP से कार्रवाई की गुहार

मुजफ्फरनगर। थाना खालापार क्षेत्र के किदवईनगर से निवेश के नाम पर एक मजदूर से चार लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने दो युवकों पर 24 प्रतिशत ब्याज का लालच देकर रकम जमा कराने और छह महीने बाद मूलधन समेत पैसा लौटाने का भरोसा देने का आरोप लगाया है। रकम वापस नहीं मिलने पर पीड़ित ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर जांच और कार्रवाई की मांग की है।

किदवईनगर के गंदा कुआं के पास रहने वाले प्रवेज पुत्र अनवर ने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह मजदूरी करता है और कम पढ़ा-लिखा है। उसके अनुसार, जैनबिया स्कूल के सामने वाली गली निवासी रिहान और नबील ने उससे संपर्क कर एक कथित कंपनी में निवेश करने के लिए कहा। आरोप है कि दोनों ने उसे निवेश पर 24 प्रतिशत ब्याज मिलने और छह महीने बाद मूलधन व ब्याज वापस करने का भरोसा दिया।

पीड़ित के मुताबिक, आरोपियों के झांसे में आकर उसने अपनी मेहनत की कमाई निवेश कर दी। शिकायत के अनुसार, उससे तीन अलग-अलग पहचान संख्याओं पर रकम जमा कराई गई। पहली पहचान संख्या पर तीन लाख रुपये, जबकि दूसरी और तीसरी पर 50-50 हजार रुपये जमा किए गए। इस तरह उसने कुल चार लाख रुपये जमा किए।

प्रवेज का आरोप है कि छह महीने की निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी उसे उसकी रकम वापस नहीं मिली। आरोपियों से पैसे मांगने पर कथित तौर पर टालमटोल की गई, जिसके बाद उसे अपने साथ धोखाधड़ी होने का संदेह हुआ।

पीड़ित ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित लोग कथित तौर पर भोले-भाले और कम पढ़े-लिखे लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश के नाम पर रकम जमा करा रहे हैं। उसने आशंका जताई है कि उसके अलावा अन्य लोगों से भी बड़ी रकम ली गई हो सकती है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

प्रवेज ने पुलिस से पूरे मामले की गहन जांच कराने और कथित निवेश नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाने की मांग की है। उसने यह भी आरोप लगाया है कि निवेश के नाम पर जुटाई गई रकम का कथित तौर पर गैरकानूनी गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा रहा है। इस आरोप की भी पुलिस जांच के बाद ही पुष्टि हो सकेगी।

मामले में बैंक लेनदेन, रकम जमा करने से जुड़े दस्तावेज, मोबाइल पर हुई बातचीत और अन्य साक्ष्य जांच में अहम हो सकते हैं। पुलिस जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा सकता है कि कथित कंपनी के माध्यम से कितने लोगों से रकम जमा कराई गई और कुल कितनी धनराशि का लेनदेन हुआ।

फिलहाल पीड़ित मजदूर ने एसएसपी से आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने और अपनी चार लाख रुपये की मेहनत की कमाई वापस दिलाने की गुहार लगाई है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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