पुराने कमर्शियल वाहन स्क्रैप कर नए पर मिलेगा बड़ा फायदा, 10 साल तक 100% रोड टैक्स माफ; रजिस्ट्रेशन फीस भी फ्री

पुराने कमर्शियल वाहन स्क्रैप कर नए पर मिलेगा बड़ा फायदा, 10 साल तक 100% रोड टैक्स माफ; रजिस्ट्रेशन फीस भी फ्री

मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने और सड़कों से पुराने तथा अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले व्यावसायिक वाहनों को हटाने के लिए परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों के लिए बड़ी प्रोत्साहन योजना लागू की है। भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की पहल के तहत निर्धारित आयु सीमा पूरी कर चुके पुराने व्यावसायिक वाहनों को अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर पर स्क्रैप कराने और उनकी जगह नए पर्यावरण अनुकूल वाहन खरीदने पर वाहन स्वामियों को टैक्स और पंजीकरण शुल्क में बड़ी राहत दी जाएगी।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन मुजफ्फरनगर की ओर से जारी आदेश के अनुसार, योजना का लाभ पात्र पुराने व्यावसायिक वाहनों को मिलेगा। इसके तहत बीएस प्रथम से बीएस चतुर्थ श्रेणी तक के पुराने वाहनों को स्क्रैप कराकर नए बीएस छह या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर विभिन्न प्रकार की आर्थिक राहत का प्रावधान किया गया है।

दस साल तक मोटर वाहन कर में मिलेगी पूरी छूट

योजना के तहत बीएस प्रथम, बीएस द्वितीय, बीएस तृतीय और बीएस चतुर्थ श्रेणी के पुराने व्यावसायिक वाहनों को अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केंद्र में स्क्रैप कराने पर नए वाहन के पंजीकरण की तारीख से दस वर्ष तक मोटर वाहन कर में 100 प्रतिशत छूट का प्रावधान किया गया है।

इससे पुराने वाहनों को हटाकर नए और कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहन खरीदने वाले वाहन स्वामियों को लंबी अवधि तक बड़ी आर्थिक राहत मिल सकेगी।

नए वाहन के पंजीकरण शुल्क में भी पूरी राहत

पुराने वाहन को स्क्रैप कराने के बाद नया बीएस छह या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर उसके पंजीकरण शुल्क में भी पूरी छूट दी जाएगी। इससे नए वाहन की खरीद के समय वाहन स्वामी पर पड़ने वाला शुरुआती आर्थिक बोझ कम होगा।

सरकार की योजना का उद्देश्य पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले व्यावसायिक वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर स्वच्छ ईंधन और आधुनिक तकनीक वाले वाहनों को बढ़ावा देना है।

वाहन निर्माता कंपनियां भी देंगी अतिरिक्त छूट

योजना के तहत वाहन निर्माता कंपनियों की ओर से नए वाहन की खरीद पर आठ प्रतिशत तक का अतिरिक्त अग्रिम डिस्काउंट उपलब्ध कराने का प्रावधान भी बताया गया है।

इसके अलावा, नए वाहन की खरीद के लिए बैंक से ऋण लेने वाले वाहन स्वामियों को ब्याज में भी निर्धारित सीमा तक राहत मिल सकती है। इस तरह वाहन मालिकों को टैक्स, पंजीकरण शुल्क, वाहन निर्माता की छूट और ऋण ब्याज में राहत जैसे कई लाभ एक साथ मिल सकते हैं।

स्क्रैप कराने पर मिलेगा सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट

पुराने वाहन को मुजफ्फरनगर स्थित पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केंद्र में स्क्रैप कराने के बाद वाहन स्वामी को सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट यानी सीओडी जारी किया जाएगा।

इसी प्रमाणपत्र के आधार पर नए पर्यावरण अनुकूल वाहन की खरीद पर योजना के तहत मिलने वाले अतिरिक्त लाभ हासिल किए जा सकेंगे। सीओडी की ट्रेडिंग की सुविधा भी वाहन स्वामियों को उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान है।

पुराने टैक्स और जुर्माने के निस्तारण की भी सुविधा

योजना के तहत यदि पुराने वाहन पर पिछला मोटर वाहन कर या कोई जुर्माना बकाया है तो निर्धारित नियमों के अनुसार उसके निस्तारण की सुविधा भी मिल सकती है।

इससे उन वाहन स्वामियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके पुराने व्यावसायिक वाहन पर कर या अन्य देनदारियां लंबित हैं। हालांकि, बकाया राशि के निस्तारण की प्रक्रिया योजना में निर्धारित नियमों के अनुसार ही होगी।

पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर ऑनलाइन पंजीकरण

परिवहन विभाग ने योजना को पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर लागू किए जाने की जानकारी दी है। पात्र वाहन स्वामी परिवहन विभाग के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से योजना के लिए पंजीकरण करा सकते हैं।

योजना का प्राथमिक लाभ एनसीआर में पंजीकृत ट्रकों और बसों सहित भारी व्यावसायिक वाहनों को मिलने की बात कही गई है। वाहन स्वामियों को सलाह दी गई है कि पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी लेकर समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।

बीएस तीन और पुराने वाहनों को स्क्रैप कराना होगा

योजना में पुराने वाहनों के लिए कुछ नियम अनिवार्य किए गए हैं। बीएस तीन और उससे पुराने वाहनों को पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केंद्र में स्क्रैप कराना जरूरी होगा।

वहीं बीएस चार श्रेणी के वाहनों के मामले में उन्हें या तो स्क्रैप कराना होगा अथवा एनसीआर से बाहर किसी गैर एनसीआर क्षेत्र में स्थानांतरित करना होगा।

नया वाहन बीएस छह या इलेक्ट्रिक होना जरूरी

योजना का लाभ लेने के लिए नया वाहन बीएस छह या उससे उच्च उत्सर्जन मानक वाला अथवा इलेक्ट्रिक वाहन होना चाहिए। नए वाहन का पंजीकरण एनसीआर क्षेत्र में ही कराया जाना आवश्यक होगा।

इस व्यवस्था के पीछे उद्देश्य पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को हटाकर एनसीआर में स्वच्छ और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है।

नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई

परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों को चेतावनी दी है कि निर्धारित आयु सीमा पूरी कर चुके वाहनों को बिना नियमानुसार प्रतिस्थापित किए सड़कों पर संचालित करने पर कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

विभाग ने व्यावसायिक वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे पुराने वाहनों को नियमानुसार स्क्रैप कराकर योजना का लाभ उठाएं और बीएस छह अथवा इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ें।

एनसीआर में प्रदूषण के बढ़ते दबाव के बीच सरकार की यह योजना पुराने व्यावसायिक वाहनों को चरणबद्ध तरीके से सड़कों से हटाने और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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