मुजफ्फरनगर। फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट और जीएसटी फर्जीवाड़े से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार सुबह मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और हरियाणा के फरीदाबाद में एक साथ बड़ी कार्रवाई की। ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय की अलग अलग टीमों ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत कुल नौ परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के केंद्र में मुजफ्फरनगर के पूर्व विधायक शाहनवाज राणा से जुड़े ठिकाने भी रहे।

ईडी की टीमों ने सोमवार सुबह करीब आठ बजे मुजफ्फरनगर के मेरठ रोड स्थित राणा हाउस, शाहनवाज राणा से जुड़े समाचार पत्र के कार्यालय और अन्य कारोबारी परिसरों में तलाशी शुरू की। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्थानीय पुलिस के साथ सीआरपीएफ के जवानों को भी तैनात किया गया। तलाशी अभियान के दौरान संबंधित परिसरों में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई।

राणा हाउस और सुधा स्टील से 1.10 करोड़ से अधिक नकदी बरामद
तलाशी अभियान के दौरान ईडी की टीम को मुजफ्फरनगर स्थित राणा हाउस और गाजियाबाद स्थित सुधा स्टील परिसर से नकदी मिलने की जानकारी सामने आई। जांच एजेंसी के आधिकारिक विवरण के अनुसार दोनों परिसरों से 1.10 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद कर जब्त की गई है।
हालांकि, स्थानीय स्तर पर कुछ रिपोर्टों में कुल नकदी बरामदगी का आंकड़ा करीब दो करोड़ रुपये तक बताए जाने की बात सामने आई, लेकिन आधिकारिक तौर पर ईडी ने 1.10 करोड़ रुपये से अधिक नकदी जब्त किए जाने की पुष्टि की है।
जांच एजेंसी की ओर से फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि राणा हाउस से बरामद पूरी नकदी सीधे तौर पर पूर्व विधायक शाहनवाज राणा की है। ईडी अब बरामद रकम के स्रोत और कथित फर्जी आईटीसी नेटवर्क से उसके संभावित संबंध की जांच कर रही है।
जम्बूद्वीप एक्सपोर्ट्स एंड इंपोर्ट्स मामले से जुड़ी जांच
ईडी की यह कार्रवाई जम्बूद्वीप एक्सपोर्ट्स एंड इंपोर्ट्स लिमिटेड से जुड़े कथित फर्जी आईटीसी नेटवर्क की जांच के तहत की जा रही है। जांच एजेंसी के अनुसार, इस नेटवर्क में वास्तविक माल की आवाजाही के बिना फर्जी इनवॉइस और ई वे बिल तैयार किए जाने का आरोप है।
इन्हीं कथित फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट तैयार कर उसे अलग अलग संस्थाओं तक पहुंचाए जाने की आशंका है। जांच में कई फर्जी और अस्तित्वहीन संस्थाओं के बनाए जाने तथा उनके माध्यम से सर्कुलर ट्रांजैक्शन और धन की लेयरिंग किए जाने की बात सामने आई है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, कथित नेटवर्क के जरिए रकम को विभिन्न खातों में घुमाने के बाद नकद निकासी किए जाने की भी जांच की जा रही है।
जीएसटी जांच में सामने आया था 9.63 करोड़ रुपये का फर्जी आईटीसी
ईडी के अनुसार, जीएसटी विभाग की जांच में करीब 9.63 करोड़ रुपये के फर्जी आईटीसी के अवैध लाभ का पता चला था। इसी रकम और उससे जुड़े धन के प्रवाह की कड़ियों को अब ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के नजरिए से खंगाल रही है।
हालांकि, कुछ स्थानीय और मीडिया रिपोर्टों में पूरे प्रकरण को करीब 20 करोड़ रुपये की कथित कर हेराफेरी से जोड़कर देखा गया है, लेकिन उपलब्ध आधिकारिक जांच विवरण में 9.63 करोड़ रुपये के फर्जी आईटीसी के अवैध लाभ का आंकड़ा सामने आया है।
सुबह आठ बजे राणा हाउस पहुंची ईडी की टीम
मुजफ्फरनगर के मेरठ रोड स्थित राणा हाउस पर सोमवार सुबह करीब आठ बजे ईडी की कई गाड़ियां पहुंचीं। टीम के पहुंचते ही परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। राणा हाउस में पूर्व सांसद कादिर राणा, पूर्व विधायक नूर सलीम राणा और पूर्व विधायक शाहनवाज राणा से जुड़े आवास बताए जाते हैं।
ईडी अधिकारियों ने परिसर में मौजूद परिवार के सदस्यों से पूछताछ की और घर में उपलब्ध दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड तथा कारोबारी गतिविधियों से संबंधित कागजात की जांच की। मुख्य प्रवेश द्वार पर स्थानीय पुलिस और सीआरपीएफ के जवान तैनात रहे।
तलाशी पूरी होने तक बिना अनुमति किसी को परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई। शाहनवाज राणा से जुड़े समाचार पत्र के कार्यालय में भी ईडी अधिकारियों ने दस्तावेज और कारोबारी रिकॉर्ड खंगाले।
स्टील कारोबारियों के ठिकाने भी जांच के दायरे में
ईडी की कार्रवाई का दायरा राणा परिवार से जुड़े परिसरों तक सीमित नहीं रहा। कथित फर्जी आईटीसी नेटवर्क से जुड़े लोहा, स्टील और सरिया कारोबारियों के ठिकानों पर भी तलाशी ली गई।
मुजफ्फरनगर में सर्वोत्तम स्टील के मालिक संजय जैन के आवास पर भी ईडी की टीम पहुंची। जानकारी के अनुसार, तीन गाड़ियों में पहुंची टीम ने तड़के करीब 5.15 बजे आवास का मुख्य द्वार खुलवाया। टीम में शामिल अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों से पूछताछ शुरू की और दस्तावेजों की जांच की।
बताया गया कि संजय जैन की पत्नी उस समय मंदिर गई थीं। ईडी टीम के अधिकारियों ने उन्हें वापस घर बुलाकर पूछताछ की।
एसडी पब्लिक स्कूल के मालिक के आवास पर भी छापा
ईडी की टीम ने एसडी पब्लिक स्कूल के मालिक आकाश कुमार के द्वारका सिटी स्थित आवास पर भी तलाशी ली। आकाश कुमार के जय बालाजी नाम से स्टील रोलिंग मिल संचालित करने की जानकारी सामने आई है।
जांच एजेंसी कथित फर्जी आईटीसी नेटवर्क में स्टील कारोबार से जुड़े लेनदेन और वित्तीय गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है।
पूर्व चेयरमैन अनिल तायल के ठिकानों पर भी पहुंची टीम
नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन अनिल तायल के नई मंडी और द्वारिकापुरी स्थित आवासों पर भी ईडी की अलग अलग टीमें पहुंचीं। द्वारिकापुरी स्थित आवास पर जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला कि मकान किराए पर दिया गया है और वहां परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था।
इसके बाद टीम कृष्णा विहार स्थित आवास पर पहुंची और वहां भी जांच की गई। ईडी अधिकारियों द्वारा कारोबारी दस्तावेजों और लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल किए जाने की जानकारी सामने आई है।
फरीदाबाद में भी एक्सपोर्ट कारोबारियों के ठिकानों पर तलाशी
ईडी की कार्रवाई का असर हरियाणा के फरीदाबाद तक दिखाई दिया। टीमों ने सेक्टर 15 में एक्सपोर्ट कारोबारी नमन अग्रवाल के आवास और सेक्टर 8 में दूसरे एक्सपोर्ट कारोबारी विनोद अग्रवाल के निवास पर भी तलाशी अभियान चलाया।
जांच एजेंसी इन सभी ठिकानों से मिले दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों को कथित फर्जी आईटीसी नेटवर्क से जोड़कर देख रही है।
कथित फर्जी कंपनियों और लेयरिंग की जांच
ईडी की जांच का मुख्य फोकस उन कथित फर्जी और अस्तित्वहीन कंपनियों पर है, जिनका इस्तेमाल फर्जी लेनदेन और आईटीसी नेटवर्क संचालित करने के लिए किए जाने का आरोप है।
जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित फर्जी इनवॉइस के जरिए किस तरह धन का लेनदेन हुआ, किन लोगों और संस्थाओं को इसका लाभ मिला और रकम को किन माध्यमों से अलग अलग खातों में स्थानांतरित किया गया।
इसके साथ ही एजेंसी कथित अपराध से अर्जित धन के स्रोत, उसके इस्तेमाल और उससे लाभान्वित लोगों की पहचान करने के लिए दस्तावेजी तथा डिजिटल साक्ष्य जुटा रही है।
‘बोल बम’ स्टिकर वाली गाड़ियों की भी रही चर्चा
मुजफ्फरनगर में ईडी की कार्रवाई के दौरान कुछ वाहनों पर ‘बोल बम’ के स्टिकर लगे होने की बात स्थानीय स्तर पर चर्चा में रही। हालांकि, आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि ऐसे स्टिकर लगे वाहन ईडी की कार्रवाई में शामिल सभी टीमों के थे या नहीं।
जांच की संवेदनशीलता को देखते हुए ईडी की टीमों की आवाजाही को लेकर शुरुआत से ही गोपनीयता बरती गई।
पुराने जीएसटी कार्रवाई मामले का भी आया जिक्र
ईडी की मौजूदा कार्रवाई के दौरान पूर्व विधायक शाहनवाज राणा से जुड़ा पुराना विवाद भी चर्चा में रहा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दिसंबर 2024 में जीएसटी टीम द्वारा कारोबारी प्रतिष्ठान पर की गई कार्रवाई के दौरान टीम पर कथित हमले के मामले में शाहनवाज राणा को गिरफ्तार किया गया था।
इस मामले में उनके परिवार से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी मुकदमे दर्ज किए गए थे। शाहनवाज राणा को पहले मुजफ्फरनगर और बाद में चित्रकूट जेल में रखा गया था। बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद उन्हें जेल से रिहा किया गया था।
हालांकि, मौजूदा ईडी कार्रवाई को एक अलग मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत जम्बूद्वीप एक्सपोर्ट्स एंड इंपोर्ट्स लिमिटेड से जुड़े कथित फर्जी आईटीसी नेटवर्क से संबंधित बताया जा रहा है।
दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जुटाने में लगी ईडी
ईडी की कई टीमों द्वारा अलग अलग परिसरों में एक साथ तलाशी लिए जाने से पूरे मामले में हलचल बढ़ गई है। जांच एजेंसी अब बरामद नकदी, दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
समाचार लिखे जाने तक मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और फरीदाबाद में ईडी की कार्रवाई जारी थी। तलाशी पूरी होने के बाद ही बरामद दस्तावेजों, नकदी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच की अगली दिशा और कार्रवाई को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

