मुजफ्फरनगर। जिले में अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने, कानून व्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर पुलिस प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने 24 और 25 अगस्त की दरमियानी रात रिजर्व पुलिस लाइन स्थित सभागार में अपराध गोष्ठी आयोजित कर जिले की कानून व्यवस्था और पुलिसिंग की विस्तृत समीक्षा की।

देर रात तक चली बैठक में जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से लेकर क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी और विभिन्न शाखाओं के प्रभारी शामिल हुए। एसएसपी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए और आम जनता की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

राष्ट्रगान के साथ शुरू हुई अपराध गोष्ठी
अपराध गोष्ठी की शुरुआत राष्ट्रगान के साथ हुई। बैठक में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक, पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ और पुलिस अधीक्षक यातायात अतुल कुमार चौबे मौजूद रहे। इनके अलावा जिले के सभी क्षेत्राधिकारी, एलआईयू प्रभारी निरीक्षक, एसओजी प्रभारी तथा विभिन्न थानों और शाखाओं के प्रभारी भी बैठक में शामिल हुए।
बैठक के दौरान एसएसपी ने थानों से लेकर जिला स्तर तक की पुलिसिंग की समीक्षा की। उन्होंने लंबित मामलों की स्थिति, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी, विशेष अभियानों की प्रगति और कानून व्यवस्था से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अधिकारियों से जानकारी ली।
टॉप टेन और हिस्ट्रीशीटर अपराधियों पर चौबीसों घंटे नजर
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने जिले के टॉप टेन अपराधियों और हिस्ट्रीशीटरों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ऐसे अपराधियों की गतिविधियों पर पुलिस की पैनी नजर रहनी चाहिए।
यदि कोई अपराधी किसी भी गैरकानूनी गतिविधि में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस को ऐसे तत्वों की गतिविधियों और मौजूदा स्थिति की लगातार जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए हैं।
अवैध शराब से लेकर हथियार तस्करी तक पर अभियान
अपराध गोष्ठी में समाज में अशांति फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। एसएसपी ने अवैध शराब, जुआ सट्टा, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध खनन, पशु तस्करी और अवैध हथियारों की तस्करी में शामिल लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
अपराध से अर्जित संपत्ति पर भी पुलिस की नजर रखने को कहा गया। एसएसपी ने निर्देश दिया कि अपराधियों द्वारा अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति के मामलों में गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत कार्रवाई की जाए और नियमानुसार ऐसी संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
एससी एसटी, पॉक्सो और महिला अपराधों के मामलों को प्राथमिकता
बैठक के दौरान थानों में लंबित मुकदमों की भी समीक्षा की गई। एसएसपी ने लंबे समय से लंबित मामलों का जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से एससी एसटी एक्ट, पॉक्सो एक्ट और महिलाओं से संबंधित अपराधों के मामलों में जांच को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा गया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक मामले की जांच गुण-दोष के आधार पर निष्पक्ष तरीके से की जाए और अनावश्यक देरी न हो। इसके साथ ही वांछित अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी तथा न्यायालयों में मामलों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि महिला और बाल अपराधों के दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके।
विशेष अभियानों की भी हुई समीक्षा
अपराध गोष्ठी में जिले में चलाए जा रहे विभिन्न विशेष अभियानों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। एसएसपी ने पुराने मामलों से संबंधित माल मुकदमाती के निस्तारण, हिस्ट्रीशीटरों, शराब तस्करों और पशु तस्करी में संलिप्त लोगों के सत्यापन की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए।
ऑपरेशन सवेरा के तहत भी प्रभावी कार्रवाई करने के लिए थाना और शाखा प्रभारियों को निर्देशित किया गया। अधिकारियों को सौंपे गए लक्ष्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया।
मिशन शक्ति के तहत महिला सुरक्षा पर विशेष जोर
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर भी एसएसपी ने अधिकारियों को विशेष दिशा निर्देश दिए। मिशन शक्ति 5.0 के तहत एंटी रोमियो स्क्वॉड, महिला पुलिसकर्मियों और बीट पुलिसकर्मियों को अपने अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने और लगातार गश्त करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस टीमों को स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग सेंटरों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने को कहा गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को पुलिस की सुरक्षा सेवाओं और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देने पर जोर दिया गया।
पुलिस के अनुसार, महिलाओं को 1090 वूमेन पावर लाइन, 181 महिला हेल्पलाइन, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, 112 पुलिस आपातकालीन सेवा और 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन के बारे में जागरूक किया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर वे तत्काल सहायता प्राप्त कर सकें।
थाने में फरियादियों के साथ हो विनम्र व्यवहार
एसएसपी ने थानों में आने वाले फरियादियों के साथ पुलिसकर्मियों के व्यवहार को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायत लेकर आने वाले लोगों, जनप्रतिनिधियों और अन्य आगंतुकों के साथ पुलिसकर्मियों का व्यवहार विनम्र और शालीन होना चाहिए।
उन्होंने थाना परिसरों को साफ सुथरा रखने, लोगों के बैठने की उचित व्यवस्था करने और पीने के साफ पानी का इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शिकायतों को गंभीरता से सुनकर उनका निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण करने पर विशेष जोर दिया गया।
डायल 112 की रिस्पांस टाइम पर भी नजर
बैठक में डायल 112 के तहत संचालित पीआरवी वाहनों के रूट और मौके पर पहुंचने के रिस्पांस टाइम की भी समीक्षा की गई। एसएसपी ने पुलिस गश्त को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
बाजारों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील स्थानों पर पेट्रोलिंग बढ़ाने को कहा गया। इसके साथ ही यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए यातायात प्रभारी और थाना प्रभारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
बेहतर काम करने वाले पुलिसकर्मियों को मिला सम्मान
अपराध गोष्ठी के दौरान बेहतर और सराहनीय कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने पुलिसकर्मियों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी पूरी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और लगन के साथ काम करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों का अच्छा काम न केवल विभाग का मनोबल बढ़ाता है, बल्कि आम जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास को भी मजबूत करता है।
बैठक के बाद खुद सड़क पर उतरे एसएसपी
अपराध गोष्ठी समाप्त होने के बाद एसएसपी संजय कुमार वर्मा देर रात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ शहर में फ्लैग मार्च पर निकले। इस दौरान उन्होंने शहरी क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। देर रात हुए फ्लैग मार्च के जरिए पुलिस ने शहर में अपनी मौजूदगी का संदेश भी दिया।
अपराध गोष्ठी और उसके बाद हुए फ्लैग मार्च से साफ है कि मुजफ्फरनगर पुलिस अपराधियों पर शिकंजा कसने के साथ ही आम जनता की सुरक्षा और महिला सुरक्षा को लेकर अपनी निगरानी और कार्रवाई को और मजबूत करने की तैयारी में है।

