मीरापुर (मुजफ्फरनगर)। कस्बे की ऐतिहासिक पहचान और पुरानी धरोहर माना जाने वाला सराय दरवाजा इन दिनों बेहद जर्जर हालत में पहुंच गया है। लगातार हो रही बारिश और आसपास जलभराव के कारण प्राचीन ढांचे की स्थिति और खराब होने की आशंका जताई जा रही है। दरवाजे के नीचे से प्रतिदिन हजारों स्थानीय लोग और वाहन गुजरते हैं। ऐसे में इसके कमजोर ढांचे को लेकर लोगों में हादसे की आशंका बनी हुई है।

वर्षों से जीर्णोद्धार की मांग, नहीं हुआ स्थायी समाधान
स्थानीय लोगों के अनुसार सराय दरवाजे के संरक्षण और जीर्णोद्धार की मांग लंबे समय से की जाती रही है। नागरिकों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर पंचायत के अधिकारियों से इसकी मरम्मत और संरक्षण की गुहार लगाई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका।

इस बीच मानसून की लगातार बारिश ने समस्या को और गंभीर कर दिया है। जलभराव के कारण प्राचीन इमारत की नींव और दीवारों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए गए तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
नगर पंचायत अधिकारियों ने किया मौके का निरीक्षण
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी नीलम पांडे, सभासद सलीम और सभासद सरताज सैफी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने सराय दरवाजे की मौजूदा स्थिति का निरीक्षण किया और भवन के कमजोर हिस्सों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि ढांचा काफी जर्जर हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार इसे केवल सामान्य मरम्मत या पैचवर्क के जरिए सुरक्षित रखना पर्याप्त नहीं होगा। ऐतिहासिक संरचना को देखते हुए इसके संरक्षण के लिए विशेषज्ञों की राय और तकनीकी जांच की जरूरत है।
पुरातत्व विभाग को भेजी गई तकनीकी रिपोर्ट
अधिशासी अधिकारी नीलम पांडे ने बताया कि सराय दरवाजा क्षेत्र की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर है। इसकी मौजूदा स्थिति को देखते हुए विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट तैयार कर पुरातत्व विभाग को भेजी गई है।
उन्होंने कहा कि नगर पंचायत बोर्ड की बैठक में जल्द ही प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके बाद सराय दरवाजे के पूर्ण पुनर्निर्माण अथवा वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
हादसे से पहले सुरक्षा इंतजाम की मांग
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण के साथ-साथ यहां से गुजरने वाले लोगों की सुरक्षा भी बेहद जरूरी है। उनका कहना है कि जब तक स्थायी संरक्षण या पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं होती, तब तक प्रशासन को मौके पर जरूरी सुरक्षात्मक इंतजाम करने चाहिए।
बारिश के मौसम में लगातार बढ़ रहे जलभराव और कमजोर हो चुके ढांचे को देखते हुए लोगों की नजर अब नगर पंचायत और संबंधित विभागों की कार्रवाई पर टिकी है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना सराय दरवाजे की सुरक्षा और संरक्षण के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं।

