मुजफ्फरनगर। मोरना क्षेत्र के कस्बा भोकरहेड़ी और आसपास के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों दोहरे वन्यजीव खतरे को लेकर दहशत का माहौल है। मोरना मार्ग स्थित एक ईंट भट्ठे पर कथित तौर पर तेंदुए जैसे पंजों के निशान मिलने और पास के तालाब में तीन मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना के बाद ग्रामीणों में भय व्याप्त है। लोगों ने वन विभाग से तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाकर वन्यजीवों को सुरक्षित पकड़ने और क्षेत्र को सुरक्षित बनाने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, मोरना मार्ग पर स्थित ताज ईंट भट्ठे में सुबह भट्ठा संचालक सरफराज और शमशाद ने बारिश के बाद गीली मिट्टी पर किसी बड़े जंगली जानवर के पंजों के निशान देखे। देखते ही देखते यह खबर पूरे क्षेत्र में फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। भट्ठे से लेकर सड़क और आसपास के खेतों तक पंजों के निशान दिखाई देने से लोगों ने आशंका जताई कि क्षेत्र में तेंदुआ घूम रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि पंजों के निशान मिलने के बाद खेतों में काम करने जाने वाले किसानों और मजदूरों में डर का माहौल है। लोगों ने बताया कि अब वे अकेले खेतों में जाने से बच रहे हैं। इसी बीच भट्ठे के निकट स्थित तालाब में तीन मगरमच्छों के दिखाई देने की सूचना ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए की आशंका और मगरमच्छों की मौजूदगी के कारण पूरे इलाके में भय का वातावरण बना हुआ है।
मामले की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। वन क्षेत्राधिकारी रविकांत चौधरी ने बताया कि गीली मिट्टी पर मिले निशानों की जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया यह कहना संभव नहीं है कि निशान तेंदुए के ही हैं। उन्होंने बताया कि यह निशान फिशिंग कैट नामक जंगली बिल्ली के भी हो सकते हैं, इसलिए विशेषज्ञ स्तर पर इनकी पुष्टि की जा रही है।
वन विभाग के अनुसार हाल ही में आई बाढ़ के कारण कई वन्यजीव अपने प्राकृतिक आवास छोड़कर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ सकते हैं। तालाब में मगरमच्छ होने की सूचना को गंभीरता से लिया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए मौके पर एक वनकर्मी की तैनाती भी कर दी गई है।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी जंगली जानवर को देखकर उसके पास जाने या उसे पकड़ने का प्रयास न करें। यदि तेंदुआ, फिशिंग कैट या मगरमच्छ दिखाई दे तो तुरंत वन विभाग को सूचना दें, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके। फिलहाल विभाग पूरे क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

