मुजफ्फरनगर में एनएच-58 पर बढ़ते सड़क हादसों को लेकर भाकियू (अराजनैतिक) का प्रदर्शन, ट्रैफिक सुरक्षा बढ़ाने की मांग

मुजफ्फरनगर में एनएच-58 पर बढ़ते सड़क हादसों को लेकर भाकियू (अराजनैतिक) का प्रदर्शन, ट्रैफिक सुरक्षा बढ़ाने की मांग

मुजफ्फरनगर। नेशनल हाईवे-58 पर लगातार हो रहे सड़क हादसों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने बुधवार को पुलिस प्रशासन के समक्ष अपनी नाराजगी जताई। संगठन के जिला अध्यक्ष चौधरी अक्षय त्यागी के नेतृत्व में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एसपी ट्रैफिक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और दुर्घटना संभावित स्थानों पर तत्काल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।

ज्ञापन में कहा गया कि ग्राम नरा, वहलना और पुरबालियान कट लंबे समय से हादसों के संवेदनशील स्थल बने हुए हैं। इन मार्गों से प्रतिदिन किसान, छात्र-छात्राएं, व्यापारी और ग्रामीण आवागमन करते हैं, लेकिन तेज रफ्तार वाहनों के कारण सड़क पार करना जोखिम भरा हो गया है। संगठन का कहना है कि इन स्थानों पर कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि अनेक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

भाकियू (अराजनैतिक) ने आरोप लगाया कि लगातार दुर्घटनाओं के बावजूद इन कटों पर ट्रैफिक पुलिस की स्थायी तैनाती और अन्य सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।

संगठन के युवा महानगर अध्यक्ष वसीम खान ने कहा कि किसान खेतों तक जाने, छात्र-छात्राएं स्कूल और कॉलेज पहुंचने तथा ग्रामीण अपने दैनिक कार्यों के लिए इन्हीं कटों का उपयोग करते हैं। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस की नियमित तैनाती और वाहनों की गति पर नियंत्रण से दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।

जिला अध्यक्ष चौधरी अक्षय त्यागी ने कहा कि संगठन का उद्देश्य विरोध करना नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित कराना है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि दुर्घटना संभावित सभी स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस की स्थायी तैनाती, चेतावनी संकेतक, स्पीड कंट्रोल के प्रभावी उपाय और सुरक्षित यातायात व्यवस्था तत्काल लागू की जाए।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया तो संगठन किसानों और ग्रामीणों के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने प्रशासन से जनहित को प्राथमिकता देते हुए एनएच-58 के दुर्घटना संभावित कटों पर तत्काल सुरक्षा व्यवस्था लागू करने और सड़क हादसों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।

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