स्वर्गीय जग माल सिंह जी का मृत देह दान स्वरूप शरीर रचना विभाग लाला लाजपतराय स्मारक मेडिकल कॉलेज मेरठ को दिया गया

स्वर्गीय जग माल सिंह जी का मृत देह दान स्वरूप शरीर रचना विभाग लाला लाजपतराय स्मारक मेडिकल कॉलेज मेरठ को दिया गया

मेडिकल कॉलेज के मीडिया प्रभारी डॉ वी डी पाण्डेय ने बताया कि जगमाल जी महावत पुर जनपद बड़ौत के निवासी थे। उनके परिवार में उनके दो बेटे और तीन बेटी हैं। आज के करीब 10 साल पहले 2012 में जग माल जी ने अपने शरीर की वसीयत मेडिकल कालेज मेरठ के नाम कर दी थी और अपने देह दान का संकल्प लिया था तथा अपने परिवार जनों से वचन लिया था कि आपलोग मेरी मृत्यु के बाद मेरे मृत शरीर मेडिकल कॉलेज मेरठ को दान कर देना। आजदिनाँक 18/08/22 को उनकी मृत्यु हो गयी उनके जेष्ठ पुत्र ने मेडिकल कॉलेज के शरीर रचना विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ प्रीती सिन्हा से सम्पर्क किया तथा उनका शरीर मेडिकल कालेज को दान कर दिया।

शरीर रचना विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ प्रीति सिन्हा ने कहा कि श्री जगमाल सिंह जी एवम उनके परिवार ने बहुत ही सराहनीय कार्य किया है शरीर रचना विभाग उनका सदैव आभारी रहेगा।

डेरा सच्चा सौदा प्रवक्ता ने बताया कि डॉक्टर एम एस जी श्री गुरुमीत राम रहीम सिंह जी इंसा के वचनो पे चलते हुए आज तक कुल 1850 देह दान देश के विभिन्न मेडिकल कॉलेज में डेरा अनुयायियों द्वारा किये जा चुके हैं। इसी के क्रम ने गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धा रखते हुए जगमाल जी ने आज अपना देह मेडिकल कॉलेज मेरठ को दान कर दिया।

प्रधानाचार्य डॉ आर सी गुप्ता ने कहा कि जगमाल जी के परिवार जनो व डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों ने समाज मे व्याप्त अन्तिम संस्कार रूपी रूढि वादिता को छोड़कर स्वर्गीय जग माल जी की अंतिम इक्षा को पूरा कर उनका संकल्प पूर्ण किया। देह दान महा दान होता है। पूरा मेडिकल कॉलेज मेरठ उनके इस पुनीत एवम पावन कार्य के लिए सदा आभारी रहेगा एवम डेरा सच्चा सौदा से भविष्य में भी इसी तरह सहयोग की आशा में प्रतीक्षारत रहेगा। प्रधानाचार्य ने यह भी कहा कि मै स्वयं नेत्र रोग विशेषज्ञ हूँ मैं सभी से निवेदन करता हूँ अधिक से अधिक संख्या में नेत्र दान एवम देह करें। जितनी संख्या में भारत मे मृत्यु होती है यदि उनका सत प्रतिशत नेत्र दान कर दिया जाय तो कार्निया सम्बंधित अंधता 15 दिनों में पूरे देश से समाप्त हो सकती है इसलिये मैं सभी कौम के लोगों को नेत्र तथा देह दान करने की अपील करता हूँ। दुनिया के सभी धर्मो में दान को सर्वोपरि माना गया है। नेत्र दान तथा देह दान की बराबरी दुनिया के किसी धन दौलत से नही की जा सकती यह दान अमूल्य है।

डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी डॉ सुमित उपाध्याय (नाक कान गला रोग विशेषज्ञ) ने कहा कि गुरु जी के द्वारा कई मानवता के कल्याण के कार्य किये जा रहे जिसमे से देहदान अंतर्गत आज मेडिकल कॉलेज मेरठ को देह दान किया गया है।

इस अवसर पर शरीर रचना विभाग के प्रधानाचार्य डॉ आर सी गुप्ता, डॉ प्रीती सिन्हा, डॉ सुमित उपाध्याय, डॉ वी डी पाण्डेय, डॉ विदित दीक्षित, श्री राम निवास, श्री दीपक, श्री नवनीत कुमार, श्री आकाश कुमार आदि उपस्थित रहे।

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