‘सबूत दें या माफी मांगें’- मेनका गांधी के बयान पर भड़का सकल जैन समाज, पिच्छी विवाद को बताया निराधार

‘सबूत दें या माफी मांगें’- मेनका गांधी के बयान पर भड़का सकल जैन समाज, पिच्छी विवाद को बताया निराधार

मुजफ्फरनगर। भारत माता चौक स्थित जैन अतिथि भवन में आयोजित सकल जैन समाज की पत्रकार वार्ता में पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के हालिया बयान को लेकर तीखी नाराजगी देखने को मिली। समाज के पदाधिकारियों ने उनके उस कथित बयान को पूरी तरह निराधार, भ्रामक और तथ्यों से परे बताते हुए कहा कि यदि उनके पास अपने आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए, अन्यथा उन्हें पूरे जैन समाज से सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना करनी चाहिए।

पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि जैन समाज सदियों से अहिंसा, जीव दया, करुणा और सत्य के सिद्धांतों का पालन करता आया है। ऐसे समाज पर इस प्रकार के गंभीर आरोप लगाना न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत करता है, बल्कि समाज की प्रतिष्ठा और छवि को भी नुकसान पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि बिना किसी तथ्य और प्रमाण के इस तरह के बयान देना उचित नहीं है।

समाज के वरिष्ठ सदस्य प्रदीप जैन ने कहा कि जैन साधु-संतों द्वारा उपयोग की जाने वाली पिच्छी (झाड़न) को लेकर लगाए गए आरोप पूरी तरह आधारहीन हैं। उन्होंने कहा कि यदि मेनका गांधी के पास इस संबंध में कोई तथ्यात्मक साक्ष्य हैं तो उन्हें सार्वजनिक मंच पर प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जैन समाज तथ्यों पर आधारित किसी भी चर्चा और संवाद के लिए हमेशा तैयार है, लेकिन निराधार आरोपों को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदीप जैन ने हाल ही में जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपने के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुए अपने वीडियो को लेकर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके बयान को संदर्भ से हटाकर प्रस्तुत किया गया, जिससे लोगों के बीच गलत संदेश गया। उनका उद्देश्य किसी भी गौ सेवक या गौ संरक्षण से जुड़े व्यक्ति का अपमान करना नहीं था।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आशय केवल इतना था कि जो लोग अपनी निजी आय और संसाधनों से गौशालाओं का संचालन कर रहे हैं या गौ सेवा में लगे हैं, वे निस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे हैं और वहां भ्रष्टाचार की संभावना बेहद कम होती है। वहीं, सरकारी अनुदान प्राप्त करने वाली संस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होना आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर अनावश्यक विवाद खड़ा किया गया।

सकल जैन समाज ने इस अवसर पर केंद्र और राज्य सरकार से गौ माता को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग भी उठाई। समाज के पदाधिकारियों का कहना था कि गौ संरक्षण केवल किसी एक वर्ग या समाज का विषय नहीं है, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने गौशालाओं के संचालन और गौ संरक्षण के लिए पारदर्शी एवं प्रभावी व्यवस्था लागू करने की भी मांग की।

पत्रकार वार्ता में गौरव जैन, पंकज जैन, राजकुमार जैन, रोहित जैन, प्रभाष जैन, विप्लव जैन, संजय कुमार, नितिन जैन, राजेश जैन, अनुज जैन सहित सकल जैन समाज के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि जैन समाज अपनी धार्मिक मान्यताओं, परंपराओं और सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा तथा किसी भी असत्य या भ्रामक आरोप का लोकतांत्रिक और तथ्यात्मक तरीके से जवाब देता रहेगा।

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