भाकियू में बड़ा संगठनात्मक बदलाव, सुमित चौधरी पचेंडा बने सदर ब्लॉक अध्यक्ष; राकेश टिकैत ने सौंपी जिम्मेदारी

भाकियू में बड़ा संगठनात्मक बदलाव, सुमित चौधरी पचेंडा बने सदर ब्लॉक अध्यक्ष; राकेश टिकैत ने सौंपी जिम्मेदारी

मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा संगठनात्मक बदलाव किया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत और राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के निर्देश पर जिले में कई ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। इसी क्रम में वरिष्ठ किसान नेता सुमित चौधरी पचेंडा को सदर ब्लॉक अध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

नियुक्ति के बाद आयोजित स्वागत समारोह में नवनियुक्त सदर ब्लॉक अध्यक्ष सुमित चौधरी पचेंडा का संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान राकेश टिकैत सहित बड़ी संख्या में भाकियू कार्यकर्ताओं ने उन्हें फूलमालाएं पहनाकर नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं और उनके नेतृत्व में संगठन को और मजबूत बनाने का भरोसा जताया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन लगातार अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सुमित चौधरी पचेंडा लंबे समय से किसानों के हितों के लिए सक्रिय रूप से संघर्ष करते रहे हैं और संगठन के प्रति उनकी निष्ठा, सक्रियता तथा समर्पण को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

उन्होंने विश्वास जताया कि सुमित पचेंडा नई जिम्मेदारी का पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निर्वहन करेंगे तथा किसानों की समस्याओं को मजबूती से उठाते हुए संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करेंगे। टिकैत ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन हमेशा किसानों के अधिकारों, सम्मान और हितों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रही है और आगे भी यह लड़ाई पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगी।

नवनियुक्त सदर ब्लॉक अध्यक्ष सुमित चौधरी पचेंडा ने संगठन के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, वह उसे पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाना, उनकी आवाज को प्रशासन तक पहुंचाना और गांव-गांव में संगठन को मजबूत करना उनकी पहली प्राथमिकता होगी।

उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा किसानों का उत्पीड़न किया गया तो भारतीय किसान यूनियन इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक हर मंच पर संघर्ष करेगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन का रास्ता भी अपनाएगा।

सुमित चौधरी पचेंडा ने अधिक से अधिक किसानों को संगठन से जोड़ने, संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और किसान हितों की लड़ाई को और प्रभावी बनाने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में भारतीय किसान यूनियन के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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